फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Gomti would have reduced the scope of such

ऐसे तो सिमट जाएगा गोमती का दायरा 

Fri, 03 Jun 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर Updated Fri, 03 Jun 2016 12:18 AM IST
विज्ञापन
Gomti would have reduced the scope of such
गोमती नदी के मध्य में बनाया जा रहा घाट। 
 शहर में गोमती नदी के किनारे पिकनिक स्पॉट बनाने के लिए घाटों के निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है। शाही और सद्भावना पुल के बीच में दक्षिणी छोर पर नदी के आधे हिस्से को छोड़कर बीच से ही घाट बनाया जा रहा है। ऐसे में नदी का दायरा सिमटने की आशंका है।
विज्ञापन


बीच में घाट बनने से जहां नदी में बाढ़ आने की दशा में ऊपरी इलाके के पानी डूबने का खतरा बढ़ जाएगा। साथ ही नदी की भूमि पर अवैध कब्जा होने की आशंका भी बढ़ जाएगी। घाट निर्माण के लिए बीच में काम शुरू होते ही इस मसले पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। 
विज्ञापन


गोमती नदी के घाटों को काशी के तर्ज पर विकसित कर उसे पिकनिक स्पॉट बनाने का काम शुरू हुआ है। शाही और सद्भावना पुल के बीच पहले नदी के उत्तरी छोर पर जेसीबी और पोकलेन  लगाकर सिल्ट सफाई कर पुल की ऊंचाई के बराबर बंधा बनाकर उस पर आने जाने के लिए रास्ता बना दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनुमान लगाया जा रहा था कि इसी तरह दूसरे छोर पर भी घाट का निर्माण कराया जाएगा। लेकिन दक्षिणी छोर पर जब काम शुरू करने की बारी आई तो प्रशासन ने नदी के बीच से ही घाट का निर्माण शुरू करा दिया। गर्मी के दिनों में नदी में पानी का बहाव सिमट गया है। 

मौजूदा समय में जहां से पानी बह रहा है वहीं से घाट का निर्माण कराया जा रहा है। जबकि दक्षिणी छोर पर नदी का आधा हिस्सा छोड़ दिया गया है। स्वच्छ गोमती अभियान के संयोजक गौतम गुप्ता कहते हैं कि नदी का पेटा कितना चौड़ा है यह शाही पुल में बने ताखों से स्पष्ट है।


लेकिन बीच में घाट का निर्माण होने से नदी की चौड़ाई की एक दूसरी हद कायम हो जाएगी। इससे बचे हुए हिस्से पर अतिक्रमण की गुंजाइश भी बढ़ जाएगी।  विकास शर्मा कहते हैं कि पहले से भी नदी में अतिक्रमण कर कहीं तबेला खोल लिया गया है तो कहीं लोग पक्का निर्माण करा लिए हैं। कई स्थानों पर लोग खेती कर रहे हैं। ऐसे में बीच में घाट का निर्माण होने से नदी के बाकी हिस्से पर अतिक्रमण हो सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed