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Jaunpur News: भूमि विवाद मामले में 30 साल बाद मिला न्याय
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सिविल जज जूनियर डिविजन शहर सुधा शर्मा की अदालत ने मंगलवार को विचाराधीन मुकदमे में फैसला सुनाया। 30 साल बाद भूमि विवाद के इस मामले में वादी का वाद निरस्त करते हुए विपक्षी के पक्ष में फैसला आया। इस मुकदमे में पैरवी के दौरान विपक्षी सुलेमान की मृत्यु हो गई है।
बता दें कि वादी बद्री ने 21 अप्रैल 1994 को विपक्षी सुलेमान व अन्य निवासी ग्राम बीबनमऊ की जमीन को हड़पने की नीयत से कोर्ट में बीबनमऊ का मूल निवासी बनकर मुकदमा दाखिल किया था। विपक्षी ने अपने अधिवक्ता रमेश चंद्र उपाध्याय के माध्यम से कोर्ट में हाजिर होकर पैरवी किया। विपक्षी के अधिवक्ता ने जवाबदेही दाखिल किया। इसमें कोर्ट में यह साक्ष्य प्रस्तुत किया कि वादी बद्री मूल रूप से ग्राम पडरक्षा केराकत का रहने वाला है और गलत ढंग से विपक्षी सुलेमान की जमीन को हड़पने के लिए मुकदमा दाखिल किया। विपक्षी ने अपने बैनामे की कॉपी व साक्ष्य कोर्ट में दाखिल करके गवाहों का बयान दर्ज कराया। कोर्ट ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का परिशीलन करने और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद वादी बद्री के वाद को निरस्त कर दिया।
एसडीएम के आदेश पर 20 वर्ष पुराना मामला निस्तारित
बदलापुर। क्षेत्र के कमलापुर गांव में दो व्यक्तियों के बीच लगभग 20 वर्ष से चल रहे भूमि विवाद का एसडीएम अर्चना ओझा के आदेश पर निस्तारित कर दिया गया। पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर मामला निबटारा किया। गांव निवासी श्रीराम और रामअधार के भूमि की कई बार राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश कराई गई। परंतु इसे एक पक्ष मानने के लिए तैयार नहीं था। आए दिन विवाद बना रहता था। यह मामला ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारी के समक्ष पेश हुआ। मामले को गंभीरतापूर्वक सुना और उसे त्वरित निस्तारण के लिए कोतवाली पुलिस एवं तहसीलदार को मौके पर पहुंचकर मामले को हल कराने के लिए निर्देश दिया। राजस्व निरीक्षक, लेखपाल मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों को बैठाकर घंटों समझाया-बुझाया। अधिकारियों के काफी परिश्रम के बाद दोनों पक्ष संतुष्ट हुए और भूमि की पैमाइश के लिए राजी हुए। घंटों पैमाइश के बाद सीमांकन करा कर चिह्नित कराया गया।
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बता दें कि वादी बद्री ने 21 अप्रैल 1994 को विपक्षी सुलेमान व अन्य निवासी ग्राम बीबनमऊ की जमीन को हड़पने की नीयत से कोर्ट में बीबनमऊ का मूल निवासी बनकर मुकदमा दाखिल किया था। विपक्षी ने अपने अधिवक्ता रमेश चंद्र उपाध्याय के माध्यम से कोर्ट में हाजिर होकर पैरवी किया। विपक्षी के अधिवक्ता ने जवाबदेही दाखिल किया। इसमें कोर्ट में यह साक्ष्य प्रस्तुत किया कि वादी बद्री मूल रूप से ग्राम पडरक्षा केराकत का रहने वाला है और गलत ढंग से विपक्षी सुलेमान की जमीन को हड़पने के लिए मुकदमा दाखिल किया। विपक्षी ने अपने बैनामे की कॉपी व साक्ष्य कोर्ट में दाखिल करके गवाहों का बयान दर्ज कराया। कोर्ट ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का परिशीलन करने और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद वादी बद्री के वाद को निरस्त कर दिया।
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एसडीएम के आदेश पर 20 वर्ष पुराना मामला निस्तारित
बदलापुर। क्षेत्र के कमलापुर गांव में दो व्यक्तियों के बीच लगभग 20 वर्ष से चल रहे भूमि विवाद का एसडीएम अर्चना ओझा के आदेश पर निस्तारित कर दिया गया। पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर मामला निबटारा किया। गांव निवासी श्रीराम और रामअधार के भूमि की कई बार राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश कराई गई। परंतु इसे एक पक्ष मानने के लिए तैयार नहीं था। आए दिन विवाद बना रहता था। यह मामला ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारी के समक्ष पेश हुआ। मामले को गंभीरतापूर्वक सुना और उसे त्वरित निस्तारण के लिए कोतवाली पुलिस एवं तहसीलदार को मौके पर पहुंचकर मामले को हल कराने के लिए निर्देश दिया। राजस्व निरीक्षक, लेखपाल मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों को बैठाकर घंटों समझाया-बुझाया। अधिकारियों के काफी परिश्रम के बाद दोनों पक्ष संतुष्ट हुए और भूमि की पैमाइश के लिए राजी हुए। घंटों पैमाइश के बाद सीमांकन करा कर चिह्नित कराया गया।
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