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Jaunpur News: बिजली गिरने से दो सगे भाइयों समेत पांच की मौत
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जौनपुर। जिले में रविवार की दोपहर बाद आई आंधी-पानी के साथ बिजली गिरने से दो सगे भाइयों समेत पांच लोगों की मौत हो गई जबकि दो लोग झुलस गए है। आधी से जहां सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए वहीं 12 से अधिक ट्रांसफार्मर पोल सहित टूट कर गिर गए। बिजली के कई खंभे तार सहित गिरने से कई गांवों में आपूर्ति बाधित हो गई है।
काशीदासपुर निवासी राहुल यादव ने बताया कि उनके दो बेटे अंश (12) और अंशु (10) दोपहर बाद आंधी-बारिश के समय पड़ोसी अनिल यादव के बेटे आयुष (12)के साथ बगीचे में आम बीनने गए थे। इसी दौरान गिरी बिजली की चपेट आकर तीनों गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन तीनों को सीएचसी डोभी ले गए। जहां डाक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। उधर, करनेहुआ गांव निवासी महेंद्र राजभर का बेटा बृजेश (25) आंधी-पानी के दौरान गाय को छांव में बांधने के लिए ले जा रहा था। इसी बीच बिजली गिरने से वो गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन सीएचसी ले गए वहां डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पड़ोसी दीपचंद पाल की भी दो भैंस बिजली गिरने से चपेट में आकर मर गईं।
बदलापुर: सुल्तानपुर के चांदा थाना क्षेत्र के लौआ सफीपुर गांव निवासी कक्षा आठ की छात्रा अनामिका (15) अपने ननिहाल बदलापुर कोतवाली क्षेत्र के खजूरन गांव स्थित अपने मामा उमाकांत के घर आई थी। महराजगंज थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव निवासी रामनयन की पुत्री अंकिता भी अपने बुआ के घर आई थी। परिजनों ने बताया कि रविवार को तीन बजे के करीब आंधी के समय दोनों बगल के बाग में आम बीनने चली गईं थीं। इसी बीच बिजली गिरने से दोनों चपेट में आ गईं। दोनों को सीएचसी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने अनामिका को मृत घोषित कर दिया जबकि अंकिता को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। उधर, घनश्यामपुर गांव निवासी रमाशंकर (40) बगल गांव जमुनीपुर में आइसक्रीम बेचने गए थे। इसी दौरान बिजली गिरने से चपेट में आकर घायल हो गए। उन्हें सीएचसी ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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चार किशोरियां झुलसीं, दो रेफर
सुइथाकलां। ऊंचगांव में रविवार को बिजली गिरने से चार किशोरियां सोनी (16) मोनी (18), शालिनी (16) व गुड़िया (13) झुलस गईं। परिजनों ने उन्हें तत्काल सीएचसी में भर्ती कराया। वहां सोनी और शालिनी की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं मोनी और गुड़िया का इलाज वहीं सीएचसी में चल रहा है।
मृतकों के परिवारों को मिलेगी चार लाख की आर्थिक सहायता
डोभी। आंधी-बारिश के बाद एसडीएम राजेश चौरसिया नायब तहसीलदार हुसैन अहमद व अन्य राजस्व कर्मियों के साथ नुकसान का जायजा लेने मौके पर गए। उन्होंने बताया कि बिजली गिरने से हुई मौतों के मामले में दैवी आपदा के तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मवेशी की मौत के मामले में पीएम रिपोर्ट के बाद अनुमन्य सहायता दी जाएगी।
आंधी में गिर गया दो सौ वर्ष पुराना वट वृक्ष
तेज रफ्तार आंधी बारिश से हरदासीपुर गांव स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर परिसर में स्थित दो सौ वर्ष पुराना वट वृक्ष धराशायी हो गया। इसके अलावा मुकुरीपुर में तीन ट्रांसफाॅर्मर व 12 से अधिक पोल तार सहित गिर गए। रामदेवपुर, चंदवक सहित अन्य गांवों में 24 से अधिक पेड़ भी जड़ से उखड़ गए।
बिजली गिरने से फुंका ट्रांसफाॅर्मर
