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कई धान क्रय केंद्रों पर लटक रहे ताले
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साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल का असर धान खरीद पर भी दिखने लगा है। अभी तक पीसीएफ की ओर से बनाए गए 60 साधन सहकारी समितियों पर बने केंद्रों पर एक छटांक धान की भी खरीद नहीं की जा सकी है। ऐसे में धान खरीद का लक्ष्य पूरा होने को लेकर आशंका जताई जाने लगी है।
जिले में आठ लाख 16 हजार किसान हैं। इन किसानों ने एक लाख 47 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की है। किसानों को धान बेचने में दिक्कत न हो, इसके लिए जिले में चार एजेंसियों के कुल 102 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें पीसीएफ के 60, मार्केटिंग एवं पंजीकृत समितियों के 40, मंडी समिति के एक और भारतीय खाद्य निगम के एक केंद्र शामिल हैं। उधर, शासन स्तर से जिले में एक लाख 33 हजार 500 एमटी धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य पूरा करने के लिए जिले में एक नवंबर से धान खरीद भी शुरू कर दी गई है, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण धान खरीद का लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। अभी तक 60 केंद्रों पर एक छटांक धान की खरीद भी नहीं की गई है। इन केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं। ये केंद्र साधन सहकारी समितियों पर हैं। समितियों के सचिवों की कई दिन से चल रही हड़ताल के कारण इन केंद्रों पर धान खरीद अभी शुरू ही नहीं हो सकी है। जिले में धान खरीद शुरू हुए 10 दिन बीते गए और अब तक 55 किसान ही धान बेच पाए हैं। इन किसानों की ओर से 170 एमटी धान की बिक्री केंद्रों पर की गई है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी एनके पाठक का कहना है कि पीसीएफ की ओर से 60 साधन सहकारी समितियों को धान क्रय केंद्र बनाया गया है। इन समितियों के सचिवों की हड़ताल करने के कारण धान खरीद अभी शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि धान खरीद करने की सारी सुविधाएं इन क्रय केंद्रों पर उपलब्ध हैं। हड़ताल समाप्त होने के बाद इन क्रय केंद्रों पर धान खरीद शुरू होने की उम्मीद है।
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जिले में आठ लाख 16 हजार किसान हैं। इन किसानों ने एक लाख 47 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की है। किसानों को धान बेचने में दिक्कत न हो, इसके लिए जिले में चार एजेंसियों के कुल 102 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें पीसीएफ के 60, मार्केटिंग एवं पंजीकृत समितियों के 40, मंडी समिति के एक और भारतीय खाद्य निगम के एक केंद्र शामिल हैं। उधर, शासन स्तर से जिले में एक लाख 33 हजार 500 एमटी धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य पूरा करने के लिए जिले में एक नवंबर से धान खरीद भी शुरू कर दी गई है, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण धान खरीद का लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। अभी तक 60 केंद्रों पर एक छटांक धान की खरीद भी नहीं की गई है। इन केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं। ये केंद्र साधन सहकारी समितियों पर हैं। समितियों के सचिवों की कई दिन से चल रही हड़ताल के कारण इन केंद्रों पर धान खरीद अभी शुरू ही नहीं हो सकी है। जिले में धान खरीद शुरू हुए 10 दिन बीते गए और अब तक 55 किसान ही धान बेच पाए हैं। इन किसानों की ओर से 170 एमटी धान की बिक्री केंद्रों पर की गई है।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी एनके पाठक का कहना है कि पीसीएफ की ओर से 60 साधन सहकारी समितियों को धान क्रय केंद्र बनाया गया है। इन समितियों के सचिवों की हड़ताल करने के कारण धान खरीद अभी शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि धान खरीद करने की सारी सुविधाएं इन क्रय केंद्रों पर उपलब्ध हैं। हड़ताल समाप्त होने के बाद इन क्रय केंद्रों पर धान खरीद शुरू होने की उम्मीद है।
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