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घनी आबादी में हो रहा पटाखों का भंडारण
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जौनपुर। सुरक्षा के लिहाज से पटाखों के भंडारण के लिए नियम कायदे बनाए गए हैं लेकिन यहां पटाखों के भंडारण के लिए नियमों का कोई मतलब नहीं है। घनी आबादी के बीच में पटाखों का भंडारण किया गया है। आवासीय मकानों में नीचे बेसमेंट, ऊपर पटाखा गोदाम और उसके ऊपर आवासीय फ्लैट है। यह स्थिति किसी एक गोदाम की नहीं है। जौनपुर शहर से लेकर शाहगंज, मड़ियाहूं, मछलीशहर में कुल 18 ऐसे लाइसेंसी हैं जो 450 किलोग्राम तक पटाखा रख सकते हैं। सूत्रों की माने तो जिसके पास जितनी क्षमता का लाइसेंस है उससे तीन से चारगुना अधिक पटाखा भंडारण करता है। इससे कभी बड़ा हादसा होने की आशंका है।
जिले में कुल 168 आतिशबाजों को लाइसेंस जारी किया गया है। इन में 18 लाइसेंस ऐसे हैं जिन्हें 450 किलोग्राम तक पटाखा रखने की अनुमति दी गई है। इसमें 6 जौनपुर शहर में इतने ही शाहगंज में और बाकी मछलीशहर और मड़ियाहूं में लइसेंसी है। शहर में कटघरा, रौजा अर्जन, खोवा मंडी में जहां पटाखे के गोदाम की चौहद्दी दी गई है वह घनी आबादी के बीच में है। इसमें खोवा मंडी में जिस मकान में पटाखा गोदाम बनाया गया है। वहां कभी हादसा हुआ तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकेगी। यह मकान तंग गली में स्थिति है। नीचे बेसमेंट है। ऊपर गोदाम और उसके ऊपर मकान मालिक खुद रहते हैं। शायद मकान मालिक को भी इस बात का अंदाजा नहीं होगा कि कभी हादसा हुआ तो कैसे हालात होंगे। यहां अगर 450 किलो पटाखे का जो लाइसेंस है उतना ही अगर पटाखा रखा गया होगा तो उसकी क्षमता पूरी बिंल्डिंग को ध्वस्त करने की है। जबकि पूरी संभावना है कि लाइंसेंस से अधिक मात्रा में पटाखा डंप किया गया होगा।
जौनपुर शहर समेत मछलीशहर, शाहगंज और मड़ियाहूं में 450 केजी पटाखा रखने का लाइसेंस कुल 18 लोगों को जारी किया गया है। सभी लाइसेंसियों ने गोदाम की जो चौहद्दी दी है उसकी जांच कराई गई तो पता चला कि वह घनी आबादी में है। इसकी रिपोर्ट मुख्य अग्निशमन अधिकारी को देते हुए संबंधित लाइसेंस धारकों को नोटिस भी जारी की गई है।
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अनिल कुमार सरोज
अग्निशमन अधिकारी
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जिले में कुल 168 आतिशबाजों को लाइसेंस जारी किया गया है। इन में 18 लाइसेंस ऐसे हैं जिन्हें 450 किलोग्राम तक पटाखा रखने की अनुमति दी गई है। इसमें 6 जौनपुर शहर में इतने ही शाहगंज में और बाकी मछलीशहर और मड़ियाहूं में लइसेंसी है। शहर में कटघरा, रौजा अर्जन, खोवा मंडी में जहां पटाखे के गोदाम की चौहद्दी दी गई है वह घनी आबादी के बीच में है। इसमें खोवा मंडी में जिस मकान में पटाखा गोदाम बनाया गया है। वहां कभी हादसा हुआ तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकेगी। यह मकान तंग गली में स्थिति है। नीचे बेसमेंट है। ऊपर गोदाम और उसके ऊपर मकान मालिक खुद रहते हैं। शायद मकान मालिक को भी इस बात का अंदाजा नहीं होगा कि कभी हादसा हुआ तो कैसे हालात होंगे। यहां अगर 450 किलो पटाखे का जो लाइसेंस है उतना ही अगर पटाखा रखा गया होगा तो उसकी क्षमता पूरी बिंल्डिंग को ध्वस्त करने की है। जबकि पूरी संभावना है कि लाइंसेंस से अधिक मात्रा में पटाखा डंप किया गया होगा।
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जौनपुर शहर समेत मछलीशहर, शाहगंज और मड़ियाहूं में 450 केजी पटाखा रखने का लाइसेंस कुल 18 लोगों को जारी किया गया है। सभी लाइसेंसियों ने गोदाम की जो चौहद्दी दी है उसकी जांच कराई गई तो पता चला कि वह घनी आबादी में है। इसकी रिपोर्ट मुख्य अग्निशमन अधिकारी को देते हुए संबंधित लाइसेंस धारकों को नोटिस भी जारी की गई है।
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अनिल कुमार सरोज
अग्निशमन अधिकारी