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अस्पताल में भर्ती मरीजों को नहीं मिल रही दवाएं

Wed, 30 Oct 2019 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2019 11:57 PM IST
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Hospitalized patients are not getting medicines
02- जिला अस्पताल के एनआरसी में भर्ती नवजात शिशु की मां से जानकारी लेते जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह? - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज के सरकार के दावे की हकीकत कुछ और ही है। जिला अस्पताल में मरीजों को दवा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। डाक्टर भर्ती मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए पर्ची लिख रहे है। ओपीडी का हाल भी इससे अलग नहीं है। इसका खुलासा बुधवार को तब हुआ जब जिलाधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे। वार्ड में भर्ती मरीज की शिकायत पर डीएम ने सीएमएस से कहा कि हर मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जाए। अस्पताल परिसर में गंदगी पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
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जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह बुधवार को दोपहर 12 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले दवा वितरण काउंटर का निरीक्षण किया। दवा स्टोर का हाल जानने के बाद महिला वार्ड में गए और मरीजों से अस्पताल की व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की। शहर कोतवाली क्षेत्र के ख्वाजा दोस्त मुहल्ले के सरिता कन्नौजिया (30) और बेड नंबर एक पर भर्ती जलालपुर के पुरेंव निवासी कोमल (20), खासनपुर मुहल्ले की प्रियंका सिंह (30) से बातचीत करके अस्पताल से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की। सरिता के पति नंदलाल ने बताया कि अस्पताल से दवाएं नहीं मिल रही हैं। डाक्टर बाहर से दवाएं लिख रहे हैं। अब तक उनको सारी दवा बाहर से खरीदनी पड़ी है। डीएम ने महिला की पर्ची देखी तो पाया कि डाक्टर ने बाहर की दवा लिखी है। डीएम ने सीएमएस से अस्पताल से दवा नहीं देने के कारण पूछा और चेतावनी दी कि हर हाल में मरीजों को दवा अस्पताल से ही मुहैया कराई जाए।
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जिलाधिकारी लगभग एक घंटे तक जिला अस्पताल में रहे। परिसर में गंदगी देख कर उन्होंने नाराजगी जताई। अतिकुपोषित बच्चों के इलाज के लिए बनाए गए एनआरसी (न्यूट्रीशन एंड रिहैब्लिटेशन केयर) वार्ड में न तो फार्म भरा गया था और न ही कोई अब तक भर्ती बच्चों के बारे में कोई जानकारी दे पाया। डीएम ने कहा कि जिन बच्चे भर्ती किए जाए उनका तुरंत फार्म भरवा दिया जाए। उस पर बैंक का खाता संख्या भी अंकित होनी चाहिए। उनको रोजाना 50 रुपये खानपान के लिए खाते में भेजा जाए। इसके बाद डीएम ने ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। सीएम को अस्पताल की व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। इस दौरान अस्पताल में अफरा तफरी का माहौल रहा।
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