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तीन मोहल्लों में पहुंची गोमती, कई परिवारों ने छोड़ा घर
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जनपद में खेत-खलिहान इस समय पानी से लबालब भर गए हैं। कई इलाकों में तो घुटने भर पानी लगा हुआ है। वहीं, सई और गोमती नदी उफनाई हुई है। गोमती का जलस्तर 22 फीट के निशान पर पहुंच गया है। अगर सिर्फ शहर की करें तो अब तक तीन मोहल्लों में गोमती नदी का पानी घुस गया है। जहां करीब 20 परिवारों ने अपना घर छोड़ दिया है। इनमें कुछ तो ऐसे भी हैं, जो जान जोखिम में डालकर नाव पर ही रात गुजारने को विवश हैं।
गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार में अब कमी आई है, लेकिन, लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। हनुमान घाट, गोपीघाट, विर्सजन, गूलरघाट, अलीघाट डूब चुका है। हनुमान घाट स्थित शिव मंदिर में भी पानी घुस गया है। गोमतेश्वर नाथ महादेव मंदिर और दर्शनार्थियों के लिए लगा टीनशेड का तो पानी में पता ही नहीं लग पा रहा है कि यहां कुछ है भी या नहीं। यही हाल नामामि गंगे परियोजनाओं के तहत 8.05 करोड़ की लागत से हो रहे हनुमान घाट के डेवलपमेंट के कार्य का भी है। शेखपुर, चकप्यार अली और बलुआ घाट में भी पानी घुस गया है। इन तीनों मोहल्लों में करीब 20 परिवार ऐसे भी हैं, जो अब तक अपना घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर चले गए हैं। शेखपुर मोहल्ले के निवासी राम आसरे निषाद बताते हैं कि वह अपने को दूसरे के घर भेज दिए हैं, जबकि खुद नाव पर सोकर रात में समय गुजारते हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल का कहना है कि गोमती नदी के जलस्तर पर नजर रखा जा रहा है। मैं खुद ही एक दिन पहले शाम को शेखपुर मोहल्ले में गया था। जहां कुछ लोगों के घर छोड़कर जाने की जानकारी मिली है। फिलहाल, खतरे जैसी कोई बात नहीं है। समीप के विद्यालय के एक-दो कमरों को खुलवाया जा रहा है, ताकि वहां जरूरतमंद लोग रह सके।
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गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार में अब कमी आई है, लेकिन, लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। हनुमान घाट, गोपीघाट, विर्सजन, गूलरघाट, अलीघाट डूब चुका है। हनुमान घाट स्थित शिव मंदिर में भी पानी घुस गया है। गोमतेश्वर नाथ महादेव मंदिर और दर्शनार्थियों के लिए लगा टीनशेड का तो पानी में पता ही नहीं लग पा रहा है कि यहां कुछ है भी या नहीं। यही हाल नामामि गंगे परियोजनाओं के तहत 8.05 करोड़ की लागत से हो रहे हनुमान घाट के डेवलपमेंट के कार्य का भी है। शेखपुर, चकप्यार अली और बलुआ घाट में भी पानी घुस गया है। इन तीनों मोहल्लों में करीब 20 परिवार ऐसे भी हैं, जो अब तक अपना घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर चले गए हैं। शेखपुर मोहल्ले के निवासी राम आसरे निषाद बताते हैं कि वह अपने को दूसरे के घर भेज दिए हैं, जबकि खुद नाव पर सोकर रात में समय गुजारते हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल का कहना है कि गोमती नदी के जलस्तर पर नजर रखा जा रहा है। मैं खुद ही एक दिन पहले शाम को शेखपुर मोहल्ले में गया था। जहां कुछ लोगों के घर छोड़कर जाने की जानकारी मिली है। फिलहाल, खतरे जैसी कोई बात नहीं है। समीप के विद्यालय के एक-दो कमरों को खुलवाया जा रहा है, ताकि वहां जरूरतमंद लोग रह सके।
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