फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   jaunpur news

पुत्र की लंबी आयु के लिए महिलाओं ने रखा जीवित्पुत्रिका व्रत

Sun, 22 Sep 2019 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Sep 2019 11:33 PM IST
विज्ञापन
jaunpur news
जौनपुर। महिलाओं ने पुत्र की लंबी आयु के रविवार को जीवित्पुत्रिका व्रत (जिउतिया) रख कर विधि विधान से पूजन किया। महिलाओं ने 24 घंटे का निर्जला व्रत रख कर पुत्र की सलामती और स्वस्थ जीवन की कामना की। जीवित्पुत्रिका व्रत हर वर्ष अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाता है। इस व्रत की शुरुआत सप्तमी से नहाय-खाय के साथ हो जाती है। व्रत का पारण नवमी को होता है। इस दौरान महिलाएं गोट बना कर कहानी सुनती हैं।
विज्ञापन

जिउतिया को लेकर रविवार को सुबह ही महिलाओं ने घर की साफ सफाई कर प्रसाद आदि बनाने में जुट गई। सुबह से पूजा के सामानों की दुकानें सज गई थीं। व्रत के चलते फलों के दाम भी बढ़ गए थे। शहर के पालिटेक्निक चौराहा, नईगंज, मछलीशहर पड़ाव, लाइन बाजार, मल्हनी पड़ाव, शाहगंज पड़ाव, कुत्तुपुर के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी विधि विधान के साथ जीउतिया की पूजा हुई। दोपहर बाद महिलाएं प्रसाद का सामान लेकर पूजा स्थल पर पहुंची। जहां पहले से बने गोट के चारों तरफ महिलाएं घेरा बना कर बैठ गईं। जहां जीउतिया की कथा सुनी। जगह-जगह मेले का भी आयोजन किया गया। इस व्रत की संबंध महाभारत काल से जुड़ा है। महाभारत के युद्ध में अपने पिता की मौत के बाद अश्वत्थामा बहुत नाराज था। उसके हृदय में बदले की भावना भड़क रही थी। इसी के चलते वह पांडवों के शिविर में घुस गया। शिविर के अंदर पांच लोग सो रहे थे। अश्वत्थामा ने पांडव समझ कर उन्हें मार डाला। वह सभी द्रोपदी की पांच संतानें थीं। फिर अर्जुन ने उसे बंदी बना कर उसकी। और उनकी दिव्य मणि छीन ली। अश्वत्थामा ने बदला लेने के लिए अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ में पल रहे बच्चे को मारने की साजिश रची। उसने ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल कर उत्तरा के गर्भ को नष्ट कर दिया। ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने सभी पुण्यों का फल उत्तरा की अजन्मी संतान को देकर उसको गर्भ में फिर से जीवित कर दिया। गर्भ में मर कर जीवित होने के कारण उस बच्चे का नाम जीवित्पुत्रिका पड़ा। तब से ही संतान की लंबी उम्र और मंगलमय जीवन के लिए जिउतिया का व्रत महिलाएं करती हैं। आगे चलकर यही बच्चा राजा परीक्षित बना।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed