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Jaunpur News: हाईटेंशन तार की चपेट में आकर डीसीएम बना आग का गोला, चालक की मौत
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जौनपुर। सुजानगंज क्षेत्र के कुरांवा गांव में रविवार की सुबह हाईटेंशन तार की चपेट में आने से डीसीएम आग का गोला बन गया। हादसे में चालक की झुलसने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चालक के शव को बाहर निकाला। ग्रामीणों का कहना था कि तार काफी दिनों से लटक रहा था, विद्युत विभाग से कई बार इसकी शिकायत की गई थी। इसके बाद भी मरम्मत नहीं की गई।
वाराणसी के फूलपुर निवासी ट्रक चालक कलाम (45) मुर्गी शाला में चारा पहुंचाने का काम करता था। रविवार को सुबह वह जगह-जगह चारा पहुंचाकर वापस आ रहा था। कुरांवा गांव में जैसे ही वह पहुंचा बिजली का तार नीचे था, जिससे डीसीएम में कहीं स्पर्श कर लिया जिससे करंट पूरे ट्रक में उतर गई और आग लग गई। चालक जब तक कुछ समझ पाता आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। लोगों की मदद पहुंचने तक ड्राइवर गंभीर रूप से झुलस चुका था। उपस्थित लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने चालक के शव को बाहर निकालकर परिजनों को सूचना दी। प्रधान अच्छेलाल ने बताया कि हाइटेंशन तार करीब 10 फीट नीचे था, जिसकी चपेट में आने से घटना हुई। इसकी कई बार शिकायत की गई फिर भी ठीक नहीं किया जा रहा है। थानाध्यक्ष रोहित मिश्र ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और विधिक कार्यवाही की जा रही है।
पहले भी हो चुकी है मौत
मछलीशहर। कुरांवा गांव में हाईटेंशन तार से उतरे करंट से डीसीएम के आग का गोला बनने व चालक की मौत के बाद बिजली विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी तार नहीं बदला गया। पूर्व में भी हाईटेंशन रात के करंट से मौत हो चुकी है।
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ग्रामीणों श्याम कुमार, राजेंद्र कुमार का कहना है कि उक्त रोड से गुजरे एचटी तार को ऊपर करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया था, लेकिन तार ऊपर नहीं किया गया है। इसके चलते रविवार को घटना हुई। पहले भी एचटी तार की चपेट में आने से मौत चुकी है। 18 अगस्त 2021 को शाम चार बजे कौरहा गांव निवासी शंकरलाल गुप्ता के छत पर से गुजर रहे हाईटेंशन तार में पतंग में फंस गई थी। पतंग उतारने के लिए नौ वर्षीय पोता प्रिंस व दो वर्षीय पोती परी घर में रखी लोहे की पाइप लेकर गए और उसके जरिए पतंग उतार रहे थे। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। परिजनों द्वारा कानूनी कार्रवाई के बाद विद्युत विभाग ने दो-दो लाख रुपये मुआवजा देकर मामला खत्म कराया था। रविवार को हुई घटना में एसडीओ एसके सिंह का कहना है कि पहले खंभे से तार खींचकर लाइन बनाई गई है। इसके बाद सड़क बनी है। जब रोड बनी तो खंभे पर एंगल जोड़कर तार ऊपर नहीं किया गया। मौके पर तार लटक नहीं रहा है।
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वाराणसी के फूलपुर निवासी ट्रक चालक कलाम (45) मुर्गी शाला में चारा पहुंचाने का काम करता था। रविवार को सुबह वह जगह-जगह चारा पहुंचाकर वापस आ रहा था। कुरांवा गांव में जैसे ही वह पहुंचा बिजली का तार नीचे था, जिससे डीसीएम में कहीं स्पर्श कर लिया जिससे करंट पूरे ट्रक में उतर गई और आग लग गई। चालक जब तक कुछ समझ पाता आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। लोगों की मदद पहुंचने तक ड्राइवर गंभीर रूप से झुलस चुका था। उपस्थित लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने चालक के शव को बाहर निकालकर परिजनों को सूचना दी। प्रधान अच्छेलाल ने बताया कि हाइटेंशन तार करीब 10 फीट नीचे था, जिसकी चपेट में आने से घटना हुई। इसकी कई बार शिकायत की गई फिर भी ठीक नहीं किया जा रहा है। थानाध्यक्ष रोहित मिश्र ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और विधिक कार्यवाही की जा रही है।
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पहले भी हो चुकी है मौत
मछलीशहर। कुरांवा गांव में हाईटेंशन तार से उतरे करंट से डीसीएम के आग का गोला बनने व चालक की मौत के बाद बिजली विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी तार नहीं बदला गया। पूर्व में भी हाईटेंशन रात के करंट से मौत हो चुकी है।
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ग्रामीणों श्याम कुमार, राजेंद्र कुमार का कहना है कि उक्त रोड से गुजरे एचटी तार को ऊपर करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया था, लेकिन तार ऊपर नहीं किया गया है। इसके चलते रविवार को घटना हुई। पहले भी एचटी तार की चपेट में आने से मौत चुकी है। 18 अगस्त 2021 को शाम चार बजे कौरहा गांव निवासी शंकरलाल गुप्ता के छत पर से गुजर रहे हाईटेंशन तार में पतंग में फंस गई थी। पतंग उतारने के लिए नौ वर्षीय पोता प्रिंस व दो वर्षीय पोती परी घर में रखी लोहे की पाइप लेकर गए और उसके जरिए पतंग उतार रहे थे। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। परिजनों द्वारा कानूनी कार्रवाई के बाद विद्युत विभाग ने दो-दो लाख रुपये मुआवजा देकर मामला खत्म कराया था। रविवार को हुई घटना में एसडीओ एसके सिंह का कहना है कि पहले खंभे से तार खींचकर लाइन बनाई गई है। इसके बाद सड़क बनी है। जब रोड बनी तो खंभे पर एंगल जोड़कर तार ऊपर नहीं किया गया। मौके पर तार लटक नहीं रहा है।