फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Flood came, not to assess the damage

बाढ़ उतरी, नहीं हुआ क्षति का आकलन

Thu, 08 Sep 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर Updated Thu, 08 Sep 2016 12:47 AM IST
विज्ञापन
 जिले में आई बाढ़ से फसलों की हुई क्षति का आंकलन अभी तक नहीं हो सका है। चंदवक इलाके के 10 गांव के करीब डेढ़ सौ एकड़ फसल जलमगभन हो गई थी। बाढ़ उतरे लगभग आठ दिन बीत गया है। बावजूद इसके अभी तक प्रशासन क्षति का आंकलन कराने का कार्य शुुरु नहीं किया है।
विज्ञापन

 

जबकि किसान मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन क्षति का आंकलन नहीं हो पाने का कारण लेखपालों के हड़ताल पर रहना बताकर चुप्पी साध ले रहा है। वहीं पिछले वर्ष भी सूखा पड़ने के बावजूद किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। वजह मानक से कम सूखा पड़ना था।

विज्ञापन

 

जिले में तीन लाख 99 हजार 713 हेक्टेयर भूमि में खेती की जाती है। जिसमें इस वर्ष दो लाख 29 हजार फसलों में खरीफ के फसल की खेती की गई है। जिसमें लगभग एक लाख 46 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती हुई है। शेष भूमि पर मक्का, बाजारा, ऊर्द आदि की खेती की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

उधर इस साल मेघ भी मेहरबान हैं। जिससे लगातार बारिश हो रही है। सूत्रों पर विश्वास करें तो अगस्त माह में मानक से अधिक वर्षा हुई है। जिससे अच्छी फसल होने की उम्मीद किसानों में जगी हैं। लेकिन गोमती नदी का जल स्तर बढ़ने से चंदवक ब्लाक में बाढ़ आ गई थी। जिससे 10 गांव में पानी घुस गया था।

 

इस दौरान लगभग डेढ़ सौ एकड़ फसलें जलमगभन होने से नष्ट हो गई थी। हलांकि प्रशासन द्वारा उक्त इलाकों का भ्रमण जरुर किया गया। जिससे किसानों में फसलों का मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है। लेकिन हालत यह है कि प्रशासन अभी तक क्षति हुए फसलों का आंकलन ही नहीं करा सकता है।


 

वहीं पिछले वर्ष सूखा पड़ने के बावजूद किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। जबकि एक लाख 91 हजार 749 हेक्टेयर में खेती की गई थी। जिसमें सूखा पड़ने के कारण 27.53 प्रतिशत फसलों का नुकसान हुआ था। लेकिन किसानों को मुआवजा इस लिए नहीं दिया गया क्यों की फसलों का नुकसान मानक से कम हुई थी। सूखा पड़ने पर 35 प्रतिशत और इससे उपर नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा मिलता है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed