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जेलर, डिप्टी जेलर पर हत्या का केस
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Mon, 06 Jul 2015 01:03 AM IST
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जिला जेल में पिटाई से हुई बंदी श्याम यादव की मौत के मामले में रविवार को तीन और तहरीरें दी गईं। बंदी के भाई समुंदर यादव ने जहां जेलर, डिप्टी जेलर और सात बंदी रक्षकों के खिलाफ लाइन बाजार थाने में हत्या का केस दर्ज कराया वहीं जेल के एक बंदी संतोष ने एसपी भारत सिंह यादव को तहरीर देकर जेल के अफसरों, बंदी रक्षकों के खिलाफ मारने-पीटने, यातना देने, पानी के लिए पैसा लेने का आरोप लगाया। उधर, जेलर ने भी 200 कैदियों के खिलाफ जेल में तोड़फोड़, आगजनी और हमला करने की तहरीर लाइन बाजार थाने में दी। इसके पूर्व शनिवार की देर रात महिला बंदी रक्षक ने मृत बंदी पर छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। इस बीच रविवार को रामघाट पर कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव की मौजूदगी में बंदी का अंतिम संस्कार किया गया। जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने इस पूरे मामले की न्यायिक और मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
बंदी की मौत के बाद पुलिस ने शनिवार की रात में ही पोस्टमार्टम कराने के बाद शव घरवालों को सौंप दिया था। पहले तो परिवार के लोगों ने शव लेने से ही इंकार कर दिया, लेकिन बाद में जब कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव ने जेल अफसरों और बंदी रक्षकों के खिलाफ कार्रवाई कराने, मृतक के आश्रितों को किसान दुर्घटना बीमा के पांच लाख और मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का आश्वासन दिया, साथ ही अपने पास से 50 हजार रुपये दिए तब जाकर परिवार के लोग शव लेने को तैयार हुए।
इसके बाद रविवार को कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव की मौजूदगी में गोमती नदी के रामघाट पर श्याम यादव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, एसपी भारत सिंह यादव ने बताया कि जेल के बंदी संतोष ने भी तहरीर दी है। उसमें उसने डिप्टी जेलर एवं छह से अधिक बंदी रक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग की है। जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई होगी।
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बंदियों ने फिर किया पथराव, तीन मजदूर घायल
जौनपुर। जिला जेल में बवाल के 14 घंटे बाद बैरक में गए बंदियों ने रविवार को फिर हंगामा करने की कोशिश की। इस दिन परिसर में बिखरे ईंट-पत्थर के टुकड़े हटा रहे मजदूरों पर पथराव कर दिया गया। इसमें एक मजदूर का सिर फट गया और दो अन्य को चोटें आईं। जिस समय बंदियों ने पथराव किया, उस समय पुलिस और पीएसी भी मौजूद थी। शाम करीब चार बजे डीएम भानुचंद्र गोस्वामी और एसपी भारत सिंह यादव फोर्स के साथ जेल में पहुंचे। वे एक घंटे तक अंदर रहे। जेल अफसरों का कहना है कि हमला करने वाला बैरक नंबर दो का कोई अर्द्धविक्षिप्त बंदी है।
बंदी की मौत के बाद पुलिस ने शनिवार की रात में ही पोस्टमार्टम कराने के बाद शव घरवालों को सौंप दिया था। पहले तो परिवार के लोगों ने शव लेने से ही इंकार कर दिया, लेकिन बाद में जब कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव ने जेल अफसरों और बंदी रक्षकों के खिलाफ कार्रवाई कराने, मृतक के आश्रितों को किसान दुर्घटना बीमा के पांच लाख और मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का आश्वासन दिया, साथ ही अपने पास से 50 हजार रुपये दिए तब जाकर परिवार के लोग शव लेने को तैयार हुए।
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इसके बाद रविवार को कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव की मौजूदगी में गोमती नदी के रामघाट पर श्याम यादव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, एसपी भारत सिंह यादव ने बताया कि जेल के बंदी संतोष ने भी तहरीर दी है। उसमें उसने डिप्टी जेलर एवं छह से अधिक बंदी रक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग की है। जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई होगी।
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बंदियों ने फिर किया पथराव, तीन मजदूर घायल
जौनपुर। जिला जेल में बवाल के 14 घंटे बाद बैरक में गए बंदियों ने रविवार को फिर हंगामा करने की कोशिश की। इस दिन परिसर में बिखरे ईंट-पत्थर के टुकड़े हटा रहे मजदूरों पर पथराव कर दिया गया। इसमें एक मजदूर का सिर फट गया और दो अन्य को चोटें आईं। जिस समय बंदियों ने पथराव किया, उस समय पुलिस और पीएसी भी मौजूद थी। शाम करीब चार बजे डीएम भानुचंद्र गोस्वामी और एसपी भारत सिंह यादव फोर्स के साथ जेल में पहुंचे। वे एक घंटे तक अंदर रहे। जेल अफसरों का कहना है कि हमला करने वाला बैरक नंबर दो का कोई अर्द्धविक्षिप्त बंदी है।