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गलियों में अंधेरा, सीवर के लिए खोदे गड्ढों में गिर रहे लोग
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राज कॉलोनी हुसेनाबाद में टूटी पड़ी पड़ी स्ट्रीट लाईट। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। सीवर लाइन बिछाने आधे शहर की सड़कें खोद दी गई हैं। गलियों में भी जगह-जगह गड्ढे हैं। ऐसे में स्ट्रीट लाइट का बंद होना राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। रात में शहर की गलियों में चलना जोखिम भरा हो गया है। नगर पालिका कार्यालय में नौ सौ से अधिक स्ट्रीट लाइट पड़ी हुई हैं लेकिन खराब लाइटों को बदलने की जहमत कोई गवारा नहीं कर रहा है।
शहर में पथ प्रकाश के लिए नगर पालिका ढाई हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट लगवाई है। देखरेख के अभाव में इनमें से कई लाइट बंद हो गई हैं और कुछ टूट गई हैं। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य मार्गों क खराब लाइट को तो बदल दिया गया लेकिन गलियों की स्ट्रीट लाइट को बदलने की सुध किसी को नहीं रही। इन इलाकों में शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। जेसीज, ओलंदगंज, चहारसू, टीडी कॉलेज रोड, पॉलीटेक्निक, पुरानी बाजार, हमाम दरवाजा में सैकड़ों स्ट्रीट लाइटें टूट चुकी हैं या जल नहीं रही हैं। इन इलाकों में जब तक दुकानें खुली रहती हैं, रोशनी रहती है। उसके बाद अंधेरा छा जाता है। इस समय शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसके लिए सड़कों और गलियों में रास्ते खोदे गए हैं। मैनहोल खोलकर छोड़ दिए गए हैं। पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था न होने के कारण राहगीर इन गड्ढों में गिरकर जख्मी हो रहे हैं। स्ट्रीट लाइट की खराबी की शिकायतें आए दिन नगर पालिका कार्यालय, तहसील और डीएम कार्यालय तक भी पहुंच रही हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
धूल फांक रहे नौ सौ से अधिक स्ट्रीट लाइट
एक तरफ शहर की सड़कों और गलियों में स्ट्रीट लाइट खराब होने से अंधेरा छाया हुआ है तो दूसरी ओर नगर पालिका कार्यालय में नौ सौ से अधिक लाइट महीनों से धूल फांक रहे हैं। यह लाइट नगर में ही लगाने के लिए आए थे। भुगतान से जुड़ी शिकायतों पर अफसरों ने इसे लगाने से रोक दिया। मामला जांच में अटका है। करीब दो माह का समय होने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो पाई है। इसका खामियाजा आम उपभोक्ता भुगत रहे हैं।
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स्वतंत्रता दिवस पर कई जगहों पर लाइट ठीक कराया गया था। सामान्य दिनों में जैसे-जैसे शिकायतें आती हैं, मरम्मत कराया जाता है। नए स्ट्रीट लाइट की डिमांड की गई है। पालिका कार्यालय में रखे 900 स्ट्रीट लाइट अभी जांच के दायरे में है। जांच पूरा होने के बाद ही इनका उपयोग हो पाएगा। -संतोष कुमार मिश्र, ईओ नगर पालिका।
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शहर में पथ प्रकाश के लिए नगर पालिका ढाई हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट लगवाई है। देखरेख के अभाव में इनमें से कई लाइट बंद हो गई हैं और कुछ टूट गई हैं। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य मार्गों क खराब लाइट को तो बदल दिया गया लेकिन गलियों की स्ट्रीट लाइट को बदलने की सुध किसी को नहीं रही। इन इलाकों में शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। जेसीज, ओलंदगंज, चहारसू, टीडी कॉलेज रोड, पॉलीटेक्निक, पुरानी बाजार, हमाम दरवाजा में सैकड़ों स्ट्रीट लाइटें टूट चुकी हैं या जल नहीं रही हैं। इन इलाकों में जब तक दुकानें खुली रहती हैं, रोशनी रहती है। उसके बाद अंधेरा छा जाता है। इस समय शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसके लिए सड़कों और गलियों में रास्ते खोदे गए हैं। मैनहोल खोलकर छोड़ दिए गए हैं। पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था न होने के कारण राहगीर इन गड्ढों में गिरकर जख्मी हो रहे हैं। स्ट्रीट लाइट की खराबी की शिकायतें आए दिन नगर पालिका कार्यालय, तहसील और डीएम कार्यालय तक भी पहुंच रही हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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धूल फांक रहे नौ सौ से अधिक स्ट्रीट लाइट
एक तरफ शहर की सड़कों और गलियों में स्ट्रीट लाइट खराब होने से अंधेरा छाया हुआ है तो दूसरी ओर नगर पालिका कार्यालय में नौ सौ से अधिक लाइट महीनों से धूल फांक रहे हैं। यह लाइट नगर में ही लगाने के लिए आए थे। भुगतान से जुड़ी शिकायतों पर अफसरों ने इसे लगाने से रोक दिया। मामला जांच में अटका है। करीब दो माह का समय होने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो पाई है। इसका खामियाजा आम उपभोक्ता भुगत रहे हैं।
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स्वतंत्रता दिवस पर कई जगहों पर लाइट ठीक कराया गया था। सामान्य दिनों में जैसे-जैसे शिकायतें आती हैं, मरम्मत कराया जाता है। नए स्ट्रीट लाइट की डिमांड की गई है। पालिका कार्यालय में रखे 900 स्ट्रीट लाइट अभी जांच के दायरे में है। जांच पूरा होने के बाद ही इनका उपयोग हो पाएगा। -संतोष कुमार मिश्र, ईओ नगर पालिका।