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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   For the first time, Lord Jagannath came on the shoulder 400 meters from the Dham

पहली बार धाम से 400 मीटर कंधे पर आए-गए भगवान जगन्नाथ

Fri, 01 Jul 2022 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2022 11:42 PM IST
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For the first time, Lord Jagannath came on the shoulder 400 meters from the Dham
रसमंण्डल स्थित भगवान जग्गनाथ की शोभा यात्रा के लिए लेकर जाते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। भगवान श्री जगन्नाथ, बलबद्र और देवी सुभद्रा की रथयात्रा का 350 साल पुराना रिकार्ड शुक्रवार को टूट गया। सड़क ठीक नहीं होने के कारण भक्तों के कंधे पर सवार होकर धाम से 400 मीटर दूर मानिक चौक तक पहुंचे। यहां पहले से खड़े रथ पर भगवान को रथारूढ कर आरती पूजन किया गया। इसके बाद उनकी यात्रा निकाली गई, जो रात में पुन: मानिक चौक पहुंचने पर भक्तों के कंधे से ही धाम में गए।
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इसके पहले रातभर सड़क मरम्मत का कार्य चला लेकिन सुबह अचानक सड़क धंस गई। इसके बाद प्रशासन ने सड़क पर लोहे के चद्दर डलवाया, लेकिन बारिश के कारण वह भी काम नहीं आया। वहीं, दोपहर बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा भी रासमंडल स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने नमामि गगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल को निर्देश दिया कि मंदिर के बाहर राबिश गिरवाएं ताकि बरसात की वजह से श्रद्धालुओं को मंदिर आने में समस्या उत्पन्न न हो, लेकिन आखिर में मंदिर समिति के लोगों ने धाम से मानिक चौक और वहां से वापस कंधे पर ही भगवान को रखकर ले जाने और ले आने का फैसला मजबूरी में लिया। मंदिर समिति के मुख्य ट्रस्टी संतोष गुप्ता तथा मुख्य अतिथि एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशू ने रथारूढ़ भगवान जगन्नाथ, बलभद्रजी एवं देवी सुभद्रा की आरती उतारी, नारियल फोड़कर रथयात्रा का शुभारंभ किया। रथयात्रा में बड़ी संख्या में पारंपरिक तरीके से लोग भगवान के रथ को रस्सियों से खींचकर नगर का भ्रमण कराया। रथयात्रा मानिक चौक, राजा फाटक, कोतवाली चौराहा, सुटहटी बाजार, चहारसू चौराहा, ओलंदगंज, सद्भावना पुल होते हुए पुन: मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। रथ यात्रा का मार्ग में जगह-जगह पर सामाजिक संस्थाओं ने स्वागत किया। भगवान के रथ पर पुष्प वर्षा की। रथयात्रा के आगे-आगे पांच ब्राह्मण निरंतर शंखनाद करते हुए चल रहे थे। भक्तगण मार्ग में आगे-आगे झाड़ू लगा रहे थे। प्रतापगढ़ से आए हुए भक्तों की टोलियां राधा कृष्ण की झांकी डांडिया नृत्य तथा इस्कान से आए हुए संत संकीर्तन आकर्षण करते हुए चल रहे थे, जो आस्था का केंद्र रहा। इसमें विशेष रूप से महंत महेंद्र दास त्यागी, विमल सेठ, अरुण त्रिपाठी, डा. अजीत कपूर, डा. विकास रस्तोगी, जयकृष्ण साहू, विष्णु सहाय, संजय पाठक, नीरज उपाध्याय, योगेश भाटिया, अवंतिका द्विवेदी, सरिता मिंगलानी आदि ने सहयोग किया। इसके पहले शुक्रवार को सुबह श्री जगन्नाथ धाम रासमंडल में भगवान का पट खुला। आचार्य डा. रजनीकांत द्विवेदी के निर्देशन में वरिष्ठ चिकित्सक डा. रजनीश श्रीवास्तव, डा. स्मिता श्रीवास्तव, गणेश साहू, प्रतिमा साहू ने भगवान का षोड्शोपचार पूजन संपन्न किया। भगवान श्री जगन्नाथ जी, बलभद्र जी एवं देवी सुभद्रा को शाही खिचड़ी का भोग लगाया गया। मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान का दर्शन पूजन किया। रथ यात्रा समिति के अध्यक्ष शशांक सिंह रानू, महामंत्री शिव शंकर साहू, संजय गुप्ता, नीलिमा गुप्ता, राजेश गुप्ता, आशीष यादव, नीरज श्रीवास्तव, जगदेव सेठ, संतोष जायसवाल ने शाही खिचड़ी के प्रसाद वितरण में सहयोग किया। मंदिर के महंत पंडित दिनेशचंद्र द्विवेदी ने आभार जताया।
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