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जौनपुर: कोरोना का टेस्ट हुआ नहीं और डीपीआरओ साहब ने पत्र भेजकर घोषित कर दिया पॉजिटिव, फिर जो हुआ....

Wed, 06 May 2020 12:03 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Wed, 06 May 2020 12:03 AM IST
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DPRO directs spraying in the village citing the arrival of two new corona patients
सैनिटाइजेशन करता कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला।

कोरोना के संक्रमण काल में जब हर स्तर पर इससे जुडी सूचनाओं के संप्रेषण को लेकर सावधानी बरती तो जा रही है। लेकिन जौनपुर जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार को बड़ी लापरवाही सामने आई। डीपीआरओ के एक पत्र ने मुंगराबादशाहपुर ब्लाक के असवां गांव में हड़कंप मचा दिया है। पत्र में उन्होंने गांव में दो नए कोरोना मरीज मिलने का हवाला देते हुए एक किमी के दायरे में सैनिटाइजेशन कराने का निर्देश दिया है। मंगलवार की शाम यह पत्र गांव पहुंचा तो ग्रामीण सहम गए। 

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दरअसल, दो दिन पहले ही मुंबई से आए कोरोना संक्रमित पिकअप चालक के साथ के दो युवक गांव पहुंचे हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध माना है। अहम बात है कि स्वास्थ्य विभाग ने अब तक उनका सैंपल भी नहीं लिया है। अचानक से उनके कोरोना संक्रमित होने की सूचना से गांव में खलबली मच गई।
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DPRO directs spraying in the village citing the arrival of two new corona patients
सैनिटाइजेशन करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

मंगलवार को पत्रांक संख्या 144 से एडीओ पंचायत को जारी पत्र में डीपीआरओ ने कहा कि असवां गांव में दो नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। लिहाजा इस गांव में रोगी के घर से एक किमी के दायरे में सैनिटाइजेशन का कार्य तत्काल शुरू करा दिया जाए। पत्र में दो मरीजों के नाम का भी उल्लेख हैं, जो दो दिन पहले मुंबई से कोरोना संक्रमित पिकअप चालक के साथ आए थे।

स्वास्थ्य टीम उन्हें क्वारंटीन में रखकर निगरानी कर रही है। अभी तक उनके सैंपल नहीं लिए गए हैं, जबकि डीपीआरओ के पत्र में उन्हें कोरोना संक्रमित बता दिया गया है। पत्र देख सहमे ग्रामीण घरों में दुबक गए। इस बारे में सीएमओ डॉ. रामजी पांडेय से संपर्क किया गया तो उन्होंने नए मरीज मिलने से साफ इंकार कर दिया। बाद में डीपीआरओ संतोष कुमार से दोबारा संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि लिपिकीय भूल से ऐसा हुआ होगा। मैंने पत्र पर ध्यान नहीं दिया और हस्ताक्षर बना दिए। पत्र को रद्द कराया जा रहा है।

जिलाधिकारी का कहना है कि प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो गंभीर लापरवाही है और डीपीआरओ से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।

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