जौनपुर। गोवंश आश्रय स्थलों में अव्यवस्था पर डीएम ने गंभीरता दिखाई है। सभी ब्लाकों से गोवंश आश्रय स्थलों की रिपोर्ट तलब की गई है। एक प्रारुप पर सूचना देनी है कि आश्रय स्थल में कितने पशु मौजूद हैं, उनकी स्थिति क्या है और उनकी देखभाल कैसे की जा रही है। सभी को यह रिपोर्ट शनिवार की शाम तक प्रस्तुत करना है। इसके लिए सीडीओ को निर्देशित किया गया है।
गोवंश आश्रय स्थलों में रखे गए पशुुओं को मनमाने ढंग से सुपुर्दगी की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके तहत बदलापुर की एक गोशाला में सभी पशुओं को नजदीकी गांवों में पशु शेड बनवाने वाले किसानों को सुपुर्दगी में दिखाया गया था, जबकि केराकत में पोषण पाह के तहत चिह्नित कुपोषित बच्चों के परिवारों को भी गाय गोद दी गई है। कागजों में जिन लाभार्थियों को पशु दिया गया है, मौके पर उनके पास वह मौजूद ही नहीं है। अनियमितता की इन खबरों को संज्ञान में लेते हुए डीएम दिनेश कुमार सिंह ने सभी गोवंश आश्रय स्थलों की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने सीडीओ को निर्देश दिया है कि प्रत्येक गोशाला से वहां रखे गए पशुुओं की संख्या, उनकी स्थिति, टैगिंग व स्वास्थ्य की जांच, खान-पान आदि बिंदुओं पर हर हाल में शनिवार तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें यह भी बताना होगा कि गोवंश आश्रय स्थल की देखभाल का जिम्मा किस प्रधान, सचिव या अन्य कर्मचारी का है।