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Jaunpur News: नौ साल के बच्चे से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, 11 महीने में आया फैसला

Sat, 01 Nov 2025 07:48 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 01 Nov 2025 07:48 PM IST
सार

भारतीय न्याय संहिता की धारा में जनपद में यह दूसरी सजा है। घटना की प्राथमिकी पीड़ित बच्चे के दादा ने खेतासराय थाने में दर्ज कराई थी। वादी के अनुसार, 4 दिसंबर 2024 को शाम 7 बजे 9 वर्षीय बालक गांव में पंचायत भवन में स्थित शौचालय गया था।

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Man sentenced to life imprisonment for molesting nine-year-old boy; verdict arrived in 11 months in jaunpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट उमेश कुमार द्वितीय की अदालत ने शुक्रवार को नौ वर्षीय बच्चे से दुष्कर्म करने के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि पीड़ित को देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 11 महीने के अंदर यह फैसला सुनाया है।

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भारतीय न्याय संहिता की धारा में जनपद में यह दूसरी सजा है। घटना की प्राथमिकी पीड़ित बच्चे के दादा ने खेतासराय थाने में दर्ज कराई थी। वादी के अनुसार, 4 दिसंबर 2024 को शाम 7 बजे 9 वर्षीय बालक गांव में पंचायत भवन में स्थित शौचालय गया था। उसी दौरान आरोपी ने उसे दबोच लिया। उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपी बाहर से दरवाजा बंद करके भाग गया। पीड़ित के चिल्लाने पर एक व्यक्ति ने दरवाजा खोला। पीड़ित ने घर जाकर परिजनों को आपबीती बताई।
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पुलिस ने पीड़ित का बयान लिया और मेडिकल कराया। मजिस्ट्रेट के समक्ष भी बयान दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना कर न्यायालय में केस डायरी दाखिल कर दी। सरकारी अधिवक्ताओं ने कोर्ट में गवाहों के बयान अंकित कराए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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कोर्ट ने की विशेष टिप्पणी
कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है कि 9 वर्ष का अबोध बालक भविष्य का नागरिक है। उसकी मन स्थिति व उसके विकास को समझना व अनुकूल वातावरण तैयार करना समाज का नैतिक कर्तव्य है। किसी भी बच्चे को सशक्त एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए समाज को उसे प्रेम, सुरक्षा, शिक्षा व समान अवसर प्रदान करना होता है। बच्चे पवित्रता के प्रतीक माने जाते हैं।

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