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जाते समय परिवार की बात मान लिए होते तो बच जाती जान
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मडि़याहूं। शराब पीने के दौरान तीन साथियों ने भुसेहरा गांव निवासी किसान सुरेंद्र यादव (50) की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने तीन नामजद लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना से मृतक के घर कोहराम मचा हुआ है। परिवार पर दुखों का पहाड़ सा टूट पड़ा है। स्वजन बता रहे थे कि परिजनों के लाख मना करने के बावजूद शराब पीने की लत न छोड़ रहे थे। मना करने के बाद भी घर से निकल गए थे और गौरही महादेव स्थित शराब के ठेके पर पहुंच गए थे। जिस शराब को वह अपने सुख-दुख का भागीदार समझते थे, उसी शराब के चक्कर में उनके ही स्वजातीय साथियों ने ईंट से कूंच-कूंच कर निर्मम हत्या कर दी थी।
सुरेंद्र यादव शराब पीने के आदी बताए जाते हैं। प्रतिदिन वह गौरही महादेव स्थित शराब पीने आते थे। शुक्रवार की शाम 7:30 बजे घर से सीधे शराब पीने के लिए शराब ठेके पर निकले तो परिजनों ने उन्हें घर पर रोक लिया था। लेकिन परिजनों को भी धता बताते हुए चोरी से सुरेंद्र यादव गौरही महादेव बाजार स्थित ठेके पर पहुंच गए। शराब की दुकान पर गांव का ही उधव यादव बैठा था। दोनों ने जाम टकराते हुए खूब शराब पी। शराब ने दोनों पर जब अपना सुरूर असर किया तो नाते रिश्तेदारों की बात होते-होते कहासुनी पर आ गई। थोड़ी देर में हाथापाई शुरू हो गई थी। शराब ठेके के सेल्समैन चंदौली निवासी पारस यादव ने दोनों को छुड़ाया। गाली-गलौज अभी हो रहा था कि शराब ठेके पर उधव का साथी जयप्रकाश यादव और विकास यादव भी पहुंच गए। उसके बाद एक बार पुन: मारपीट हो गई थी। चश्मदीद बताते हैं कि उधव यादव एवं प्रकाश यादव नशे में धुत सुरेंद्र यादव की जमकर पिटाई करते हैं। जब वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े तो पास पड़े भारी पत्थर से उनकी मुंह कूंचकर बेरहमी से हत्या कर सभी फरार हो गए। इससे बाजार के व्यापारियों में दहशत कायम रही। किसी की हिम्मत नजदीक जाने को नहीं हो रही थी। जब सुरेंद्र यादव की मौत हो गई तो तीनों आराम से घटना को अंजाम देकर निकल गए। परिजनों की सूचना पर मडि़याहूं कोतवाल अशेषनाथ सिंह, क्षेत्राधिकारी संत प्रसाद उपाध्याय मयफोर्स मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई राजेंद्र यादव की तहरीर पर उद्धव यादव, विकास यादव, जयप्रकाश यादव को पुलिस ने नामजद करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें से विकास व जयप्रकाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। मृतक की पत्नी राम दुलारी और इकलौते पुत्र रोहित रो-रोकर बेहाल हैं। सुरेंद्र चार बेटियों में से दो के हाथ पीले कर चुके थे। दो की शादी होनी है। सुरेंद्र की मौत के बाद परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी रोहित के कंधे पर आ गई है। मृत सुरेंद्र चार भाइयों में सबसे छोटे थे। सभी अलग-अलग रहते हैं। वह पैतृक भूमि पर खेती-किसानी कर परिवार की आजीविका चला रहे थे। पासपड़ोस के लोग और नातेदार बिलख रहे स्वजन को ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं।
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सुरेंद्र यादव शराब पीने के आदी बताए जाते हैं। प्रतिदिन वह गौरही महादेव स्थित शराब पीने आते थे। शुक्रवार की शाम 7:30 बजे घर से सीधे शराब पीने के लिए शराब ठेके पर निकले तो परिजनों ने उन्हें घर पर रोक लिया था। लेकिन परिजनों को भी धता बताते हुए चोरी से सुरेंद्र यादव गौरही महादेव बाजार स्थित ठेके पर पहुंच गए। शराब की दुकान पर गांव का ही उधव यादव बैठा था। दोनों ने जाम टकराते हुए खूब शराब पी। शराब ने दोनों पर जब अपना सुरूर असर किया तो नाते रिश्तेदारों की बात होते-होते कहासुनी पर आ गई। थोड़ी देर में हाथापाई शुरू हो गई थी। शराब ठेके के सेल्समैन चंदौली निवासी पारस यादव ने दोनों को छुड़ाया। गाली-गलौज अभी हो रहा था कि शराब ठेके पर उधव का साथी जयप्रकाश यादव और विकास यादव भी पहुंच गए। उसके बाद एक बार पुन: मारपीट हो गई थी। चश्मदीद बताते हैं कि उधव यादव एवं प्रकाश यादव नशे में धुत सुरेंद्र यादव की जमकर पिटाई करते हैं। जब वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े तो पास पड़े भारी पत्थर से उनकी मुंह कूंचकर बेरहमी से हत्या कर सभी फरार हो गए। इससे बाजार के व्यापारियों में दहशत कायम रही। किसी की हिम्मत नजदीक जाने को नहीं हो रही थी। जब सुरेंद्र यादव की मौत हो गई तो तीनों आराम से घटना को अंजाम देकर निकल गए। परिजनों की सूचना पर मडि़याहूं कोतवाल अशेषनाथ सिंह, क्षेत्राधिकारी संत प्रसाद उपाध्याय मयफोर्स मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई राजेंद्र यादव की तहरीर पर उद्धव यादव, विकास यादव, जयप्रकाश यादव को पुलिस ने नामजद करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें से विकास व जयप्रकाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। मृतक की पत्नी राम दुलारी और इकलौते पुत्र रोहित रो-रोकर बेहाल हैं। सुरेंद्र चार बेटियों में से दो के हाथ पीले कर चुके थे। दो की शादी होनी है। सुरेंद्र की मौत के बाद परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी रोहित के कंधे पर आ गई है। मृत सुरेंद्र चार भाइयों में सबसे छोटे थे। सभी अलग-अलग रहते हैं। वह पैतृक भूमि पर खेती-किसानी कर परिवार की आजीविका चला रहे थे। पासपड़ोस के लोग और नातेदार बिलख रहे स्वजन को ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं।
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