मड़ियाहूं, जौनपुर। महाकुंभ भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर की प्रतीक है। यह बातें भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने कही। मंगलवार देर शाम को मड़ियाहूं में भतीजे ब्रह्मदेव मिश्रा के आवास पर बड़े भाई की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि महाकुंभ का आयोजन 12 वर्षों के अंतराल में होता है, यह संयोग 144 वर्षों बाद आया है। यह अवसर किसी भी व्यक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस बार महाकुंभ के आयोजन के लिए सरकार ने व्यापक प्रबंध किए हैं, ताकि हर एक श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और सुरक्षा मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी खुद आकर महाकुंभ के पूजन की प्रक्रिया को संपन्न किए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। करोड़ों लोगों के आगमन के साथ व्यवस्थाओं का सही तरीके से संचालन अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने महाकुंभ को शास्त्रीय और सामाजिक दृष्टि से भारत की सनातन परंपरा का एक अद्वितीय अवसर बताया। दिल्ली चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि आम जनता बदलाव चाहती थी। जिस प्रकार का वादा सरकार द्वारा किया गया था वह जमीन पर साकार नहीं हुआ। अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर समाजवादी पार्टी द्वारा चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए जाने की बात पर उन्होंने कहा कि हार जीत तो लगी रहती है। निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाना गलत है। इस मौके पर श्याम दत्त दुबे, सुरेश गुप्ता, संतोष कुमार दुबे, विनय सिंह, अजय मिश्रा आदि लोग रहे।