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Jaunpur News: छात्राएं डरें नहीं, सिर्फ शिकायत करें, पुलिस है साथ
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त्रिलोचन महादेव स्थित राम रूप सर्वोदय इंटर कॉलेज भवनाथपुर में अमर उजाला द्वारा आयोजित अपराजिता
- फोटो : JAUNPUR
जलालपुर । छात्राएं डरें नहीं, शिकायत करें, पुलिस है न। पुलिस समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा के लिए है लेकिन जब कोई शिकायत नहीं करेगा तो पुलिस कैसे मदद करेगी। यह बात केराकत के क्षेत्राधिकारी गौरव शर्मा ने बुधवार को भवनाथपुर त्रिलोचन महादेव स्थित रामरूप सर्वोदय इंटर कॉलेज कही। इसमें 450 छात्राओं ने भाग लिया।
अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत पुलिस की पाठशाला में उन्होंने कहा कि छात्राओं को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। कानून की जानकारी रखें और जरूरत पड़ने पर अपनी जानकारी इस्तेमाल करें। छात्राएं अपनी समस्या परिजनों के साथ भी साझा करें। चुप रहने से काम नहीं चलता।
सब इंस्पेक्टर प्रतिमा सिंह ने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें परेशान करता है तो वह इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। उनकी जानकारी गोपनी रखी जाएगी। इंस्पेक्टर जलालपुर रमेश यादव ने छात्राओं को डायल 112 व साइबर क्राइम के बारे में जानकारी दी। सीबी इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर नेहा सिंह ने कहा कि सुरक्षित समाज में रहना हर नारी का बुनियादी हक है। प्रधानाचार्य लालूराम यादव ने अतिथियों को सम्मानित किया। शिवप्रसाद यादव, तिलकधारी यादव, अविनाश सिंह,चंदन सेठ, विनय वर्मा, जय सिंह यादव, संदीप पटेल, घनश्याम, प्रदीप, मनीष श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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सवाल जबाब
शेफाली सिंह (कक्षा 11) - पुलिस अधिकारी दिन-रात ड्यूटी करते रहते हैं, इतनी स्टेमिना कहां से लाते हैं।
सीओ - पुलिस के चिह्न में दो रंग होते हैं, एक लाल और दूसरा नीला। लाल रंग जोश कै है और नीला शांति और धैर्य का। यह चिह्न ही प्रेरणा देता है।
रोली गौतम (कक्षा 12)- कोई छेड़खानी कर रहा हो और छात्रा के पास मोबाइल फोन न हो तो वह क्या करे?
सीओ - छात्रा उसका सामना करे, शोर मचाए, आसपास के लोगों से मदद लें। किसी से फोन लेकर 112 नंबर पर फोन करे।
खुशी विश्वकर्मा (कक्षा 10)- पुलिस महिला सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है?
प्रतिमा सिंह- महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला थाना, महिला पुलिस सक्रिय रहती है। 1090 हेल्पलाइन, डायल 112 जैसी सुविधाएं हैं। उनका उपयोग करें।
छात्रा समीक्षा सिंह (कक्षा 10) - दुर्घटना होने पर जो मदद करने वाले को ही फंसा दिया जाता है। ऐसे में लोग मदद करने से डरते हैं।
रमेश यादव - सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है कि जो भी व्यक्ति दुर्घटना के घायलों की मदद करेगा, उन्हें अस्पताल ले जाएगा पुलिस नहीं पकड़ेगी। उनसे पूछताछ नहीं की जाएगी।
खुशी गिरी (कक्षा 11) घरेलू हिंसा के खिलाफ कैसे पुलिस से मदद ली जा सकती है ?
