घर में मिलीं पांच लाशें: पत्नी और तीन बच्चों की हत्या कर फंदे से लटक गया शख्स, सुसाइड नोट में बताया ये कारण
जौनपुर के जयरामपुर गांव स्थित घर में बुधवार को सुबह एक ही परिवार के पांच लोगों का शव मिला। बताया जा रहा है कि पति ने पहले पत्नी की पीट-पीटकर की हत्या की, फिर तीन बच्चों को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उसने खुदकुशी कर ली। मौके से पुलिस को सुसाइड नोट मिला।
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यूपी के जौनपुर जिले से बुधवार को दिल दहला देने वाली एक खबर सामने आई। मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के जयरामपुर गांव में पति ने पहले पत्नी की पीट-पीटकर की हत्या की। फिर सो रहे तीन बच्चों को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। बुधवार सुबह वारदात की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी मच गई। एक ही परिवार में पांच लोगों की मौत से कोहराम मच गया। मौके से कॉपी में लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ है।
पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, देखने से लग रहा है कि तीनों बच्चों की हत्या गला दबाकर की गई है, जबकि महिला के सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया।नेवढ़िया थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव निवासी प्रेमशंकर विश्वकर्मा के दो पुत्रों में छोटा नागेश विश्वकर्मा (37) घर से कुछ दूरी पर मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के जयरामपुर गांव में रहता था। पास ही उसके परिवार से जुड़े कुछ और लोग भी रहते हैं।
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दरवाजा खुलते ही दिखा भयानक मंजर
बुधवार सुबह चचेरे भाई सोनू ने नागेश के घर का दरवाजा बंद देखा और बुलाने चले गए। दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। अनहोनी की आशंका पर सोनू ने धक्का मारकर दरवाजा खोला और अंदर चला गया। घर के अंदर चारपाई व बेड पर तीनों मासूमों निकिता (11), आयुषी (3), आदर्श (8) व नागेश की पत्नी राधिका विश्वकर्मा (35) का शव पड़ा था। सबके शव के पास ही फंदे से नागेश लटक रहा था। यह देख सोनू बदहवास हो गया और शोर मचाते हुए बाहर निकला।
यह देख आसपास के लोग जुट गए और डायल 112 पर फोन करके पुलिस को सूचना दी। डॉग स्क्वॉड व फॉरेसिंक टीम के पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। फॉरेसिंक टीम ने साक्ष्य जुटाए, फिर नागेश का शव फंदे से उतारा गया। इसके बाद पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना की सूचना पाकर एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा भी मौके पर पहुंचे और छानबीन की। घर से सुसाइड नोट बरामद हुआ ।
सात लाख देने के बाद भी नहीं मिली नौकरी, अब मरना ही बेहतर
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मृत नागेश ने ही अपने तीन बच्चों व पत्नी की हत्या करके खुद फंदा लगाकर जान दे दी। मौके से एक कॉपी में लिखा हुआ सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें नागेश ने सभी की मौत की जिम्मेदारी खुद ली है। सुसाइड नोट से पता चला कि नागेश ने सलारपुर गांव निवासी भानु प्रताप विश्वकर्मा के माध्यम से सरजू प्रसाद कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय में चपरासी की नौकरी के लिए सात लाख रुपये संचालक शिव आश्रय सिंह निवासी कोरार जलालपुर को दिया था।
काफी समय बीतने के बाद न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस मिल रहे थे। इससे नागेश तनाव में आ गया और उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। मृतक नागेश के भाई त्रिभुवन विश्वकर्मा की तहरीर के आधार पर स्कूल संचालक शिव आश्रय सिंह और भानु प्रताप विश्वकर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को हिरासत में लिया गया है।
एक साथ दरवाजे से उठे पांच शव तो सबकी आखें हो गईं नम
सड़क के किनारे ही नागेश का घर है। उसके बच्चों की चंचलता के सभी कायल हैं। मंगलवार रात में जो घटना हुई, उससे हर कोई दहल गया। बुधवार तो जब दरवाजे से तीनों मासूमों, नागेश और उसकी पत्नी का शव उठा तो हर किसी की आखें नम हो गईं। बड़े भाई त्रिभुवन विश्वकर्मा तो यही कहकर फफक पड़े कि भाई अपने परिवार की परवरिश के लिए घर से थोड़ी ही दूरी पर सड़क किनारे घर बनवाकर रहता था। आखिर किसकी नजर लगी कि वह और उसका पूरा परिवार हमसे जिंदगी भर के लिए दूर चला गया।
घटनास्थल पर करीब 500 से अधिक लोगों की भीड़ जुटी। जब पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की कार्यवाही शुरू की तो महिलाओं की करुण क्रंदन से पूरा माहौल गमगीन हो गया। जिस समय घटना की जानकारी मिली, उस समय किसी के घर में सब्जी बनी थी तो किसी के घर दाल पकी थी। जो जैसे सुना वैसे ही सबकुछ छोड़कर नागेश के घर की तरफ दौड़ पड़ा। कई घरों में चूल्हे नहीं जले।
...आखिर कैसे घोंटा होगा अपने ही बच्चों का गला
घटनास्थल पर जुटे लोगों में हर कोई यह जानना चाह रहा था कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो नागेश ने इस तरह का कदम उठाया। लोगों का कहना था कि सबसे हंसकर बात करने वाला नागेश आखिर अपने ही बच्चों का गला कैसे घोटा होगा। वह अपने परिवार पर जान छिड़कता था। दोनों बच्चियों और इकलौते बेटे को जान से भी ज्यादा चाहता था।
किसी धार्मिक स्थल पर जाने की तैयारी में था नागेश का परिवार
नागेश बुधवार की सुबह पूरे परिवार को लेकर किसी धार्मिक स्थल पर दर्शन के लिए जाने वाला था। घटनास्थल पर पहुंची भीड़ के बीच आसपास के लोगों ने बताया कि एक दिन पहले ही बच्चे वहां जाने की चर्चा कर रहे थे। उसके बाद मंगलवार रात लगभग नौ बजे तक कमरे के बाहर बरामदे में नागेश, उसकी पत्नी और बच्चे साथ बैठे थे। पूरा परिवार ठीक से था। अचानक ऐसा क्या हुआ कि रात में इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया। यह किसी को समझ में नहीं आ रहा।