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हक-हकूक के लिए महिलाओं ने बनाई मानव शृंखला
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Wed, 10 Dec 2014 12:40 AM IST
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महिला हिंसा विरोधी पखवारा के तहत मंगलवार को महिलाओं ने दीवानी न्यायालय के मुख्य गेट से अंबेडकर तिराहे तक शृंखला बनाकर महिला हिंसा के प्रति विरोध जताया। निर्भय ट्रस्ट की अध्यक्ष रेनू सिंह के नेतृत्व में आई महिलाओं ने रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया।
यहां सभा करने के बाद 10 सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
सामाजिक कार्यकर्ता रेनू सिंह ने कहा कि महिलाओं के जीवन पर नजर डालें तो आज भी महिलाएं पुरानी घिसी पिटी व्यवस्थाओं के अंदर घुटती पिसती जिंदगी बसर कर रही हैं।
संविधान के तहत खुद के अधिकार सुरक्षित रखने की लड़ाई लड़ने वाले लोग महिलाओं की बात आने पर परंपरा का पाठ पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि जिले में एक पारिवारिक कोर्ट होने और मुकदमे अधिक होने के कारण चार चार महीने पर तारीख मिलती है। यहां पारिवारिक कोर्ट की संख्या तीन होनी चाहिए।
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कोर्ट मे लंबा समय खिचने के कारण न्याय के लिए महिलाओं की उम्मीदें टूट रही हैं। कई महिलाओं ने मजबूरन मुकदमा भी बंद कर दिया है। परामर्श केंद्र पर भी महिलाओं को यह नहीं बताया जाता कि उनकी मदद के लिए सरकारी वकील मिल सकते हैं। डीएम को संबोधित ज्ञापन में मांग की गई है कि पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को घरेलू हिंसा कानून 2005 और पाक्सो एक्ट का प्रशिक्षण कराया जाए। इस मौके पर शोभना स्मृति, प्रीति, पिंकी, मीरा, चंद्रावती, राजकला देवी, सोना, तारा, प्रभावती, रिया, रानी समेत अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं।
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यहां सभा करने के बाद 10 सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
सामाजिक कार्यकर्ता रेनू सिंह ने कहा कि महिलाओं के जीवन पर नजर डालें तो आज भी महिलाएं पुरानी घिसी पिटी व्यवस्थाओं के अंदर घुटती पिसती जिंदगी बसर कर रही हैं।
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संविधान के तहत खुद के अधिकार सुरक्षित रखने की लड़ाई लड़ने वाले लोग महिलाओं की बात आने पर परंपरा का पाठ पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि जिले में एक पारिवारिक कोर्ट होने और मुकदमे अधिक होने के कारण चार चार महीने पर तारीख मिलती है। यहां पारिवारिक कोर्ट की संख्या तीन होनी चाहिए।
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कोर्ट मे लंबा समय खिचने के कारण न्याय के लिए महिलाओं की उम्मीदें टूट रही हैं। कई महिलाओं ने मजबूरन मुकदमा भी बंद कर दिया है। परामर्श केंद्र पर भी महिलाओं को यह नहीं बताया जाता कि उनकी मदद के लिए सरकारी वकील मिल सकते हैं। डीएम को संबोधित ज्ञापन में मांग की गई है कि पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को घरेलू हिंसा कानून 2005 और पाक्सो एक्ट का प्रशिक्षण कराया जाए। इस मौके पर शोभना स्मृति, प्रीति, पिंकी, मीरा, चंद्रावती, राजकला देवी, सोना, तारा, प्रभावती, रिया, रानी समेत अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं।