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हत्या के मामले में सातवें आरोपी को भी उम्रकैद
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जफराबाद थाना क्षेत्र के महरूपुर गांव में 14 वर्ष पूर्व हुए हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी रमेश चौबे के खिलाफ अपर सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद्र शुक्ला की अदालत ने मंगलवार को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की आधी रकम मृतक के वारिस को देने का आदेश अदालत ने दिया है। इस मामले में छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है। सातवां आरोपी फरार चल रहा था जिससे उसकी पत्रावली मुकदमे से अलग कर दी गई थी।
महरूपुर निवासी सुरेंद्र सिंह ने जफराबाद थाने में सात अक्तूबर 2007 को मुकदमा दर्ज कराया था कि महरुपुर गांव में बबलू सिंह के यहां बरही का आयोजन था । जिसमें वादी व वादी का पुत्र विजय प्रकाश सिंह व अजय प्रकाश सिंह एक साथ गए थे। जहां से अजय बगल के चिकित्सक के पास जांच रिपोर्ट लेने चला गया तथा रिपोर्ट लेने के बाद वापस आ रहा था। और वादी व वादी का बड़ा लड़का खाना खाकर घर जा रहे थे। करीब 8 बजे रात्रि वादी का लड़का महरुपुर निवासी साधु सिंह के घर के पास पहुंचा था तभी वहां वादी के पट्टीदार रामाज्ञा सिंह, दीपक सिंह, सनी सिंह, एवं रमेश चौबे निवासी ग्राम गोगांव थाना जिगना जिला मिर्जापुर व अन्य अभियुक्त असलहा से लैस होकर अजय प्रकाश की मोटरसाइकिल रोक कर फायरिंग कर दिए। गांव वालों के आने पर हमलावर मोटरसाइकिल छोड़कर फरार हो गए। अजय प्रकाश को चिकित्सक के पास लेकर गए जहां उसकी मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने पुलिस ने विवेचना कर सात अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। गवाही के दौरान रमेश चौबे फरार हो गया था जिसके कारण उसकी पत्रावली 4 मार्च 2010 को अलग कर दी गई थी। अन्य छह अभियुक्तों को 13 जून 2016 को सजा सुनाई गई। बाद में अभियुक्त रमेश चौबे गिरफ्तार हुआ और विचारण के बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ भी उम्र कैद की सजा सुनाई।
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महरूपुर निवासी सुरेंद्र सिंह ने जफराबाद थाने में सात अक्तूबर 2007 को मुकदमा दर्ज कराया था कि महरुपुर गांव में बबलू सिंह के यहां बरही का आयोजन था । जिसमें वादी व वादी का पुत्र विजय प्रकाश सिंह व अजय प्रकाश सिंह एक साथ गए थे। जहां से अजय बगल के चिकित्सक के पास जांच रिपोर्ट लेने चला गया तथा रिपोर्ट लेने के बाद वापस आ रहा था। और वादी व वादी का बड़ा लड़का खाना खाकर घर जा रहे थे। करीब 8 बजे रात्रि वादी का लड़का महरुपुर निवासी साधु सिंह के घर के पास पहुंचा था तभी वहां वादी के पट्टीदार रामाज्ञा सिंह, दीपक सिंह, सनी सिंह, एवं रमेश चौबे निवासी ग्राम गोगांव थाना जिगना जिला मिर्जापुर व अन्य अभियुक्त असलहा से लैस होकर अजय प्रकाश की मोटरसाइकिल रोक कर फायरिंग कर दिए। गांव वालों के आने पर हमलावर मोटरसाइकिल छोड़कर फरार हो गए। अजय प्रकाश को चिकित्सक के पास लेकर गए जहां उसकी मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने पुलिस ने विवेचना कर सात अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। गवाही के दौरान रमेश चौबे फरार हो गया था जिसके कारण उसकी पत्रावली 4 मार्च 2010 को अलग कर दी गई थी। अन्य छह अभियुक्तों को 13 जून 2016 को सजा सुनाई गई। बाद में अभियुक्त रमेश चौबे गिरफ्तार हुआ और विचारण के बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ भी उम्र कैद की सजा सुनाई।
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