{"_id":"5755d2154f1c1b0a1d9c5a04","slug":"do-not-add-to-ramvriksh-jai-gurudev-ashram","type":"story","status":"publish","title_hn":"जय गुरुदेव आश्रम से न जोड़ें रामवृक्ष को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जय गुरुदेव आश्रम से न जोड़ें रामवृक्ष को
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 07 Jun 2016 01:12 AM IST
विज्ञापन
जगदीशपुर में सोमवार पत्रकारों से बात करते जय गुरुदेव प्रचार संस्था, मथुरा के अध्यक्ष पंकज महराज।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबा जय गुरुदेव के उत्तराधिकारी और जय गुरुदेव प्रचार संस्था, मथुरा के अध्यक्ष पंकज महाराज ने कहा कि जवाहर बाग, मथुरा के मामले में रामवृक्ष यादव का नाम आश्रम से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। तथाकथित स्वाधीन भारत एवं उसके सरगना रामवृक्ष यादव से जय गुरुदेव धर्म प्रचार संस्था का कोई संबंध नहीं है।
वह सोमवार को अध्यात्मिक जन जागरण यात्रा के दौरान जफराबाद के जगदीशपुर स्थित बाग में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबा जय गुरुदेव महाराज जी सदैव ही आंदोलन, तोड़फोड़, हड़ताल, धरना, उपद्रव और हिंसक गतिविधियों के विरोधी रहे।
वह विनाश और राष्ट्र की संपत्ति का नुकसान करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की बार बार अपील करते रहे। उनकी अपील और आदेशों का पालन न करने वाला भला कैसे उनका अनुयायी हो सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने मथुरा की हिंसक घटना पर दुख व्यक्त करते हुए शहीद हुए प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसे तत्वों पर नजर रखनी चाहिए ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने कहा कि सभी महापुरुषों ने मानव शरीर को अनमोल और बेशकीमती बताया है। इसी शरीर में प्रभु, खुदा का दर्शन किया जा सकता है। मृत्युलोक काल भगवान का देश है। जिसमें वह कर्मों के अनुसार सजा मिलती है। उनके साथ संस्था के कोषाध्यक्ष केके मिश्र, प्रांतीय अध्यक्ष संत राम चौधरी, बाबूराम, डीडी शुक्ला, जिलाध्यक्ष ऋषिदेव श्रीवास्तव, जगदीश प्रसाद चौरसिया, अरविंद यादव कमला प्रसाद निषाद आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
वह सोमवार को अध्यात्मिक जन जागरण यात्रा के दौरान जफराबाद के जगदीशपुर स्थित बाग में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबा जय गुरुदेव महाराज जी सदैव ही आंदोलन, तोड़फोड़, हड़ताल, धरना, उपद्रव और हिंसक गतिविधियों के विरोधी रहे।
विज्ञापन
वह विनाश और राष्ट्र की संपत्ति का नुकसान करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की बार बार अपील करते रहे। उनकी अपील और आदेशों का पालन न करने वाला भला कैसे उनका अनुयायी हो सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने मथुरा की हिंसक घटना पर दुख व्यक्त करते हुए शहीद हुए प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसे तत्वों पर नजर रखनी चाहिए ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने कहा कि सभी महापुरुषों ने मानव शरीर को अनमोल और बेशकीमती बताया है। इसी शरीर में प्रभु, खुदा का दर्शन किया जा सकता है। मृत्युलोक काल भगवान का देश है। जिसमें वह कर्मों के अनुसार सजा मिलती है। उनके साथ संस्था के कोषाध्यक्ष केके मिश्र, प्रांतीय अध्यक्ष संत राम चौधरी, बाबूराम, डीडी शुक्ला, जिलाध्यक्ष ऋषिदेव श्रीवास्तव, जगदीश प्रसाद चौरसिया, अरविंद यादव कमला प्रसाद निषाद आदि मौजूद थे।