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विकास को नहीं मिली गति,समस्या जस की रही तस
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मुंगराबादशाहपुर में खस्ताहाल रोडवेज डिपो। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
मुंगराबादशाहपुर। मुंगराबादशाहपुर विधानसभा सीट से साल 2017 में बसपा से सुषमा पटेल विधायक बनीं। हालांकि वह पिछले साल ही समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं। वह अपनी उपलब्धियों को गिनाते हुए सरकार पर सीधा आरोप लगाती हैं। उनका कहना है कि विपक्ष की विधायक होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया गया। उनके प्रस्तावों को नजरअंदाज कर दिया गया। बावजूद इसके, जितना हो सका, उससे ज्यादा विकास कार्य कराया। वहीं, पिछले चुनाव में कांग्रेस से चुनाव लड़े और तीसरे स्थान पर रहे और अब भाजपा नेता अजय शंकर दुबे अज्जू भइया इसे निराधार बताते हैं। साथ ही आरोप लगाते हैं कि चुनाव जीतने के बाद विधायक ने खुद के एक्सीडेंटल विधायक मानकर पहले ही दिन से क्षेत्र से दूर हो गई। इसी का परिणाम रहा कि विधानसभा क्षेत्र विकास के मामले में शून्य रहा।
फैक्ट फाइल
प्रमुख इलाके - मुंगराबादशाहपुर, सतहरिया, पवारां, सुजानगंज
कुल मतदाता - 385480
पुरुष मतदाता - 202545
महिला मतदाता - 182919
थर्ड जेंडर मतदाता - 16
कुल मतदेय स्थल - 444
कुल मतदान केंद्र - 245
विपक्ष के कारण किया गया मेरे साथ भेदभाव
निवर्तमान विधायक सुषमा पटेल ने कहा कि विपक्ष का विधायक होने के नाते भेदभाव हुआ। विकास कार्यों को जानबूझकर स्वीकृति नहीं दी गई। मुंगराबादशाहपुर कस्बे में फ्लाईओवर की मांग मुख्यमंत्री, पीडब्ल्यूडी मंत्री के समझ और विधानसभा में रखी लेकिन, कोई कार्यवाही नहीं हुई, जबकि बगल में डिप्टी सीएम ने अपने यहां इसे बनवा लिया। कस्बे में बाईपास की धनराशि स्वीकृत हुई, लेकिन कोई कार्य नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा में विधानसभा में पांच-पांच रोड़ की सड़कों का प्रस्ताव लिया गया। लेकिन, केवल सत्ताधारी दल के विधायकों से ही लिया गया। विपक्ष को छोड़ दिया गया, जिससे विकास कार्य बाधित हुआ। महिला महाविद्यालय की स्थापना के लिए कई बार अनुरोध की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।
7 करोड़ 07 लाख की लागत से पिच, इंटरलाकिंग सीसी, खंडजा की 76 सड़कें।
94 लाख की लागत से 350 स्थानों पर सोलर लाइट, 26 लाख से आक्सीजन प्लांट की स्थापना।
विद्युतीकरण के लिए 14 लाख, बीमारी आर्थिक सहायता के लिए 3.02 करोड़ दिया।
मुंगराबादशाहपुर में रोडवेज बस अड्डा जीर्णोद्धार के लिए शासन से 35 लाख की व्यवस्था की।
सरदार पटेल को सम्मान देने के लिए 15 लाख की लागत से दो स्वागत द्वार बनवाई।
ट्रामा सेंटर स्थापना कराई जाएगी, जिसके लिए शीघ्र धन आवंटन होगा
विकास के मामले में शून्य रहा क्षेत्र
पिछले चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे भाजपा नेता अजय शंकर दुबे अज्जू भइया ने कहा कि पांच साल में विधायक के मामले में शून्य रहा। चुनाव जीतने के पहल ही दिन से विधायक क्षेत्र से दूरी बना ली। वह खुद को एक्सीडेंटल विधायक मान रही थीं, क्योंकि दो लोगों की लड़ाई में वो जीत गई थी। वे पांच साल में यदि कभी आती भी तो चुनिंदा लोगों के यहां ही। पीडि़तों से उनका कोई वास्ता नहीं रहा। पांच साल में जो भी विकास कार्य कराई, उसमें भी उनका कमीशन होता था।
