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धुएं में फंसने पर घुटने के बल निकलें बाहर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Wed, 21 Jan 2015 11:46 PM IST
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सेंट जोजफ स्कूल लखनपुर परिसर में फायर सर्विस यूनिट द्वारा अग्निशमन अधिकारी केके ओझा के नेतृत्व में फायर एवेक्युशन ड्रिल का आयोजन किया गया। यूनिट द्वारा आग बुझाने का डिमास्ट्रेशन किया गया। ठोस पदार्थ की आग, गैस की आग और तेल की आग को बुझाने और आग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के तरीके बताए।
एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने का सजीव प्रदर्शन किया गया। स्कूल प्रबंधन और बच्चों की पूर्ण सहभागिता रही। अग्निशमन अधिकारी केके ओझा ने आग लगने का कारण, आग के प्रकार और आग बुझाने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। स्कू ल के के शिक्षकों को भी आग से बचाव के लिए जागरूक किया गया। आग के रोकथाम व बचाव हेतु सुझाव दिए गए। बताया गया कि आग लगने पर घबराएं नहीं बल्कि फायर सर्विस कंट्रोल रूम, टेलीफोन पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें। घटना स्थल व वहां तक पहुंचने के रास्ते के संबंध में सही सूचना दें।
आग दुर्घटना क्षेत्र के आसपास मौजूद लोगों को खतरे के प्रति सावधान करें। कभी भी बाथरूम में छिपने की कोशिश न करें। घटना स्थल पर उपलब्ध संसाधन जैसे फायर एक्सटिंग्यूशर ,पानी, बालू आदि से बुझाने का प्रयास करें। कोई भी अनावश्यक जोखिम न उठाएं। अगर धुएं में फंस जाएं तो घुटने के बल फर्श पर चलें। शरीर में आग लग जाने पर स्टाप, ड्राप एंड रोल तकनीकि का प्रयोग करते हुए जमीन पर लोट लगाएं, कंबल आदि से ढकें।
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विस्तर में लेटकर धूम्रपान न करें। खाना बनाने के बाद गैस के रेगुलेटर बंद करें। समय-समय पर पाइप व रेग्यूलेटर को बदल दें। बिजली के बोर्ड पर अतिरिक्त लोड न दें। वायरिंग समय-समय पर बदल दें। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य संगीता मेहरोत्रा, प्रबंधक नोमान खां आदि उपस्थित रहे।
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एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने का सजीव प्रदर्शन किया गया। स्कूल प्रबंधन और बच्चों की पूर्ण सहभागिता रही। अग्निशमन अधिकारी केके ओझा ने आग लगने का कारण, आग के प्रकार और आग बुझाने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। स्कू ल के के शिक्षकों को भी आग से बचाव के लिए जागरूक किया गया। आग के रोकथाम व बचाव हेतु सुझाव दिए गए। बताया गया कि आग लगने पर घबराएं नहीं बल्कि फायर सर्विस कंट्रोल रूम, टेलीफोन पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें। घटना स्थल व वहां तक पहुंचने के रास्ते के संबंध में सही सूचना दें।
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आग दुर्घटना क्षेत्र के आसपास मौजूद लोगों को खतरे के प्रति सावधान करें। कभी भी बाथरूम में छिपने की कोशिश न करें। घटना स्थल पर उपलब्ध संसाधन जैसे फायर एक्सटिंग्यूशर ,पानी, बालू आदि से बुझाने का प्रयास करें। कोई भी अनावश्यक जोखिम न उठाएं। अगर धुएं में फंस जाएं तो घुटने के बल फर्श पर चलें। शरीर में आग लग जाने पर स्टाप, ड्राप एंड रोल तकनीकि का प्रयोग करते हुए जमीन पर लोट लगाएं, कंबल आदि से ढकें।
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विस्तर में लेटकर धूम्रपान न करें। खाना बनाने के बाद गैस के रेगुलेटर बंद करें। समय-समय पर पाइप व रेग्यूलेटर को बदल दें। बिजली के बोर्ड पर अतिरिक्त लोड न दें। वायरिंग समय-समय पर बदल दें। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य संगीता मेहरोत्रा, प्रबंधक नोमान खां आदि उपस्थित रहे।