जौनपुर: ताजिया को लेकर हुए हंगामे पर दरोगा लाइन हाजिर, सीओ को सौंपी जांच
मोहर्रम में ताजिया जुलूस प्रतिबंधित होने की वजह से शाहगंज कोतवाली पुलिस ने ताजिया बनाने से मना किया था। आरोप है कि शुक्रवार की रात दारोगा मोहल्ला भादी खास पहुंचे। जहां एक घर में बने पांच-छह बने ताजिए को क्षतिग्रस्त कर दिया था। जिसके बाद कोतवाली का घेराव किया और परिसर में मातम किया।
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जौनपुर जिले के शाहगंज कोवाली क्षेत्र में ताजिया को लेकर हुए विवाद में एक दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी अजय साहनी ने बताया कि जब डीएम मनीष कुमार वर्मा ताजिया को लेकर हुए विवाद की जानकारी हुई तो वह समाधान दिवस पर शाहगंज कोतवाली चले गए। कोतवाली जाकर पूरे प्रकरण की जानकारी हासिल की। इस दौरान दरोगा महेश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, सीओ शाहगंज अंकित कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी है।
पुलिस के अनुसार, इस बार मोहर्रम में ताजिया जुलूस प्रतिबंधित है। इसी क्रम में जौनपुर जिले के शाहगंज कोतवाली पुलिस ने ताजिया बनाने से मना किया था। आरोप है कि शुक्रवार की रात साढ़े आठ बजे कोतवाली के दारोगा महेश सिंह हमराहियों के साथ मोहल्ला भादी खास पहुंचे। जहां ताजिया बनाने वाले सुब्बन खां के घर में रखी पांच छह बने हुए ताजिया को क्षतिग्रस्त कर दिया।
इसके बाद पुलिस टीम इंतजार खान के घर पहुंची और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हुए ताजिया को एक कमरे में रखकर उसमें ताला बंद करते हुए चाभी अपने साथ लेकर चले गए। वहीं, पुलिस के जाने के बाद घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग कोतवाली पहुंचकर तुर्बत के लिए मातम शुरू कर दिया।
कुछ ही देर में पश्चिमी कौडियां के सरैंया, नई आबादी से लेकर बड़ागांव के शिया समुदाय के लोग मौके पर पहुंच गए। दरोगा की कारस्तानी से नाराज लोग कोतवाली पहुंचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगाए लगे। साथ ही तुर्बत की बेहुर्मती (ताजिया के अपमान) पर समुदाय के लोगों ने काफी देर तक कोतवाली में नौहा और मातम भी किया। इसके बाद मौके पर महिलाएं भी जुटने लगी और मामला बढ़ने लगा। वहीं मौके पर मौजूद एसडीएम राजेश कुमार वर्मा, क्षेत्राधिकारी अंकित कुमार ने कोतवाली पहुंचकर समुदाय के लोगों से बातचीत की और उन्हें समझा कर मामला शांत कराया।