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विधायक पर लगाए यह आरोप
पांच साल तक क्षेत्र से दूरी बनाए रहीं।
कोरोनाकाल में क्षेत्र में रहने के बजाय मडि़याहूं में रही।
विधायक के न आने पर मैंने सुजानगंज और मुंगराबादशाहपुर सीएचसी पर ऑक्सीजन कंसंटेटर उपलब्ध कराया था।
मैं गांव-गांव में मास्क और सैनेटाइजर बंटवाता था।
विधायक ने कोरोना काल में लंगन नहीं किया, मैंने जिले के बार्डर पर व्यवस्था करवाया था।
गरीबों की बेटियों की मैं मदद करता था, विधायक तो आती ही नहीं थी।
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फैक्ट फाइल
प्रमुख इलाके - मुंगराबादशाहपुर, सतहरिया, पवारां, सुजानगंज
कुल मतदाता - 385480
पुरुष मतदाता - 202545
महिला मतदाता - 182919
थर्ड जेंडर मतदाता - 16
कुल मतदेय स्थल - 444
कुल मतदान केंद्र - 245
विपक्ष के कारण किया गया मेरे साथ भेदभाव
निवर्तमान विधायक सुषमा पटेल ने कहा कि विपक्ष का विधायक होने के नाते भेदभाव हुआ। विकास कार्यों को जानबूझकर स्वीकृति नहीं दी गई। मुंगराबादशाहपुर कस्बे में फ्लाईओवर की मांग मुख्यमंत्री, पीडब्ल्यूडी मंत्री के समझ और विधानसभा में रखी लेकिन, कोई कार्यवाही नहीं हुई, जबकि बगल में डिप्टी सीएम ने अपने यहां इसे बनवा लिया। कस्बे में बाईपास की धनराशि स्वीकृत हुई, लेकिन कोई कार्य नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा में विधानसभा में पांच-पांच रोड़ की सड़कों का प्रस्ताव लिया गया। लेकिन, केवल सत्ताधारी दल के विधायकों से ही लिया गया। विपक्ष को छोड़ दिया गया, जिससे विकास कार्य बाधित हुआ। महिला महाविद्यालय की स्थापना के लिए कई बार अनुरोध की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।
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7 करोड़ 07 लाख की लागत से पिच, इंटरलाकिंग सीसी, खंडजा की 76 सड़कें।
94 लाख की लागत से 350 स्थानों पर सोलर लाइट, 26 लाख से आक्सीजन प्लांट की स्थापना।
विद्युतीकरण के लिए 14 लाख, बीमारी आर्थिक सहायता के लिए 3.02 करोड़ दिया।
मुंगराबादशाहपुर में रोडवेज बस अड्डा जीर्णोद्धार के लिए शासन से 35 लाख की व्यवस्था की।
सरदार पटेल को सम्मान देने के लिए 15 लाख की लागत से दो स्वागत द्वार बनवाई।
ट्रामा सेंटर स्थापना कराई जाएगी, जिसके लिए शीघ्र धन आवंटन होगा
विकास के मामले में शून्य रहा क्षेत्र
पिछले चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे भाजपा नेता अजय शंकर दुबे अज्जू भइया ने कहा कि पांच साल में विधायक के मामले में शून्य रहा। चुनाव जीतने के पहल ही दिन से विधायक क्षेत्र से दूरी बना ली। वह खुद को एक्सीडेंटल विधायक मान रही थीं, क्योंकि दो लोगों की लड़ाई में वो जीत गई थी। वे पांच साल में यदि कभी आती भी तो चुनिंदा लोगों के यहां ही। पीडि़तों से उनका कोई वास्ता नहीं रहा। पांच साल में जो भी विकास कार्य कराई, उसमें भी उनका कमीशन होता था।
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विधायक पर लगाए यह आरोप
पांच साल तक क्षेत्र से दूरी बनाए रहीं।
कोरोनाकाल में क्षेत्र में रहने के बजाय मडि़याहूं में रही।
विधायक के न आने पर मैंने सुजानगंज और मुंगराबादशाहपुर सीएचसी पर ऑक्सीजन कंसंटेटर उपलब्ध कराया था।
मैं गांव-गांव में मास्क और सैनेटाइजर बंटवाता था।
विधायक ने कोरोना काल में लंगन नहीं किया, मैंने जिले के बार्डर पर व्यवस्था करवाया था।
गरीबों की बेटियों की मैं मदद करता था, विधायक तो आती ही नहीं थी।