केराकत। गोमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 100 सेंटीमीटर नीचे है। फिलहाल बहाव स्थिर है लेकिन जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे स्थित मूर्दहा घाट, रामेश्वर घाट, बाबा घाट, नाव घाट, सिहौली घाट समेत प्रमुख अंत्येष्टि स्थलों पर अभी भी पानी भरा हुआ है।
जलस्तर नीचे आने के बावजूद घाटों पर चबूतरे और चिता स्थल पानी में डूबे हुए हैं। इसके चलते लोगों को शव लेकर सुरक्षित स्थानों पर अंत्येष्टि के लिए जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नदी का जलस्तर और कम नहीं होगा तब तक अंतिम संस्कार करने में दिक्कतें कम नहीं होंगी। पसेवा जल मापक केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल नदी में पानी स्थिर है। एसडीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि कहीं भी बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति नहीं है। हालांकि एहतियात के तौर पर नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन टीम को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर पहले की अपेक्षा नीचे आने से जहां लोगों ने राहत महसूस की है वहीं घाट डूबे रहने से समस्या अभी कम नहीं हुई है।