हर आंख हुई नम: जौनपुर में छोटी बहन की मौत से बड़ी बहन को लगा गहरा सदमा, शव के पास रोते हुए निकले प्राण
जौनपुर के हौज गांव में शनिवार को कुछ ऐसा नजारा दिखा जिसने सभी को रुलाकर रख दिया। दो सगी बहनों की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। छोटी बहन की बीमारी से मौत का गम बड़ी बहन बर्दाश्त नहीं कर सकी।
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किसी अपने को खो देने का असर इंसान पर इतना गहरा हो जाता है कि सदमे में उसकी जान तक चली जाती है। यूपी के जौनपुर जिले में ऐसी ही घटना सामने आई है। जफराबाद क्षेत्र के हौज गांव में एक महिला को छोटी बहन की मौत से इतना सदमा पहुंचा कि उसने शव के पास ही रोते हुए उसके प्राण निकल गए। एक साथ दो बहनों की मौत से पूरा गांव रो उठा।
हौज गांव निवासी महेंद्र कुमार की 19 वर्षीय पुत्री अंजन एक महीने से बीमार थी। जौनपुर में इलाज के बाद हालत नहीं सुधरी तो परिवार के लोग उसे वाराणसी ले गए। एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत संभलने पर वाराणसी के सिंधोरा मुहल्ले में अपनी बड़ी बहन गुंजा (26) के यहां रहकर कुछ दिन इलाज करा रही थी। ठीक होने पर घर लौट आई थी।
अस्पताल पहुंचने से पहले हो गई मौत
शुक्रवार देर रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजन जौनपुर के एक निजी अस्पताल में ल गए। शनिवार अलसुबह उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना बड़ी बहन गुंजा को मिली तो वह पति के साथ बाइक से हौज गांव पहुंच गई। छोटी बहन का शव देखते ही गश खाकर गिर गई। इससे पहले उसे इलाज के लिए कहीं ले जाया जाता, उसकी मौत हो गई।
ससुराल वाले गुंजा के शव को ससुराल ले गए। अंजन का अंतिम संस्कार जफराबाद में किया गया। गुंजा की शादी लगभग चार वर्ष पूर्व बनारस के सिंधोरा क्षेत्र के दुर्गापुर गांव में हुई थी। उसके दो छोटे बच्चे हैं। अंजन और गुंजा की मां निर्मला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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