भाजपा ने खेला दलित कार्ड: जौनपुर में सीमा द्विवेदी की जगह विद्यासागर पर दांव, ऐसे शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
भाजपा ने पूर्व एमएलसी विद्यासागर सोनकर को राज्यसभा सदस्य के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया है। सुक्खीपुर निवासी विद्यासागर सोनकर ने भाजपा में बूथ अध्यक्ष से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था।
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संघ की पृष्ठभूमि से निकले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमएलसी विद्यासागर सोनकर को पार्टी ने राज्यसभा सदस्य के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया है। अनुसूचित जाति से आने वाले सोनकर के नाम पर दांव लगाकर भाजपा ने संगठन के पुराने और अनुभवी चेहरे को संसद के उच्च सदन में भेजने की तैयारी की है। उनके चयन से जौनपुर का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व भी बरकरार रहेगा। अब तक सीमा द्विवेदी राज्यसभा सदस्य रहीं।
सुक्खीपुर निवासी विद्यासागर सोनकर ने भाजपा में बूथ अध्यक्ष से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। करीब चार दशक के सियासी सफर में उन्होंने संगठन के विभिन्न दायित्व संभालने के साथ चुनावी राजनीति में भी कई उतार-चढ़ाव देखे। 21 जुलाई 1961 को जन्मे विद्या सागर सोनकर पढ़ाई के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे।
वर्ष 1985 में भाजपा के बूथ अध्यक्ष बने और 1989 में जौनपुर में सभासद का चुनाव जीतकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1996 में सैदपुर संसदीय सीट से भाजपा के टिकट पर लोकसभा पहुंचे। वर्ष 2000 में वह भाजपा के जौनपुर के जिलाध्यक्ष रहे।
वह बताते हैं कि वह दलित समाज से पहले जिलाध्यक्ष प्रदेश में बने थे। वह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, युवा मोर्चा की प्रदेश इकाई में पदाधिकारी और काशी व गोरखपुर क्षेत्र में संगठन की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। इन्होंने केशव प्रसाद मौर्य, महेंद्र नाथ पांडेय और स्वतंत्र देव सिंह के प्रदेश अध्यक्ष रहते उनकी टीम में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी भी निभाई। प्रदेश कार्यसमिति में भी वह लगातार सक्रिय रहे।
सियासी सफर में हार भी मिली
विद्यासागर सोनकर को 2009 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही। वर्ष 2018 में पार्टी ने उन्हें विधान परिषद सदस्य बनाया। वह विधान परिषद के उप सभापति भी रहे।
2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने प्रदेश में जनसंपर्क के लिए जन आशीर्वाद सहित छह यात्राएं निकाली थीं। इनमें एक महत्वपूर्ण यात्रा की कमान विद्यासागर सोनकर को सौंपी गई थी। संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ के चलते उन्होंने चुनावी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी ने विद्यासागर सोनकर को प्रत्याशी बनाए जाने पर कहा कि बहन गई, भाई आया। जौनपुर का स्थान बना रहा, यह बड़ी उपलब्धि है। विद्यासागर सोनकर के अनुभव का लाभ मिलेगा। संगठन ने मुझे जो जिम्मेदारी दी, उसे निभाया और आगे भी निभाती रहूंगी।
पूर्व एमएलसी विद्या सागर सोनकर को राज्यसभा सदस्य पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने की जानकारी मिलने पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। वह बताते हैं कि वह उस समय दोपहर में पार्टी के प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे। वहीं, विद्या सागर सोनकर को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बधाई देने का बाद फोन पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव,महाराष्ट्र के पूर्व गृहराज्यमंत्री एवं जौनपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह, डॉ. अब्दुल कादिर खान आदि ने विद्यासागर सोनकर को फोन बधाई दी। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपा शंकर सिंह ने कहा कि वह विद्या सागर सोनकर के नामांकन के दौरान उनके साथ मौजूद रहेंगे।