प्रतिमा सिंह- महिलाओं कोे घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार है। परिवार के सदस्य भी महिला के खिलाफ अपशब्द, मारपीट, यौन हिंसा या आर्थिक अपराध नहीं कर सकता है। ऐसे में मामलों में तीन साल गैर-जमानती कारावास की सजा हो सकती है या जुर्माना भरना पड़ सकता है।
अंजली यादव (कक्षा 11)- क्या घरेलू मारपीट में महिलाओं पर अशोभनीय भाषा इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रतिमा सिंह- किसी महिला को किसी भी तरह से अशोभनीय, अपमानजनक, या सार्वजनिक नैतिकता या नैतिकता को भ्रष्ट करने वाले रूप में प्रदर्शित नहीं कर सकते ऐसा करना एक दंडनीय अपराध है।
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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत पुलिस की पाठशाला में उन्होंने कहा कि छात्राओं को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। कानून की जानकारी रखें और जरूरत पड़ने पर अपनी जानकारी इस्तेमाल करें। छात्राएं अपनी समस्या परिजनों के साथ भी साझा करें। चुप रहने से काम नहीं चलता।
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सब इंस्पेक्टर प्रतिमा सिंह ने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें परेशान करता है तो वह इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। उनकी जानकारी गोपनी रखी जाएगी। इंस्पेक्टर जलालपुर रमेश यादव ने छात्राओं को डायल 112 व साइबर क्राइम के बारे में जानकारी दी। सीबी इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर नेहा सिंह ने कहा कि सुरक्षित समाज में रहना हर नारी का बुनियादी हक है। प्रधानाचार्य लालूराम यादव ने अतिथियों को सम्मानित किया। शिवप्रसाद यादव, तिलकधारी यादव, अविनाश सिंह,चंदन सेठ, विनय वर्मा, जय सिंह यादव, संदीप पटेल, घनश्याम, प्रदीप, मनीष श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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सवाल जबाब
शेफाली सिंह (कक्षा 11) - पुलिस अधिकारी दिन-रात ड्यूटी करते रहते हैं, इतनी स्टेमिना कहां से लाते हैं।
सीओ - पुलिस के चिह्न में दो रंग होते हैं, एक लाल और दूसरा नीला। लाल रंग जोश कै है और नीला शांति और धैर्य का। यह चिह्न ही प्रेरणा देता है।
रोली गौतम (कक्षा 12)- कोई छेड़खानी कर रहा हो और छात्रा के पास मोबाइल फोन न हो तो वह क्या करे?
सीओ - छात्रा उसका सामना करे, शोर मचाए, आसपास के लोगों से मदद लें। किसी से फोन लेकर 112 नंबर पर फोन करे।
खुशी विश्वकर्मा (कक्षा 10)- पुलिस महिला सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है?
प्रतिमा सिंह- महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला थाना, महिला पुलिस सक्रिय रहती है। 1090 हेल्पलाइन, डायल 112 जैसी सुविधाएं हैं। उनका उपयोग करें।
छात्रा समीक्षा सिंह (कक्षा 10) - दुर्घटना होने पर जो मदद करने वाले को ही फंसा दिया जाता है। ऐसे में लोग मदद करने से डरते हैं।
रमेश यादव - सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है कि जो भी व्यक्ति दुर्घटना के घायलों की मदद करेगा, उन्हें अस्पताल ले जाएगा पुलिस नहीं पकड़ेगी। उनसे पूछताछ नहीं की जाएगी।
खुशी गिरी (कक्षा 11) घरेलू हिंसा के खिलाफ कैसे पुलिस से मदद ली जा सकती है ?
प्रतिमा सिंह- महिलाओं कोे घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार है। परिवार के सदस्य भी महिला के खिलाफ अपशब्द, मारपीट, यौन हिंसा या आर्थिक अपराध नहीं कर सकता है। ऐसे में मामलों में तीन साल गैर-जमानती कारावास की सजा हो सकती है या जुर्माना भरना पड़ सकता है।
अंजली यादव (कक्षा 11)- क्या घरेलू मारपीट में महिलाओं पर अशोभनीय भाषा इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रतिमा सिंह- किसी महिला को किसी भी तरह से अशोभनीय, अपमानजनक, या सार्वजनिक नैतिकता या नैतिकता को भ्रष्ट करने वाले रूप में प्रदर्शित नहीं कर सकते ऐसा करना एक दंडनीय अपराध है।

त्रिलोचन महादेव स्थित राम रूप सर्वोदय इंटर कॉलेज भवनाथपुर में अमर उजाला द्वारा आयोजित अपराजिता - फोटो : JAUNPUR