फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   False claim of work guarantee for 100 days in a year

सौ दिन काम का वादा झूठा, कैसी यह गारंटी

Mon, 24 Feb 2020 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2020 12:00 AM IST
विज्ञापन
False claim of work guarantee for 100 days in a year
जौनपुर। मनरेगा के तहत वर्ष में सौ दिन काम की गारंटी देने का दावा छलावा साबित हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में अब तक सिर्फ 2064 मजदूरों को ही सौ दिन काम मिल पाया है, जबकि जिले में 3.32 लाख जॉब कार्डधारक मजदूर हैं। काम न मिलने से उन्हें मजदूरी के अन्यत्र पलायन के लिए विवश होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

गांव से बेरोजगारों का पलायन रोकने और गांव में काम उपलब्ध कराने के मकसद से मनरेगा की शुरुआत हुई थी। दावा किया गया था कि केंद्र सरकार की इस योजना से गांव और उसके पांच किमी की परिधि में ही जॉब कार्डधारक को वर्ष में कम से कम सौ दिन काम की गारंटी रहेगी। काम न उपलब्ध हो पाने पर उन्हें बेरोजगारी भत्ता भी देने का प्रावधान है। जमीनी हकीकत इससे बिलकुल अलग है। वर्ष में सौ दिन काम मजदूरों के लिए सपना बना हुआ है। जिले में अब तक कुल 3 लाख 32 हजार 129 लोगों का जॉब कार्ड बनाया गया है। इसके सापेक्ष वित्तीय सत्र 2019-20 में सिर्फ दो लाख 41 हजार 349 लोगों को ही काम मिल पाया है। इसमें भी महज 2064 जॉब कार्डधारक ऐसे रहे, जिन्हें वर्ष में सौ दिन काम दिया जा सका।
विज्ञापन

91 हजार जॉब कार्ड धारकों को एक भी दिन काम नहीं
जौनपुर। जिले 91080 जॉब कार्ड धारक ऐसे भी हैं, जिन्हें वर्ष में एक दिन भी काम नहीं दिया जा सके। इसके लिए मनरेगा सेल के जिम्मेदार मजदूरों को ही दोषी बता रहे हैं। उनकी दलील है कि इन मजदूरों ने काम की कभी डिमांड ही नहीं की तो उन्हें काम कैसे उपलब्ध कराया जाए। बिना डिमांड किए बेरोजगारी भत्ता भी नहीं दिया जा सकता। मामला चाहे जो हो, लेकिन सवाल यह भी है कि अगर इन लोगों द्वारा काम नहीं मांगा गया तो जॉब कार्ड कैसे बना दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

50 हजार मनरेगा श्रमिकों की 19 करोड़ मजदूरी बकाया
जौनपुर। जिले में 50 हजार मनरेगा मजदूरों का दो माह से मजदूरी नहीं मिली है। बकाया मजदूरी के लिए मजदूर ब्लाक व जिला मुख्यालय पर मनरेगा सेल के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं मनरेगा सेल शासन से धनराशि नहीं मिलने की बात कह रहा है। उपायुक्त मनरेगा भूपेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि 20 दिसंबर से लेकर अब तक लगभग 50 हजार मजदूरों का 19 करोड़ रुपया मजदूरी बकाया है। इसके लिए शासन से बजट मांगा गया है। शीघ्र ही शासन से धनराशि मिलेगी। जिसके बाद उनका बकाये मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed