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एक दिन में 100 टन कचरे का निस्तारण, बनेगा खाद और ईंधन भी

Mon, 11 Jan 2021 06:14 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2021 06:14 PM IST
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Disposal of 100 tons of waste in a day, fertilizer and fuel will also be made
जौनपुर। कुल्हनामऊ में इसी माह से शुरू होने वाला कूड़ा निस्तारण संयंत्र एक दिन में सौ टन कचरे का निस्तारण करेगा। इस कचरे से कंपोस्ट खाद और ईंधन तैयार किया जाएगा। खाद का इस्तेमाल खेतों की उर्वरता बढ़ाने में तो ईंधन से औद्योगिक इकाइयों को चलाने में मदद ली जाएगी। बहुप्रतीक्षित इस संयंत्र को अंतिम रूप देने में कार्यदायी संस्था के लोग जुटे हुए हैं।
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करीब 10.73 एकड़ भूमि पर कूड़ा निस्तारण संयत्र का निर्माण पिछले आठ वर्षों से हो रहा था। इस पर 12.20 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। शहरवासियों को इस संयत्र के शुरू होने का लंबे समय से इंतजार रहा है। कूड़ा निस्तारण संयत्र दो हिस्सों में स्थापित किया गया है। एक हिस्से में सूखा कचरा (कपड़ा, पेपर, पॉलीथिन आदि) रखा जाएगा तो दूसरे में गीला कचरा (फल-सब्जी के छिलके, खाने के अवशेष आदि) एकत्रित होगा। सूखे कचरे को संयंत्र में डालकर रिफ्यूज्ड डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) तैयार किया जाएगा। यह ईंधन औद्योगिक इकाइयों को चलाने या स्थानीय स्तर पर बिजली बनाने में उपयोग किया जा सकेगा, मगर इसके लिए अलग से व्यवस्था करनी होगी। उधर, गीले कचरे को सूखाकर और सड़ाकर कंपोस्ट खाद बनाया जाएगा। इस खाद को किसानों या बड़ी कंपनियों को बिक्री की जाएगी। कूड़ा निस्तारण संयत्र बना रही कंपनी ए टू जेड वेस्ट मैनेजमेंट के प्रबंधक रमेश शर्मा के मुताबिक संयत्र लगभग 90 फीसदी तक तैयार हो चुका है। टीनशेड व अन्य फिनिशिंग के कार्य शेष हैं, जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। नगर पालिका सूखा व गीला कचरा अलग-अलग एकत्रित कर देगी, जिसके बाद संयंत्र में उसका निस्तारण होगा। निस्तारित कूड़े से करीब 30 से 40 फीसद आरडीएफ, 15 से 20 फीसद कंपोस्ट और शेष ईंट-पत्थर जैसे अपशिष्ट निकलेंगे। एक किलो कचरे में अधिकतम 200 ग्राम तक खाद निकलेगी। शहर से रोजाना 97 टन तक कूड़ा निकलता है।
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कूड़े से निकलेगा इतने प्रकार का मैटेरियल
आरडीएफ (रिफ्यूज्ड डिराइव्ड फ्यूल) : इसमें प्लास्टिक, ई-वेस्ट, पॉलीथिन, कपड़े, जूते-चप्पल समेत जलने वाला हल्का कचरा शामिल होता है। इस कचरे का उपयोग बायो ईंधन या बिजली बनाने में किया जाएगा। इसका उपयोग कैसे किया जाना है, यह अभी तय नहीं है।
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प्री-कंपोस्ट: कूड़े में शामिल मिट्टी, गोबर, किचन से निकलने वाले सब्जी के कतरन, सड़े फल समेत अन्य खाद्य पदार्थ को प्री-कंपोस्ट के रूप में अलग किया जाएगा। करीब 28 दिनों की प्रक्रिया के बाद खाद तैयार होगी। इसका उपयोग खेत या बागवानी में खाद के रूप में किया जा सकेगा।
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इनर्ट कचरा: यह कूड़े में शामिल ईट, पत्थर, गिट्टी समेत मकानों से निकलने वाले मलबे के कचरा होता है। बैलेस्टिक सेपरेटर मशीन कूड़े से यह अलग करेगा। इसका इस्तेमाल सड़क के गड्ढे भरने, लैंडफिल के रूप में हो सकेगा।

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कचरा एकत्र करने के लिए 40 हाथ ठेला लगाएगा नगर पालिका
जौनपुर। कूड़ा निस्तारण संयत्र चालू करने के लिए नगर पालिका ने भी तैयारी शुरू कर दी है। घरों से निकलने वाले कचरे को एकत्रित करने के लिए 40 हाथ ठेला या टेंपो का इस्तेमाल किया जाएगा। ईओ संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि प्रत्येक वाहन पर दो बड़ा कूड़ादान रहेगा। हरे रंग के कूड़ादान में गीला और नीला रंग वाले कूड़ादान में सूखा कचरा रखा जाएगा। शहर से एकत्रित कचरे को मीरपुर और कलीचाबाद में एकत्र किया जाएगा। दोनों स्थानों पर अलग-अलग छंटाई के बाद कचरे को संयंत्र तक भेजा जाएगा। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। जल्द ही लोगों को जागरूक करते हुए इस अभियान की शुरुआत होगी।
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