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समान शिक्षा के लिए की गांधीिगरी
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 19 Sep 2016 12:42 AM IST
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पूरे देश में समान शिक्षा के लिए गांधी प्रतिमा के सामने गांधीगिरी करते लोग।
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देश में समान शिक्षा व्यवस्था लागू करनेकी मांग को लेकर आंदोलित विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग सरकार से अपनी मांग मनवाने के लिए गांधीगीरी शुरू कर दी है। रविवार को खरका तिराहे पर स्थित गांधी प्रतिमा के पास लोगों ने बापू भजन का आयोजन किया।
समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने के लिए सामाजिक संगठनों की ओर से पिछले चार महीनों से मुहिम चल रही है। गांधी प्रतिमा के समक्ष जुटे लोगों ने सबको शिक्षा एक समान, मांग रहा है हिन्दुस्तान, अमीर-गरीब की हो संतान सबको शिक्षा एक समान आदि स्लोगन लिखी तख्तियां गले में पहने हुए थे और नारा भी लगा रहे थे।
सामाजिक कार्यकर्ता आरती सिंह ने कहा कि समान शिक्षा व्यवस्था लागू होते ही समस्त सरकारी विद्यालयों की दशा कान्वेंट स्कूलों से भी बेहतर हो जायेगी। समान शिक्षा व्यवस्था से गरीब, अमीर, ऊंच,नीच का भेद भाव भी मिट जाएगा।
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ग्रामीण विकास संस्था करंजाकला के अध्यक्ष रमेश यादव ने कहा कि गरीब और अमीर घर के बच्चों के लिए अलग-अलग शिक्षा की जो दोहरी नीति है इसेसे सामाजिक और आर्थिक खाई भी बढ़ रही है। प्राइमरी स्कूल के अध्यापक के बच्चे खुद प्राइमरी स्कूल में नहीं पढ़ते।
सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार व श्रीमती राकेश ने कहा कि समान शिक्षा व्यवस्था लागू हो इसके लिए जल्द ही प्रदेश स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। अभियान में डीडीएस वेलफेयर सोसायटी, ग्रामीण विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान, मां मूर्ति ग्रुप ऑफ प्लान्टेशन, लोक चेतना समिति, तरुण चेतना, रामेश्वर शिक्षण सेवा संस्थान आदि से जुड़े लोगों के अलावा सुरेंद्र, शहबाज, दिव्यांशु, विनीत, काजल, पूनम, प्रतिमा, दिव्या, श्वेता, कुमकुम, प्रतिमा, दिलरुबा, महरुबा, रुकैया, दानिश, कृष्णा, अमित, शुभम आदि थे।
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समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने के लिए सामाजिक संगठनों की ओर से पिछले चार महीनों से मुहिम चल रही है। गांधी प्रतिमा के समक्ष जुटे लोगों ने सबको शिक्षा एक समान, मांग रहा है हिन्दुस्तान, अमीर-गरीब की हो संतान सबको शिक्षा एक समान आदि स्लोगन लिखी तख्तियां गले में पहने हुए थे और नारा भी लगा रहे थे।
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सामाजिक कार्यकर्ता आरती सिंह ने कहा कि समान शिक्षा व्यवस्था लागू होते ही समस्त सरकारी विद्यालयों की दशा कान्वेंट स्कूलों से भी बेहतर हो जायेगी। समान शिक्षा व्यवस्था से गरीब, अमीर, ऊंच,नीच का भेद भाव भी मिट जाएगा।
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ग्रामीण विकास संस्था करंजाकला के अध्यक्ष रमेश यादव ने कहा कि गरीब और अमीर घर के बच्चों के लिए अलग-अलग शिक्षा की जो दोहरी नीति है इसेसे सामाजिक और आर्थिक खाई भी बढ़ रही है। प्राइमरी स्कूल के अध्यापक के बच्चे खुद प्राइमरी स्कूल में नहीं पढ़ते।
सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार व श्रीमती राकेश ने कहा कि समान शिक्षा व्यवस्था लागू हो इसके लिए जल्द ही प्रदेश स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। अभियान में डीडीएस वेलफेयर सोसायटी, ग्रामीण विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान, मां मूर्ति ग्रुप ऑफ प्लान्टेशन, लोक चेतना समिति, तरुण चेतना, रामेश्वर शिक्षण सेवा संस्थान आदि से जुड़े लोगों के अलावा सुरेंद्र, शहबाज, दिव्यांशु, विनीत, काजल, पूनम, प्रतिमा, दिव्या, श्वेता, कुमकुम, प्रतिमा, दिलरुबा, महरुबा, रुकैया, दानिश, कृष्णा, अमित, शुभम आदि थे।