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Jaunpur News: जमीन के विवाद में लाठी से पीटकर की चाचा की हत्या
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अकरम शाह, फाइल फोटो
खेतासराय (जौनपुर)। रानीमऊ गांव में मंगलवार को जमीन के विवाद में पट्टीदारों ने लाठी से पीटकर अकरम शाह (60) की हत्या कर दी। मृतक आरोपियों के चाचा थे। मृतक की पत्नी नरगिस की तहरीर पर पुलिस ने चार पुरुषों और एक महिला सहित पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी नरगिस का आरोप है कि पट्टीदार वहाजूल से जमीन का विवाद चल रहा था। इसी जमीन के बंटवारे के विवाद में कोर्ट ने जमीन की पैनाइश कराकर बंटवारा करने का आदेश दिया था। आरोप है कि मंगलवार को पट्टीदार के बेटों ने जमीन में लगे गेट में ताला बंद कर दिया। इसके बाद अकरम ने भी अपना ताला जड़ दिया। इसी बात के लिए विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके घर और दुकान में भी ताला बंद दिया। इसके बाद पट्टीदारों के बेटों ने रानीमऊ सड़क पर अकरम को घेरकर लाठी से पीटने लगे। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि नरगिस की तहरीर पर मो. फरहान, मो. रिजवान, अदनान, रेहान पुत्र वहाजूल और हुस्नआरा के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
समय से हो जाती पैमाइश तो बच सकती थी अकरम की जान
मृतक की पत्नी नर्गिस ने बताया कि नवंबर 2025 में एसडीएम शाहगंज के न्यायालय से विवादित जमीन की पैमाइश के लिए लगभग एक साल पहले आदेश जारी हुआ था। लेखपाल ने उस आदेश का पालन नहीं किया। उसके बाद पीड़ित ने दोबारा न्यायालय में पैमाइश के लिए गुहार लगाई। पैमाइश नहीं हुई तो उन्होंने ने उच्च न्यायालय में वाद दाखिल किया था। इसी दौरान उनकी हत्या हो गई। आरोप लगाया कि अगर न्यायालय के आदेश का पालन हुआ होता तो शायद आज यह घटना नहीं घटती।
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समय से हो जाती पैमाइश तो बच सकती थी अकरम की जान
मृतक की पत्नी नर्गिस ने बताया कि नवंबर 2025 में एसडीएम शाहगंज के न्यायालय से विवादित जमीन की पैमाइश के लिए लगभग एक साल पहले आदेश जारी हुआ था। लेखपाल ने उस आदेश का पालन नहीं किया। उसके बाद पीड़ित ने दोबारा न्यायालय में पैमाइश के लिए गुहार लगाई। पैमाइश नहीं हुई तो उन्होंने ने उच्च न्यायालय में वाद दाखिल किया था। इसी दौरान उनकी हत्या हो गई। आरोप लगाया कि अगर न्यायालय के आदेश का पालन हुआ होता तो शायद आज यह घटना नहीं घटती।
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