सिकरारा। मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों में उड़ान होती है...। यह पंक्तियां ताहिरपुर गांव से गुजरने वाली शारदा सहायक नहर की पटरी पर दौड़ लगाने वाले साहसी युवकों पर सौ फीसदी सच बैठती है। कोई ग्राउंड नहीं मिला तो वह नहर के पटरी को ही रेसिंग ट्रैक बना दिया। इनकी मेहनत व लगन ने साबित कर दिया कि मुश्किल नहीं है कुछ भी, यदि ठान लीजिए। पिछले लगभग 15 साल में यहां पर दौड़ लगाने वाले 250 युवक सेना, अर्ध सैनिक बल, यूपीपी व पीएसी में भर्ती पा चुके हैं। यहां सुबह शाम दो शिफ्ट में क्षेत्र के ताहिरपुर सुरतासापुर, सतलपुर, रामसहाय पट्टी, अलिशाहपुर, लाजी पार बांकी, बधुआवर गांव से पचास से अधिक लड़के यहां वर्कआउट करने आ रहे हैं। उनका विश्वास है कि पवन पुत्र हनुमान की कृपा से आगामी अग्निवीर भर्ती में यहां के अधिक से अधिक से युवाओं का चयन हो जाएगा। इसी उम्मीद में युवक भर्ती के लिए लगातार दौड़ लगा रहे हैं।