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गमगीन माहौल में मना चेहल्लुम
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 14 Dec 2014 11:39 PM IST
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कर्बला के शहीदों का चेहल्लुम रविवार को गमगीन माहौल में मनाया गया। इस दौरान जगह-जगह मजलिस का आयोजन किया गया। इसके बाद इमाम चौकों पर रखे गए ताजिए और शबीहे तुर्बत,
अलम, जुलजनाह के साथ जुलूस कर्बला पहुंचा। यहां गंजे शहीदां में ताजिए को सुपुर्द ए खाक किया गया।
नगर के मुफ्ती मोहल्ला अली घाट और कटघरा के अलावा बक्शा के रन्नों में ताजिए का जुलूस निकालकर
नौहा मातम करती हुए अंजुमनों ने तुर्बत और ताजिए को सुपुर्द ए आब किया। मुफ्ती मोहल्ला में गोमती नदी के अली घाट पर ताजिए को सुपुर्द ए आब किया गया।
रविवार को लोगों ने मजलिस के बाद ताजियों को उठाया और जुलूस की शक्ल में कर्बला के लिए रवाना हुए। मुफ्ती मोहल्ले का जुलूस गोमती नदी के अली घाट पर स्थित इमाम बारगाह से उठाया गया।
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इससे पहले मौलाना महफुजूल हसन ने कहा कि कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों ने इंसानियत को बचाने के लिए अपना सिर कटा दिया, लेकिन झुकाया नहीं।
इसके बाद मौलाना हसन अकबर ने तकरीर किया और एक-एक अलम और ताजिए के साथ अमारियां बरामद हुई। इस दौरान सभी अंजुमनों ने नौहा मातम करते हुए अली घाट पहुंचे।
यहां मौलाना रजी हैदर बिस्वानी ने मजलिस को संबोधित किया। अलम को तुर्बत से मिलाया गया। सभी अलम और तुर्बत गंजे शहीदा ले जाए गए। जहां ठंडा किया गया।
सैय्यद मेहदी उल हसन ने सभी के प्रति आभार जताया। इस क्रम में शहर के कटघरा मोहल्ला का जुलूस अपराह्न तीन बजे उठाया गया। इससे पहले मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने मजलिस को संबोधित किया।
इसके बाद शबीहे जुलजनाह अलम, शबीहे ताबूत और ताजिए उठाए गए। अंजुमन हुसैनियों बलुआघाट नौहा मातम करती हुए कर्बला में मौलाना की तकरीर के बाद तुर्बत और ताजिए को सुपुर्द ए खाक किया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह, सीओ सिटी अभिषेक सिंह, नगर कोतवाल सीबी सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
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अलम, जुलजनाह के साथ जुलूस कर्बला पहुंचा। यहां गंजे शहीदां में ताजिए को सुपुर्द ए खाक किया गया।
नगर के मुफ्ती मोहल्ला अली घाट और कटघरा के अलावा बक्शा के रन्नों में ताजिए का जुलूस निकालकर
नौहा मातम करती हुए अंजुमनों ने तुर्बत और ताजिए को सुपुर्द ए आब किया। मुफ्ती मोहल्ला में गोमती नदी के अली घाट पर ताजिए को सुपुर्द ए आब किया गया।
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रविवार को लोगों ने मजलिस के बाद ताजियों को उठाया और जुलूस की शक्ल में कर्बला के लिए रवाना हुए। मुफ्ती मोहल्ले का जुलूस गोमती नदी के अली घाट पर स्थित इमाम बारगाह से उठाया गया।
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इससे पहले मौलाना महफुजूल हसन ने कहा कि कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों ने इंसानियत को बचाने के लिए अपना सिर कटा दिया, लेकिन झुकाया नहीं।
इसके बाद मौलाना हसन अकबर ने तकरीर किया और एक-एक अलम और ताजिए के साथ अमारियां बरामद हुई। इस दौरान सभी अंजुमनों ने नौहा मातम करते हुए अली घाट पहुंचे।
यहां मौलाना रजी हैदर बिस्वानी ने मजलिस को संबोधित किया। अलम को तुर्बत से मिलाया गया। सभी अलम और तुर्बत गंजे शहीदा ले जाए गए। जहां ठंडा किया गया।
सैय्यद मेहदी उल हसन ने सभी के प्रति आभार जताया। इस क्रम में शहर के कटघरा मोहल्ला का जुलूस अपराह्न तीन बजे उठाया गया। इससे पहले मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने मजलिस को संबोधित किया।
इसके बाद शबीहे जुलजनाह अलम, शबीहे ताबूत और ताजिए उठाए गए। अंजुमन हुसैनियों बलुआघाट नौहा मातम करती हुए कर्बला में मौलाना की तकरीर के बाद तुर्बत और ताजिए को सुपुर्द ए खाक किया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह, सीओ सिटी अभिषेक सिंह, नगर कोतवाल सीबी सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।