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बेतहाशा ठंड और गलन से बेहाल जनजीवन
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02- भीषण कोहरे व शीतलहर की चादर में ढंका शास्त्री पुल।
- फोटो : JAUNPUR
फोटो-
चार डिग्री तक गिरा पारा, कांप गया तनमन
न्यूनतम में दो और अधिकतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट
दिन में कुछ देर के लिए निकली धूप भी नही दिला सकी ठंड से राहत
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। ठंड से राहत की उम्मीद लगाए लोगों को शुक्रवार को भी मायूसी ही हाथ लगी। तापमान और नीचे लुढ़क गया है। शीतलहर का प्रकोप भी तेज रहा। न्यूनतम तापमान चार डिग्री रिकार्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान में भी चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक वर्ष 2018 में दिसंबर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रिकार्ड किया गया था, जो कई वर्षों बाद था। इस बार ठंड ने यह रिकार्ड तोड़ दिया है। हालांकि अभी और पारा लुढ़कने की आशंका है।
मौसम विभाग ने 29 दिसंबर तक जिले में कोल्ड डे की आशंका जताई है। इस दौरान तापमान न्यूनतम तीन डिग्री तक पहुंचने की की भविष्यवाणी की है। बृहस्पतिवार को छह डिग्री तापमान पर ही लोग ठिठुर रहे थे। इस सीजन का वह सबसे ठंडा दिन था मगर शुक्रवार को ठंडी ने इस धारणा को ध्वस्त कर दिया। दिन का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेंटीग्रेड रिकार्ड किया गया। गंभीर बात यह रही कि अधिकतम तापमान भी 14 डिग्री से ऊपर नहीं चढ़ सका। बृहस्पतिवार को यह 18 डिग्री था। अचानक चार डिग्री पारा लुढ़कने से लोगों में हायतौबा मची रही। स्कूलों में छुट्टी के कारण बच्चे और महिलाएं देर तक रजाई में ही दुबकी रहीं। पुरुष सदस्यों को दफ्तर और अन्य जरुरी कार्यों के लिए बाहर निकलना पड़ा तो वह भी पूरी तरह ऊनी कपड़ों से खुद को ढके रहे। घर से मंजिल तक जगह-जगह रुक कर अलाव तापकर शरीर को गर्म करते दिखे। सर्दी में सबसे ज्यादा परेशानी यात्रा करने वालों को हो रही है। पर्याप्त शाल, स्वेटर के बाद भी उन्हें सर्द हवाओं का प्रकोप झेलना पड़ रहा है। नगर पालिका और जिला प्रशासन की ओर से रैन बसेरा, अलाव की व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है।
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इनसेट
फसलों को पाले से बचाने की चिंता, खतरे में आलू
जौनपुर। ठंड का यह मौसम आम जनजीवन के साथ ही फसलों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रही है। ऐसे में किसानों को सतर्कता बरतना जरुरी है। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के मौसम वैज्ञानिक डॉ.पंकज जायसवाल ने बताया कि तापमान लगातार गिरने से फसलों में रोग की संभावना बढ़ने लगी है। सरसों में सफेद रतुआ रोग की नियमित निगरानी करें। इसके बचाव के लिए मैंको जेब दो ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। आने वाले समय में माहू कीट सरसों की फसल में लगने की संभावना है। आलू में झुलसा रोग संभावना बनी हुई है। फसलों की निगरानी नियमित करते रहें। आलू में झुलसा रोग के बचाव के लिए डाईथेन-एम 45 की दो ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। आने वाले दिनों में भीषण ठंड के आसार हैं।
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गांवों में रैन बसेरा नहीं, अलाव भी कम
सिंगरामऊ/रामपुर। पूस की कड़कड़ाती ठंड में क्षेत्र में मुफ्तीगंज क्षेत्र न तो कहींरैन बसेरा बना है और न तो किसी चट्टी चौराहे पर अलाव जल रहा है। मुफ्तीगंज, बेलाव, देवकली, इटैली, आजादनगर, बारी, पेसारा, बग्थरी आदि गांवों के लोग कांपते हुए बाजार आ रहे हैं और खरीदारी कर ठिठुरते हुए ही लौटने को मजबूर हैं। स्वयंसेवी संगठनों ने कुछ स्थानों पर गरीबो में कंबल वितरण किया है। उधर, सिंगरामऊ क्षेत्र में भी सर्दी से लोग शुक्रवार को बेहाल रहे। स्वेटर, जैकेट और शॉल लोग लिपटे नजर आए। घर से खरीदारी करने निकले लोग ठिठुरते-कांपते ही नजर आए। सरकारी दफ्तरों में भी ठंड का असर दिखा। रामपुर बाजार में अब तक अलाव न जलाए जाने से यात्री सहित सामान्य वर्ग के लोग बेहाल हैं। इससे लोगों में रोष है। रामपुर के किसी चौराहे या किसी भी स्थान पर अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है।