सिंगरामऊ। तेज हवा के साथ हुए बारिश के दौरान 10 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर पर बिजली गिरने से ट्रांसफाॅर्मर जल गया। इससे करीब 20 घरों में अंधेरा पसर गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बिजली विभाग के अधिकारियों को दी है। उधर महराजगंज में बिजली के पोल पर पेड़ गिरने से 15 घरों के उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बिजली विभाग देर शाम तक फाल्ट ठीक करने में जुटा रहा।
सगे भाइयों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
डोभी। तेज रफ्तार आंधी व बारिश के दौरान बिजली गिरने से चपेट में आए सगे भाइयों अंश व आशु की मौत से जहां परिजनों में कोहराम मच गया है। वहीं अनिल यादव के इकलौते बेटे आयुष की मौत से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। एक सप्ताह पूर्व मुंबई से कमा कर लौटे बृजेश की मौत से भी उसके पिता बदहवास हैं। प्राकृतिक आपदा ने सुखमय परिवारों की खुशियां छीन ली।
काशीदासपुर के अंश, आशु, आयुष को क्या पता कि अब के बाद वो कभी आम इस बगीचे में नहीं बिन पाएंगे। अंश, आशु के पिता राहुल जहां कलेजे के टुकड़े के चले जाने से बदहवास है वहीं मां सुमन व अन्य परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। आयुष के पिता अनिल, मां साधना, बहन अंशिका सहित परिजन बेटे के ऐसे चले जाने पर बिलख रहे हैं। करनेहुआ के महेंद्र राजभर के पिता यही विलाप कर रहे कि मुंबई से वापस घर आया बेटा बृजेश हमेशा के लिए दूर चला गया।
तीन घंटे बाद परिजनों ने बालकों के शव सौंपे
डेाभी। सीएचसी डोभी से बालकों की मौत की पुष्टि होने पर परिजन बिलखते हुए बच्चों के शव को लेकर घर चले आये और पोस्टमार्टम के लिए मना कर दिया। मौके पर मौजूद एसडीएम केरकात, सीओ केराकत के लाख मनाने पर शव को सौंपने पर राजी नही हो रहे थे। इसके बाद डीएम डाॅ. दिनेश चंद्र और एसपी डा. कौस्तुभ चंदवक थाने पर पहुंचे। उन्होंने थानाध्यक्ष से पूरे मामले की जानकारी ली। उसके बाद मृतकों के परिजनों से शोक संवेदन व्यक्त करते हुए शव के पोस्टमार्टम होने देने की बात कही। इस पर परिजन मान गए। करीब 3 घंटे बाद परिजनों ने पुलिस को शव सौंपा।
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काशीदासपुर निवासी राहुल यादव ने बताया कि उनके दो बेटे अंश (12) और अंशु (10) दोपहर बाद आंधी-बारिश के समय पड़ोसी अनिल यादव के बेटे आयुष (12)के साथ बगीचे में आम बीनने गए थे। इसी दौरान गिरी बिजली की चपेट आकर तीनों गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन तीनों को सीएचसी डोभी ले गए। जहां डाक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। उधर, करनेहुआ गांव निवासी महेंद्र राजभर का बेटा बृजेश (25) आंधी-पानी के दौरान गाय को छांव में बांधने के लिए ले जा रहा था। इसी बीच बिजली गिरने से वो गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन सीएचसी ले गए वहां डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पड़ोसी दीपचंद पाल की भी दो भैंस बिजली गिरने से चपेट में आकर मर गईं।
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बदलापुर: सुल्तानपुर के चांदा थाना क्षेत्र के लौआ सफीपुर गांव निवासी कक्षा आठ की छात्रा अनामिका (15) अपने ननिहाल बदलापुर कोतवाली क्षेत्र के खजूरन गांव स्थित अपने मामा उमाकांत के घर आई थी। महराजगंज थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव निवासी रामनयन की पुत्री अंकिता भी अपने बुआ के घर आई थी। परिजनों ने बताया कि रविवार को तीन बजे के करीब आंधी के समय दोनों बगल के बाग में आम बीनने चली गईं थीं। इसी बीच बिजली गिरने से दोनों चपेट में आ गईं। दोनों को सीएचसी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने अनामिका को मृत घोषित कर दिया जबकि अंकिता को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। उधर, घनश्यामपुर गांव निवासी रमाशंकर (40) बगल गांव जमुनीपुर में आइसक्रीम बेचने गए थे। इसी दौरान बिजली गिरने से चपेट में आकर घायल हो गए। उन्हें सीएचसी ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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चार किशोरियां झुलसीं, दो रेफर
