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जल्द तैयार होगा गोमती एक्शन प्लान
जौनपुर ब्यूराे
Updated Sun, 22 Nov 2015 01:13 AM IST
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गोमती को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को स्वच्छ गंगा गोमती की हाईपावर कमेटी जिले में पहुंची। इस दौरान टीम ने गोमती नदी में फैले प्रदूषण का जायजा लिया।
टीम ने कहा कि अगले तीन महीने में नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। अतर्राष्ट्रीय गंगा कंसोर्टियम के सदस्य एवं आईआईटी रुड़की के रसायन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. इंद्रमणि मिश्र,
बीएचयू के न्यूरोलाजी के विभागाध्यक्ष डा. वीएन मिश्र ने सद्भावना पुल से नाव पर बैठकर शहरी इलाके में गोमती नदी का भ्रमण किया।
प्रो. इंद्रमणि मिश्र ने कहा कि गोमती को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सात इंजीनियरों का एक दल शीघ्र ही जौनपुर आएगा। वैज्ञानिक यहां 15 दिनों तक प्रवास करेंगे और सुबह, दोपहर और शाम को भी नदी और उसमें गिरने वाले शहर के
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नालों का आब्जर्वेशन करेंगे। नालों को नदी में सीधे गिरने से रोकने समेत प्रदूषण को कम करने के लिए गोमती एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। गौरतलब है कि स्वच्छ गोमती अभियान के मुख्य संरक्षक एवं संकटमोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष
प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्रा के निर्देश पर गोमती को स्वच्छ बनाने के लिए पिछले कई महीनों से काम चल रहा है।
बीएचयू की टीम ने नदी के पानी का सैंपल लेकर जांच करवाई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। नदी के पानी का
टीडीएस इतना अधिक है कि हाथ धोने लायक भी अब नहीं रहा। बीएचयू के न्यूरोलाजी के विभागाध्यक्ष प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर गोमती एक्शन प्लान तैयार करने में दो से तीन महीने का समय लग
सकता है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट को स्वच्छ गोमती अभियान अपने स्तर से संकट मोचन फाउंडेशन की मदद से केंद्र और प्रदेश सरकार को सौंपेगी। हाईपावर कमेटी के जिले में पहुंचने पर विसर्जन घाट पर भव्य
स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में स्वच्छ गोमती अभियान के संयोजक गौतम गुप्ता, करंजाकला के ब्लाक प्रमुख ब्रजेश सिंह प्रिंसू, लालजी निषाद, अंकित सिंह, सिंधु जायसवाल, मोहनीश शुक्ल, कृष्णकांत साहू, बलराम निषाद, आशीष उपाध्याय, ओंकार मौर्य शामिल थे।
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टीम ने कहा कि अगले तीन महीने में नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। अतर्राष्ट्रीय गंगा कंसोर्टियम के सदस्य एवं आईआईटी रुड़की के रसायन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. इंद्रमणि मिश्र,
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बीएचयू के न्यूरोलाजी के विभागाध्यक्ष डा. वीएन मिश्र ने सद्भावना पुल से नाव पर बैठकर शहरी इलाके में गोमती नदी का भ्रमण किया।
प्रो. इंद्रमणि मिश्र ने कहा कि गोमती को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सात इंजीनियरों का एक दल शीघ्र ही जौनपुर आएगा। वैज्ञानिक यहां 15 दिनों तक प्रवास करेंगे और सुबह, दोपहर और शाम को भी नदी और उसमें गिरने वाले शहर के
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नालों का आब्जर्वेशन करेंगे। नालों को नदी में सीधे गिरने से रोकने समेत प्रदूषण को कम करने के लिए गोमती एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। गौरतलब है कि स्वच्छ गोमती अभियान के मुख्य संरक्षक एवं संकटमोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष
प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्रा के निर्देश पर गोमती को स्वच्छ बनाने के लिए पिछले कई महीनों से काम चल रहा है।
बीएचयू की टीम ने नदी के पानी का सैंपल लेकर जांच करवाई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। नदी के पानी का
टीडीएस इतना अधिक है कि हाथ धोने लायक भी अब नहीं रहा। बीएचयू के न्यूरोलाजी के विभागाध्यक्ष प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर गोमती एक्शन प्लान तैयार करने में दो से तीन महीने का समय लग
सकता है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट को स्वच्छ गोमती अभियान अपने स्तर से संकट मोचन फाउंडेशन की मदद से केंद्र और प्रदेश सरकार को सौंपेगी। हाईपावर कमेटी के जिले में पहुंचने पर विसर्जन घाट पर भव्य
स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में स्वच्छ गोमती अभियान के संयोजक गौतम गुप्ता, करंजाकला के ब्लाक प्रमुख ब्रजेश सिंह प्रिंसू, लालजी निषाद, अंकित सिंह, सिंधु जायसवाल, मोहनीश शुक्ल, कृष्णकांत साहू, बलराम निषाद, आशीष उपाध्याय, ओंकार मौर्य शामिल थे।