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Jaunpur News: हत्या के दोषी दामाद को आजीवन कारावास
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जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार राय ने नेवढ़िया क्षेत्र में छह वर्ष पूर्व राजनाथ सिंह की गोली मारकर की गई हत्या करने के दोषी दामाद धीरेंद्र सिंह को उम्रकैद एवं 61,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
वादी के अनुसार कमला देवी निवासी बनेवरा ने नेवढ़िया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका दामाद धीरेंद्र सिंह निवासी मधुपुर,नेवढ़िया तीन सितंबर 2018 को 10.30 बजे रात गुजरात से आया और पत्नी किरन देवी को गालियां देते हुए बुला रहा था। किरन घर से बाहर नहीं निकली। वादिनी के पति राजनाथ सिंह ने धीरेंद्र को गाली देने से मना किया और कहा कि किरन को रात में लेकर कहां जाओगे। इस पर धीरेंद्र सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से राजनाथ को गोली मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची भीड़ पर भी धीरेंद्र ने गोली चलाई जिससे दिनेश सिंह, अखिलेश व धर्मेंद्र घायल हो गए। धीरेंद्र सिंह मौके से गिरफ्तार हुआ। उसकी निशानदेही पर गन पुलिस ने बरामद किया। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी वकील वीरेंद्र प्रताप मौर्य ने कोर्ट में गवाहों का बयान अंकित कराया । कोर्ट में वादिनी व अन्य गवाह पक्षद्रोही हो गए। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी धीरेंद्र को हत्या, हत्या के प्रयास एवं आर्म्स एक्ट में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
दोस्त की हत्या करने पर मिली उम्रकैद
जौनपुर। जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल ने शनिवार को शाहगंज थाना क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व वादी के पुत्र सतीश की चाकू मारकर हत्या करने के दोषी परवेश उर्फ प्रवेश को उम्रकैद व 20,000 रुपये का अर्थदंड लगाया। घटना की प्राथमिकी मृतक सतीश के पिता सुभाष चंद्र निवासी ग्राम बड़ौना ने थाना शाहगंज में दर्ज कराई थी।
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वादी के अनुसार घटना के एक दिन पहले वादी के पुत्र सतीश ने अपने दोस्त परवेश उर्फ प्रवेश से कहा था कि तुम्हारी खराब आदत के कारण तुम्हारी औरत चली गई। इस पर प्रवेश ने सतीश को थप्पड़ मारा था और अपने दोस्तों से कहा था कि सतीश ने बेइज्जती की है, उसे मारूंगा। दूसरे दिन 25 अगस्त 2020 को शाम 6.30 बजे उसका लड़का घर से 500 मीटर दूर शौच के लिए गया था। तभी प्रवेश ने उस पर चाकू से प्रहार कर उसे घायल कर दिया। शोर पर भतीजा किशन वहां पहुंचा तो सतीश ने प्रवेश द्वारा चाकू से हमला करना बताया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने सतीश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने प्रवेश की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में चाकू पर भी मानव रक्त पाया गया। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश कुमार पांडेय ने कोर्ट में गवाहों का बयान अंकित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रवेश को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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वादी के अनुसार कमला देवी निवासी बनेवरा ने नेवढ़िया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका दामाद धीरेंद्र सिंह निवासी मधुपुर,नेवढ़िया तीन सितंबर 2018 को 10.30 बजे रात गुजरात से आया और पत्नी किरन देवी को गालियां देते हुए बुला रहा था। किरन घर से बाहर नहीं निकली। वादिनी के पति राजनाथ सिंह ने धीरेंद्र को गाली देने से मना किया और कहा कि किरन को रात में लेकर कहां जाओगे। इस पर धीरेंद्र सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से राजनाथ को गोली मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची भीड़ पर भी धीरेंद्र ने गोली चलाई जिससे दिनेश सिंह, अखिलेश व धर्मेंद्र घायल हो गए। धीरेंद्र सिंह मौके से गिरफ्तार हुआ। उसकी निशानदेही पर गन पुलिस ने बरामद किया। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी वकील वीरेंद्र प्रताप मौर्य ने कोर्ट में गवाहों का बयान अंकित कराया । कोर्ट में वादिनी व अन्य गवाह पक्षद्रोही हो गए। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी धीरेंद्र को हत्या, हत्या के प्रयास एवं आर्म्स एक्ट में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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दोस्त की हत्या करने पर मिली उम्रकैद
जौनपुर। जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल ने शनिवार को शाहगंज थाना क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व वादी के पुत्र सतीश की चाकू मारकर हत्या करने के दोषी परवेश उर्फ प्रवेश को उम्रकैद व 20,000 रुपये का अर्थदंड लगाया। घटना की प्राथमिकी मृतक सतीश के पिता सुभाष चंद्र निवासी ग्राम बड़ौना ने थाना शाहगंज में दर्ज कराई थी।
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वादी के अनुसार घटना के एक दिन पहले वादी के पुत्र सतीश ने अपने दोस्त परवेश उर्फ प्रवेश से कहा था कि तुम्हारी खराब आदत के कारण तुम्हारी औरत चली गई। इस पर प्रवेश ने सतीश को थप्पड़ मारा था और अपने दोस्तों से कहा था कि सतीश ने बेइज्जती की है, उसे मारूंगा। दूसरे दिन 25 अगस्त 2020 को शाम 6.30 बजे उसका लड़का घर से 500 मीटर दूर शौच के लिए गया था। तभी प्रवेश ने उस पर चाकू से प्रहार कर उसे घायल कर दिया। शोर पर भतीजा किशन वहां पहुंचा तो सतीश ने प्रवेश द्वारा चाकू से हमला करना बताया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने सतीश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने प्रवेश की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में चाकू पर भी मानव रक्त पाया गया। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश कुमार पांडेय ने कोर्ट में गवाहों का बयान अंकित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रवेश को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।