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सीमांकन के लिए आए कर्मचारियों को खदेड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:30 AM IST
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वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बाईपास के लिए लाइनबाजार थाना क्षेत्र के शिवापार गांव में गुरुवार को सीमांकन के लिए आए कर्मचारियों को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। समान रूप से मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं।
शिवापार गांव में सीमांकन के लिए गुरुवार को 15 की संख्या में कर्मचारी पहुंचे थे। जैसे ही इसकी भनक गांव के किसानों को लगी तो लोगों ने कर्मचारियों को दौड़ा लिया। गांव के किसानों का कहना है कि बगल के ही नेवादा गांव में किसानों को 6.30 लाख रुपये प्रति विस्वा की दर से मुआवजा दिया जा रहा है। जबकि शिवापार गांव में वैसी ही जमीन का मुआवजा मात्र 2.90 लाख रुपये प्रति विस्वा की दर से दिया जा रहा है।
मुआवजे में असमानता को लेकर नाराज किसानों ने तमाम उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की है। दरअसल रजिस्ट्री विभाग ने नेवादा गांव का सर्किल रेट 6 लाख तीस हजार रूपये और बगल के गांव शिवापार का सर्किल रेट मात्र दो लाख 90 हजार निर्धारित किया है जिसके कारण मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर दोगुने का अंतर आ गया है। इसी बात से किसान नाराज हैं। किसानों का कहना है कि जबतक नेवादा गांव के बराबर उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाएगा तबतक वे सड़क नहीं बननें देंगे।
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शिवापार गांव में सीमांकन के लिए गुरुवार को 15 की संख्या में कर्मचारी पहुंचे थे। जैसे ही इसकी भनक गांव के किसानों को लगी तो लोगों ने कर्मचारियों को दौड़ा लिया। गांव के किसानों का कहना है कि बगल के ही नेवादा गांव में किसानों को 6.30 लाख रुपये प्रति विस्वा की दर से मुआवजा दिया जा रहा है। जबकि शिवापार गांव में वैसी ही जमीन का मुआवजा मात्र 2.90 लाख रुपये प्रति विस्वा की दर से दिया जा रहा है।
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मुआवजे में असमानता को लेकर नाराज किसानों ने तमाम उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की है। दरअसल रजिस्ट्री विभाग ने नेवादा गांव का सर्किल रेट 6 लाख तीस हजार रूपये और बगल के गांव शिवापार का सर्किल रेट मात्र दो लाख 90 हजार निर्धारित किया है जिसके कारण मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर दोगुने का अंतर आ गया है। इसी बात से किसान नाराज हैं। किसानों का कहना है कि जबतक नेवादा गांव के बराबर उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाएगा तबतक वे सड़क नहीं बननें देंगे।
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