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Jaunpur News: बच्ची के साथ दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद
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जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट उमेश कुमार द्वितीय की अदालत ने सिंगरामऊ क्षेत्र निवासी आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने व धमकी देने के दोषी सूर्य प्रकाश अग्रहरि को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 55 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया। दोषी ने दुष्कर्म के बाद बच्ची के रोने पर दो रुपये देकर फुसलाने की भी कोशिश की थी।
पीड़िता के भाई ने 6 जून 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 5 जून 2023 की शाम 7 बजे आरोपी सूर्य प्रकाश उर्फ पिंटू की साइकिल की दुकान के पास पीड़िता टॉफी खा रही थी। आरोपी ने उसे टटरा पकड़वाने के बहाने बुलाया और दुकान के अंदर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता रोने लगी तो उसे दो रुपये दिया और सामान खरीदकर खाने को कहा। साथ ही किसी से बताने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता रोते हुए घर आई और आप बीती बताई। पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराया और विवेचना कर कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा कि 8 साल की बच्ची मासूमियत का प्रतीक होती हैं। भारतीय समाज में बालिकाओं को देवी का स्वरूप माना गया है। कन्या की रक्षा का दायित्व परिवार के साथ-साथ समाज पर भी होता है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोष सिद्ध को कठोर सजा दी जाए, ताकि ऐसे अपराध करने वाले व्यक्तियों के लिए कठोर संदेश जाए।
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पीड़िता के भाई ने 6 जून 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 5 जून 2023 की शाम 7 बजे आरोपी सूर्य प्रकाश उर्फ पिंटू की साइकिल की दुकान के पास पीड़िता टॉफी खा रही थी। आरोपी ने उसे टटरा पकड़वाने के बहाने बुलाया और दुकान के अंदर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता रोने लगी तो उसे दो रुपये दिया और सामान खरीदकर खाने को कहा। साथ ही किसी से बताने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता रोते हुए घर आई और आप बीती बताई। पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराया और विवेचना कर कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा कि 8 साल की बच्ची मासूमियत का प्रतीक होती हैं। भारतीय समाज में बालिकाओं को देवी का स्वरूप माना गया है। कन्या की रक्षा का दायित्व परिवार के साथ-साथ समाज पर भी होता है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोष सिद्ध को कठोर सजा दी जाए, ताकि ऐसे अपराध करने वाले व्यक्तियों के लिए कठोर संदेश जाए।
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