{"_id":"5877dce44f1c1b7f1fba7fbf","slug":"ineffective-in-front-of-the-icy-wind-sunny","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्फीली हवा के सामने बेअसर रही खिली धूप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्फीली हवा के सामने बेअसर रही खिली धूप
jaunpur
Updated Fri, 13 Jan 2017 01:15 AM IST
विज्ञापन
हाड़ कंपा देने वाली ठंड में पौधों पर जमी ओस।
बर्फीली हवाओं के आगे धूप की किरणें भी बेअसर साबित हुईं। गुरुवार को मौसम पूरी तरह साफ रहा और सुबह से ही धूप निकली थी इसके बावजूद बर्फीली हवाओं ने लोगों को को दिन में भी कंपाया। शाम ढलते ही ठिठुरन और बढ़ गई। जल्दी लोग घरों में कैद हो गए। बाजारों में सन्नाटा पसर गया।
पिछले सोमवार से ही तापमान में निरंतर गिरावट आई है। बुधवार की शाम इस सीजन की सबसे ठंडी शाम रही जब न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। गुरुवार को भी बर्फीली हवाओं ने लोगों को पूरे दिन कंपाया। हालांकि पिछले 24 घंटे में तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई है।
गुरुवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। गांवों में किसान सुबह सोे कर उठे तो घार और फसलों पर बर्फ जैसी चादर फैली थी। फसलों और घास पर पड़ी ओस जम गई थी। हालांकि सूर्य की किरणों का स्पर्श होते ही फसलों से सफेद चादर हट गई।
विज्ञापन
लेकिन गलन में कोई कमी नहीं आई। दिन में धूप होने के बाद भी लोग देर तक अलाव के सहारे ठंड से राहत पाने की कोशिश करते रहे। सबसे अधिक परेशान बच्चे और बुजुर्ग हैं। ठंड का आलम यह रहा की धूप में भी बाइक से चलने वाले हाथ में दस्ताना पहन कर निकले।
सिकरारा प्रतिनिधि के अनुसार पाला पड़ने से आलू की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। किसानों का मानना है कि सरसों की फसल को भी इससे नुकसान होगा। केराकत प्रतिनिधि के अनुसार ठंड हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया है।
दिन में धूप होने के बाद भी लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। बरईपार प्रतिनिधि के अनुसार ठंड अधिक होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है।
विज्ञापन
पिछले सोमवार से ही तापमान में निरंतर गिरावट आई है। बुधवार की शाम इस सीजन की सबसे ठंडी शाम रही जब न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। गुरुवार को भी बर्फीली हवाओं ने लोगों को पूरे दिन कंपाया। हालांकि पिछले 24 घंटे में तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई है।
विज्ञापन
गुरुवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। गांवों में किसान सुबह सोे कर उठे तो घार और फसलों पर बर्फ जैसी चादर फैली थी। फसलों और घास पर पड़ी ओस जम गई थी। हालांकि सूर्य की किरणों का स्पर्श होते ही फसलों से सफेद चादर हट गई।
विज्ञापन
लेकिन गलन में कोई कमी नहीं आई। दिन में धूप होने के बाद भी लोग देर तक अलाव के सहारे ठंड से राहत पाने की कोशिश करते रहे। सबसे अधिक परेशान बच्चे और बुजुर्ग हैं। ठंड का आलम यह रहा की धूप में भी बाइक से चलने वाले हाथ में दस्ताना पहन कर निकले।
सिकरारा प्रतिनिधि के अनुसार पाला पड़ने से आलू की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। किसानों का मानना है कि सरसों की फसल को भी इससे नुकसान होगा। केराकत प्रतिनिधि के अनुसार ठंड हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया है।
दिन में धूप होने के बाद भी लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। बरईपार प्रतिनिधि के अनुसार ठंड अधिक होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है।