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जिला महिला अस्पताल को इलाज की दरकार

Mon, 20 Jun 2022 12:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jun 2022 12:06 AM IST
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District Women's Hospital needs treatment
जिला महिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक में बोलते मातृ स्वास्थ्य एवं परिवार - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। शासन की ओर से गर्भवती महिलाओं को मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराने में जिला महिला अस्पताल पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। यहां देखने पर पता चलता है कि सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का संचालन भी ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है। सभी सेवाएं केवल कागजी कोरम तक ही सीमित हैं।
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अस्पताल में सफाई के नाम पर भले ही लाखों रुपये खर्च किया जाता है, लेकिन अस्पताल की हालत काफी दयनीय है। खासकर लेबर रूम में तो कोई जाने की हिम्मत नहीं जुटा सकता है। क्योंकि यहां वार्डों में भी गंदगी का माहौल रहता है। इसके चलते, अधिकांश महिलाएं प्रसव के बाद अधिक समय तक अस्पताल में रुकना नहीं चाहती हैं। अस्पताल के स्टाफ भी यही चाहते हैं कि मरीज अधिक समय तक अस्पताल में न रुके। मरीजों की माने तो उन्हें मानक के तहत न तो नाश्ता मिलता है और न ही दवाएं दी जाती है। अस्पताल में तो एएनएम का राज चलता है। ऐसा इसलिए की फोटो लेना तो दूर किसी पुरुष या मीडियाकर्मी को अंदर जाने नहीं देती है। सीएमएस मातृ सेवाएं को उपलब्ध कराने में कितना रुचि लेती है यह अस्पताल की हालत देखने से ही पता चलता है। सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी दोनों ही मातृत्व सेवाओं का लाभ दिलाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके चलते महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। खासकर गरीब वर्ग की महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। महिला अस्पताल में तो मरीजों की सुनवाई तक नहीं होती है। आरोप तो यहां तक है कि शिकायत करने पर मरीजों को इलाज तक नहीं करने की धमकी दी जाती है। परिवार नियोजन पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उसे सुधारने का निर्देश दिया।
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भारत सरकार के सलाहकार ने सुधार करने की दी चेतावनी
जौनपुर। जिला महिला अस्पताल की जांच करने पहुंचे भारत सरकार मातृ स्वास्थ्य परिवार कार्यक्रम के सलाहकार डा. एसके सिकदर के साथ राज्य स्तर के दो परामर्शदाता अरविंद उपाध्याय और मनीष सोनी की जांच में अस्पताल के हकीकत का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि इलाज के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को मातृ सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। किसी भी गर्भवती को सेवाओं के बारे में जानकारी नहीं है। लेबररूम की हालत तो सबसे दयनीय है। लेबर रूम में सुविधाएं नहीं है। गंदगी का माहौल है। जांच के दौरान टीन अस्पताल की व्यवस्था चिंता जताई। सेवाओं में सुधार करने के साथ ही महिलाओं को सेवाएं देने के साथ उन्हें जागरूक करने की चेतावनी दी। टीम ने सीएचसी डोभी का भी निरीक्षण किया। टीम में इसके अलावा सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह, एसीएमओ डा. राजीव कुमार यादव आदि शामिल रहे।
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महिला अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं। जांच टीम को किसी तरह की खामी नहीं मिली थी। मरीजों को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार के योजनाओं के बार में भी गर्भवती महिलाओं को बताया जाता है।- डा. तबसुम नकवी, सीएमएस जिला महिला अस्पताल जौनपुर
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