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चार डिग्री तक गिरा पारा, कांप गया तनमन
न्यूनतम में दो और अधिकतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट
दिन में कुछ देर के लिए निकली धूप भी नही दिला सकी ठंड से राहत
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। ठंड से राहत की उम्मीद लगाए लोगों को शुक्रवार को भी मायूसी ही हाथ लगी। तापमान और नीचे लुढ़क गया है। शीतलहर का प्रकोप भी तेज रहा। न्यूनतम तापमान चार डिग्री रिकार्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान में भी चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक वर्ष 2018 में दिसंबर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रिकार्ड किया गया था, जो कई वर्षों बाद था। इस बार ठंड ने यह रिकार्ड तोड़ दिया है। हालांकि अभी और पारा लुढ़कने की आशंका है।
मौसम विभाग ने 29 दिसंबर तक जिले में कोल्ड डे की आशंका जताई है। इस दौरान तापमान न्यूनतम तीन डिग्री तक पहुंचने की की भविष्यवाणी की है। बृहस्पतिवार को छह डिग्री तापमान पर ही लोग ठिठुर रहे थे। इस सीजन का वह सबसे ठंडा दिन था मगर शुक्रवार को ठंडी ने इस धारणा को ध्वस्त कर दिया। दिन का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेंटीग्रेड रिकार्ड किया गया। गंभीर बात यह रही कि अधिकतम तापमान भी 14 डिग्री से ऊपर नहीं चढ़ सका। बृहस्पतिवार को यह 18 डिग्री था। अचानक चार डिग्री पारा लुढ़कने से लोगों में हायतौबा मची रही। स्कूलों में छुट्टी के कारण बच्चे और महिलाएं देर तक रजाई में ही दुबकी रहीं। पुरुष सदस्यों को दफ्तर और अन्य जरुरी कार्यों के लिए बाहर निकलना पड़ा तो वह भी पूरी तरह ऊनी कपड़ों से खुद को ढके रहे। घर से मंजिल तक जगह-जगह रुक कर अलाव तापकर शरीर को गर्म करते दिखे। सर्दी में सबसे ज्यादा परेशानी यात्रा करने वालों को हो रही है। पर्याप्त शाल, स्वेटर के बाद भी उन्हें सर्द हवाओं का प्रकोप झेलना पड़ रहा है। नगर पालिका और जिला प्रशासन की ओर से रैन बसेरा, अलाव की व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है।
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इनसेट
फसलों को पाले से बचाने की चिंता, खतरे में आलू
जौनपुर। ठंड का यह मौसम आम जनजीवन के साथ ही फसलों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रही है। ऐसे में किसानों को सतर्कता बरतना जरुरी है। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के मौसम वैज्ञानिक डॉ.पंकज जायसवाल ने बताया कि तापमान लगातार गिरने से फसलों में रोग की संभावना बढ़ने लगी है। सरसों में सफेद रतुआ रोग की नियमित निगरानी करें। इसके बचाव के लिए मैंको जेब दो ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। आने वाले समय में माहू कीट सरसों की फसल में लगने की संभावना है। आलू में झुलसा रोग संभावना बनी हुई है। फसलों की निगरानी नियमित करते रहें। आलू में झुलसा रोग के बचाव के लिए डाईथेन-एम 45 की दो ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। आने वाले दिनों में भीषण ठंड के आसार हैं।
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गांवों में रैन बसेरा नहीं, अलाव भी कम
सिंगरामऊ/रामपुर। पूस की कड़कड़ाती ठंड में क्षेत्र में मुफ्तीगंज क्षेत्र न तो कहींरैन बसेरा बना है और न तो किसी चट्टी चौराहे पर अलाव जल रहा है। मुफ्तीगंज, बेलाव, देवकली, इटैली, आजादनगर, बारी, पेसारा, बग्थरी आदि गांवों के लोग कांपते हुए बाजार आ रहे हैं और खरीदारी कर ठिठुरते हुए ही लौटने को मजबूर हैं। स्वयंसेवी संगठनों ने कुछ स्थानों पर गरीबो में कंबल वितरण किया है। उधर, सिंगरामऊ क्षेत्र में भी सर्दी से लोग शुक्रवार को बेहाल रहे। स्वेटर, जैकेट और शॉल लोग लिपटे नजर आए। घर से खरीदारी करने निकले लोग ठिठुरते-कांपते ही नजर आए। सरकारी दफ्तरों में भी ठंड का असर दिखा। रामपुर बाजार में अब तक अलाव न जलाए जाने से यात्री सहित सामान्य वर्ग के लोग बेहाल हैं। इससे लोगों में रोष है। रामपुर के किसी चौराहे या किसी भी स्थान पर अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है।