सुइथाकलां। ऊंचगांव में रविवार को बिजली गिरने से चार किशोरियां सोनी (16) मोनी (18), शालिनी (16) व गुड़िया (13) झुलस गईं। परिजनों ने उन्हें तत्काल सीएचसी में भर्ती कराया। वहां सोनी और शालिनी की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं मोनी और गुड़िया का इलाज वहीं सीएचसी में चल रहा है।
मृतकों के परिवारों को मिलेगी चार लाख की आर्थिक सहायता
डोभी। आंधी-बारिश के बाद एसडीएम राजेश चौरसिया नायब तहसीलदार हुसैन अहमद व अन्य राजस्व कर्मियों के साथ नुकसान का जायजा लेने मौके पर गए। उन्होंने बताया कि बिजली गिरने से हुई मौतों के मामले में दैवी आपदा के तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मवेशी की मौत के मामले में पीएम रिपोर्ट के बाद अनुमन्य सहायता दी जाएगी।
आंधी में गिर गया दो सौ वर्ष पुराना वट वृक्ष
तेज रफ्तार आंधी बारिश से हरदासीपुर गांव स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर परिसर में स्थित दो सौ वर्ष पुराना वट वृक्ष धराशायी हो गया। इसके अलावा मुकुरीपुर में तीन ट्रांसफाॅर्मर व 12 से अधिक पोल तार सहित गिर गए। रामदेवपुर, चंदवक सहित अन्य गांवों में 24 से अधिक पेड़ भी जड़ से उखड़ गए।
बिजली गिरने से फुंका ट्रांसफाॅर्मर
सिंगरामऊ। तेज हवा के साथ हुए बारिश के दौरान 10 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर पर बिजली गिरने से ट्रांसफाॅर्मर जल गया। इससे करीब 20 घरों में अंधेरा पसर गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बिजली विभाग के अधिकारियों को दी है। उधर महराजगंज में बिजली के पोल पर पेड़ गिरने से 15 घरों के उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बिजली विभाग देर शाम तक फाल्ट ठीक करने में जुटा रहा।
सगे भाइयों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
डोभी। तेज रफ्तार आंधी व बारिश के दौरान बिजली गिरने से चपेट में आए सगे भाइयों अंश व आशु की मौत से जहां परिजनों में कोहराम मच गया है। वहीं अनिल यादव के इकलौते बेटे आयुष की मौत से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। एक सप्ताह पूर्व मुंबई से कमा कर लौटे बृजेश की मौत से भी उसके पिता बदहवास हैं। प्राकृतिक आपदा ने सुखमय परिवारों की खुशियां छीन ली।
काशीदासपुर के अंश, आशु, आयुष को क्या पता कि अब के बाद वो कभी आम इस बगीचे में नहीं बिन पाएंगे। अंश, आशु के पिता राहुल जहां कलेजे के टुकड़े के चले जाने से बदहवास है वहीं मां सुमन व अन्य परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। आयुष के पिता अनिल, मां साधना, बहन अंशिका सहित परिजन बेटे के ऐसे चले जाने पर बिलख रहे हैं। करनेहुआ के महेंद्र राजभर के पिता यही विलाप कर रहे कि मुंबई से वापस घर आया बेटा बृजेश हमेशा के लिए दूर चला गया।
तीन घंटे बाद परिजनों ने बालकों के शव सौंपे
डेाभी। सीएचसी डोभी से बालकों की मौत की पुष्टि होने पर परिजन बिलखते हुए बच्चों के शव को लेकर घर चले आये और पोस्टमार्टम के लिए मना कर दिया। मौके पर मौजूद एसडीएम केरकात, सीओ केराकत के लाख मनाने पर शव को सौंपने पर राजी नही हो रहे थे। इसके बाद डीएम डाॅ. दिनेश चंद्र और एसपी डा. कौस्तुभ चंदवक थाने पर पहुंचे। उन्होंने थानाध्यक्ष से पूरे मामले की जानकारी ली। उसके बाद मृतकों के परिजनों से शोक संवेदन व्यक्त करते हुए शव के पोस्टमार्टम होने देने की बात कही। इस पर परिजन मान गए। करीब 3 घंटे बाद परिजनों ने पुलिस को शव सौंपा।