फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   District jail will be built in 24 hectares, construction will start soon

24 हेक्टेयर में बनेगी जिला जेल,जल्द शुरू होगा निर्माण

Thu, 18 Nov 2021 12:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 12:03 AM IST
विज्ञापन
District jail will be built in 24 hectares, construction will start soon
जौनपुर। शहर से सात किमी दूर 24 हेक्टेयर में प्रस्तावित नए जिला कारागार का काम जल्द ही शुरू होगा। किसानों के भूमि की रजिस्ट्री करा ली गई। साथ ही जेल निर्माण के लिए शासन को पत्र प्रेषित कर दिया गया है। जहां से जल्द से जल्द कार्य शुरू कराने का आश्वासन भी मिला है।
विज्ञापन

करीब डेढ़ सौ साल पहले अंग्रेजों के राज में बने जिला कारागार की बंदी क्षमता महज 320 है। जबकि यहां लगभग चार गुना बंदी रखे गए हैं। एक दशक पूर्व क्षमता से दो गुना बंदी होने पर ही नई जेल के निर्माण की कवायद शुरू हो गई थी। साल 2018 में प्रशासन ने जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर जौनपुर-मिर्जापुर रोड पर कुद्दूपुर, रंजीतपुर व इंदरिया गांव में करीब 24 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की। इसमें 12.9 हेक्टेयर जमीन 343 किसानों की थी, जबकि 10.9 हेक्टेयर ग्राम समाज की है। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, उन्हें सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे के तौर पर भुगतान करने के लिए शासन से 66 करोड़ रुपये अवमुक्त किया। लेकिन, जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण इस दिशा में कार्य में देरी हो गई। हालांकि इस साल अक्तूबर बाद अधिकारियों ने इसमें रूचि ली, जिसका सार्थक परिणाम सामने आया। किसानों से सहमती बनी और करीब 44 करोड़ देने के बाद 338 किसानों से उनकी भूमि की रजिस्ट्री कराई गई। इस समय जो पांच किसान बचे हैं, उनकी सहमति हो गई। हालांकि उनके दूसरे प्रांत रहने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। जिनके भूमि की रजिस्ट्री के लिए करीब एक करोड़ रुपये खर्च होगा। इसके लिए उन्हें पत्र भी भेजा गया है। वहीं, 21 करोड़ रुपये बचने के कारण शासन का वापस कर दिया गया। नियमानुसार 90 प्रतिशत रजिस्ट्री पूरी होने पर काम शुरू किया जा सकता है। इस कारण जेल निर्माण के लिए डीएम के माध्यम से महानिदेशक कारागार, प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजवाया गया है। जहां से कार्यदायी संस्था को नामित कराने के बाद कार्य शुरू कराया जाना है। इसके लिए एक पखवारे में यह कार्य शुरू कराने का आश्वासन भी दिया गया है। मौजूदा समय में 320 बंदियों को रखने की जेल में क्षमता है, लेकिन, 1200 से अधिक बंदी इस समय हैं। ऐसे में नए जेल की क्षमता दो हजार बंदियों करने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन

----
पहले स्टांप फिर निबंधन शुल्क बना था अड़ंगा
जौनपुर। भूमि चिह्नित किए जाने का कार्य पूर्ण कर लिए जाने के बाद सबसे पहले अड़ंगा स्टांप शुल्क बन गया था। काफी लिखापढ़ी के बाद राज्यपाल ने स्टांप शुल्क माफ कर दिया था। इसके बाद निबंधन शुल्क का पेंच फंस गया। भूमि की मालियत पर एक फीसद की दर से निबंधन शुल्क देय है। जबकि इस कार्य के लिए 21 लाख रुपये ही था। जिसकी जानकारी होने पर किसानों के बच रहे रजिस्ट्री में से लेने का आदेश दिया गया। इस तरह कुल 26 लाख और लगा। इस तरह निबंधन शुल्क के तौर पर 43 लाख रुपये खर्च हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
वर्जन
---काफी मेहनत के बाद 343 किसानों में से 338 किसानों की रजिस्ट्री करा ली गई है। नियमानुसार 90 प्रतिशत इस कार्य को करने के बाद कार्य शुरू कराया जा सकता है। इसके चलते उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। जहां से आश्वासन भी मिला है कि 15 दिन में कार्य शुरू हो जाएगा। कार्यदायी संस्था कौन होगी, यह शासन स्तर से तय होगा। दो हजार बंदियों की क्षमता का नया कारागार तैयार करने की कोशिश की जा रही है।- एसके पांडेय, जेल अधीक्षक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed