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पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Thu, 12 Mar 2015 12:39 AM IST
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कोतवाली क्षेत्र के कटाहित खास गांव में पट्टे की भूमि पर कब्जे को लेकर बुधवार को फिर बवाल हो गया। अपात्रों को पट्टा देने का आरोप लगाते हुए गांव की दलित बस्ती के लोगों ने मछलीशहर-बरईपार मार्ग जाम कर दिया।
इन लोगों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं। इसमें पांच महिलाएं घायल हो गईं। जवाब में जाम कर रहे लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें एक सब इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को चोट आई।
जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी और एसपी वीपी श्रीवास्तव ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कटाहित खास गांव में 1992 में गांव के 73 लोगों के नाम भूमि का आवंटन किया गया था।
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इसमें 37 दलितों को और बाकी यादव और अन्य जाति के लोग शामिल थे। जांच में अपात्र मिलने पर दो लोगों का आवंटन सीआरओ ने निरस्त कर दिया। पट्टे में मिली भूमि पर यादव बस्ती के लोगों ने कब्जा करना शुरू किया तो
दलित बस्ती के लोगों ने उनका विरोध किया और कहा कि वे पट्टे के हकदार नहीं हैं। इस मामले को लेकर एक सप्ताह पूर्व दलित बस्ती के लोगों ने चक्काजाम किया था। पुलिस ने उस वक्त शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भूमि से
अस्थायी कब्जा हटवा दिया था। बुधवार को सुबह फिर यादव बस्ती के लोगों ने भूमि पर कब्जा करना शुरू किया तो दलित बस्ती के लोगों ने विरोध जताया। इसे लेकर मारपीट हो गई। दलित बस्ती की महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग सभी आ
गए और सड़क जाम कर दी। पुलिस ने जाम खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। दलितों का कहना था कि मामला कमिश्नर के यहां लंबित है। इस नाते जमीन पर कब्जा न किया जाए। मौके पर पहुंचे सीआरओ एके पांडेय ने
कहा कि आखिर पट्टा मान्य हो गया तो वे विवाद क्यों कर रहे हैं। लाख समझाने के बाद भी दलित बस्ती के लोग जिद पर अड़े रहे। भीड़ को अनियंत्रित देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें सावित्री (45), प्रभावती (60), पुट्टन
(48), रावती (45) समेत पांच महिलाएं घायल हो गईं। जवाब में लोगों ने पथराव कर दिया। इसमें सब इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। मौके पर कई थानों की फोर्स और पीएसी ने पहुंचकर स्थिति को संभाला।
एडीएम गंगाराम गुप्ता के अलावा एसपीआरए और मड़ियाहूं के एसडीएम भी पहुंचे। घायलों का उपचार सीएचसी पर कराया गया।
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इन लोगों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं। इसमें पांच महिलाएं घायल हो गईं। जवाब में जाम कर रहे लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें एक सब इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को चोट आई।
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जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी और एसपी वीपी श्रीवास्तव ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कटाहित खास गांव में 1992 में गांव के 73 लोगों के नाम भूमि का आवंटन किया गया था।
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इसमें 37 दलितों को और बाकी यादव और अन्य जाति के लोग शामिल थे। जांच में अपात्र मिलने पर दो लोगों का आवंटन सीआरओ ने निरस्त कर दिया। पट्टे में मिली भूमि पर यादव बस्ती के लोगों ने कब्जा करना शुरू किया तो
दलित बस्ती के लोगों ने उनका विरोध किया और कहा कि वे पट्टे के हकदार नहीं हैं। इस मामले को लेकर एक सप्ताह पूर्व दलित बस्ती के लोगों ने चक्काजाम किया था। पुलिस ने उस वक्त शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भूमि से
अस्थायी कब्जा हटवा दिया था। बुधवार को सुबह फिर यादव बस्ती के लोगों ने भूमि पर कब्जा करना शुरू किया तो दलित बस्ती के लोगों ने विरोध जताया। इसे लेकर मारपीट हो गई। दलित बस्ती की महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग सभी आ
गए और सड़क जाम कर दी। पुलिस ने जाम खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। दलितों का कहना था कि मामला कमिश्नर के यहां लंबित है। इस नाते जमीन पर कब्जा न किया जाए। मौके पर पहुंचे सीआरओ एके पांडेय ने
कहा कि आखिर पट्टा मान्य हो गया तो वे विवाद क्यों कर रहे हैं। लाख समझाने के बाद भी दलित बस्ती के लोग जिद पर अड़े रहे। भीड़ को अनियंत्रित देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें सावित्री (45), प्रभावती (60), पुट्टन
(48), रावती (45) समेत पांच महिलाएं घायल हो गईं। जवाब में लोगों ने पथराव कर दिया। इसमें सब इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। मौके पर कई थानों की फोर्स और पीएसी ने पहुंचकर स्थिति को संभाला।
एडीएम गंगाराम गुप्ता के अलावा एसपीआरए और मड़ियाहूं के एसडीएम भी पहुंचे। घायलों का उपचार सीएचसी पर कराया गया।