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Jaunpur News: बिजली कनेक्शन का दावा पर नहीं चलते पंखे, गर्मी में झुलस रहे बच्चे
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जौनपुर। बदलापुर विकास खंड के बक्खोपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में कुल 109 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। यहां पहले वाले भवन की दीवारों में कई जगह दरारें हैं। एक नया भवन भी बना है, लेकिन उसमें दो ही कक्ष हैं। नए में तो बिजली भी है, पंखें भी लगे हैं, लेकिन पुराने वाले भवन में जो बच्चे बैठते हैं उन्हें उमस भरी गर्मी में ही बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। यहीं स्थित प्राथमिक विद्यालय सेतापुर की भी है। यहां 26 जनवरी को ही बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं हो सका। भीषण गर्मी में भी बच्चे यहां बिना पंखे के पढ़ाई करते हैं। शायद यहीं वजह है कि शुक्रवार को यहां 85 नामांकन के सापेक्ष महज 20 ही उपस्थित थे। यहां बाउंड्रीवाल और शौचालय की भी दिक्कत है।
यह स्थिति केवल दो स्कूलों में नहीं, बल्कि जिले के करीब सभी ब्लॉकों के कुछ स्कूलों में हैं। इस भीषण गर्मी में जहां हर व्यक्ति घर के अंदर पंखा, कूलर लगाकर बैठना चाहता है वहीं परिषदीय स्कूलों के उन बच्चों के बारे में कोई नहीं सोच रहा है, जहां बिजली, पंखा नहीं चलता। जबकि जिले में परिषदीय स्कूलों की दशा सुधारने के लिए कायाकल्प अभियान भी चलाया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों में तो जिले में करीब 95 फीसदी कायाकल्प हो चुका है। पांच फीसदी जो बचे हैं उन्हीं स्कूलों में दिक्कत है।
क्या कहते हैं विभागीय आंकड़े
बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले के 2807 स्कूलों में से 2802 की कायाकल्प के लिए फीडिंग हैं। उनमें 95 फीसदी में कायाकल्प हो चुका है। विद्युतीकरण के मामले में विद्युतीकरण और उपकरण कराने के मामले में 99 फीसदी काम हुए हैं, यानी 2786 स्कूलों में काम हो चुका है और 16 में बाकी है। जबकि बिजली कनेक्शन के मामले में 91 फीसदी ही काम हुआ है। इस तरह से 754 विद्यालयों में अभी कनेक्शन होना बाकी है।
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स्कूल कायाकल्प के तहत ज्यादातर स्कूलों का कायाकल्प हो गया है। जहां किन्हीं कारणों से बाकी रह गया है वहां भी जल्द ही करा दिया जाएगा। बिजली कनेक्शन के लिए कुछ जगहों का आवेदन किया गया है, बाकी का भी कर दिया जाएगा। शीघ्र ही सभी जगह कनेक्शन कराया जाएगा।
- डॉ. गोरखनाथ पटेल, बीएसए
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यह स्थिति केवल दो स्कूलों में नहीं, बल्कि जिले के करीब सभी ब्लॉकों के कुछ स्कूलों में हैं। इस भीषण गर्मी में जहां हर व्यक्ति घर के अंदर पंखा, कूलर लगाकर बैठना चाहता है वहीं परिषदीय स्कूलों के उन बच्चों के बारे में कोई नहीं सोच रहा है, जहां बिजली, पंखा नहीं चलता। जबकि जिले में परिषदीय स्कूलों की दशा सुधारने के लिए कायाकल्प अभियान भी चलाया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों में तो जिले में करीब 95 फीसदी कायाकल्प हो चुका है। पांच फीसदी जो बचे हैं उन्हीं स्कूलों में दिक्कत है।
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क्या कहते हैं विभागीय आंकड़े
बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले के 2807 स्कूलों में से 2802 की कायाकल्प के लिए फीडिंग हैं। उनमें 95 फीसदी में कायाकल्प हो चुका है। विद्युतीकरण के मामले में विद्युतीकरण और उपकरण कराने के मामले में 99 फीसदी काम हुए हैं, यानी 2786 स्कूलों में काम हो चुका है और 16 में बाकी है। जबकि बिजली कनेक्शन के मामले में 91 फीसदी ही काम हुआ है। इस तरह से 754 विद्यालयों में अभी कनेक्शन होना बाकी है।
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स्कूल कायाकल्प के तहत ज्यादातर स्कूलों का कायाकल्प हो गया है। जहां किन्हीं कारणों से बाकी रह गया है वहां भी जल्द ही करा दिया जाएगा। बिजली कनेक्शन के लिए कुछ जगहों का आवेदन किया गया है, बाकी का भी कर दिया जाएगा। शीघ्र ही सभी जगह कनेक्शन कराया जाएगा।
- डॉ. गोरखनाथ पटेल, बीएसए