{"_id":"581b940d4f1c1bd6354367ed","slug":"jvl-manufacturing-factory-sealed","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेवीएल फैक्ट्री की उत्पादन इकाई सील ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जेवीएल फैक्ट्री की उत्पादन इकाई सील
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 04 Nov 2016 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केराकत के नाऊपुर स्थित झूला वनस्पति लिमिटेड (जेवीएल) में गुरुवार को मजिस्ट्रेट के साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने छापा मारा तो लाइसेंस निलंबित होने के बाद भी उत्पादन होने का खुलासा हुआ। इस पर टीम ने कंपनी की उत्पादन इकाई के साथ गोदाम भी सील कर दिया।
झूला वनस्पति का नमूना जांच में फेल होने के बाद केंद्रीय लाइसेंस प्राधिकारी नई दिल्ली ने जेवीएल फैक्ट्री नाऊपुर का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश शासन हेमंत कुमार ने अभिहित अधिकारी जेपी मौर्य को निर्देश दिया था कि वह कंपनी का उत्पादन बंद कराना सुनिश्चित करें, लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा था।
रिटायर्ड फौजी एवं आरटीआई कार्यकर्ता इंद्रसेन सिंह, रामनरेश मौर्य, अनिल गांगुली आदि ने फैक्ट्री की अनियमितताओं की शिकायत की थी। जांच में शिकायत सही मिलने के बाद केंद्रीय लाइसेंस प्राधिकारी बीएस आचार्य ने तीन अक्तूबर को उत्पादन बंद करने का आदेश जारी कर दिया। बावजूद इसके उत्पादन नहीं रुका।
विज्ञापन
इसकी शिकायत डीएम से की गई। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने खाद्य सुरक्षा विभाग अभिहित अधिकारी की क्लास लगाई। उनके निर्देश पर गुरुवार को एसडीएम मछलीशहर सत्येंद्र कुमार और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट आरके पांडेय, केराकत के नायब तहसीलदार रामनयन सिंह, इंस्पेक्टर एनपी सिंह के नेतृत्व में टीम बनाकर मौके पर भेजा।
अधिकारियों ने जांच पड़ताल के बाद फैक्ट्री की उत्पादन इकाई को सील कर दिया। 20 ट्रकों पर लदा माल रखवाकर गोदाम और गेट दो को भी सील कर दिया। इस संबंध में डीएम भानु चंद्र गोस्वमी ने बताया कि लाइसेंस निलंबित होने के बाद भी उत्पादन किया जा रहा था। इसकी शिकायतें मिलने पर अभिहित अधिकारी के साथ टीम भेजकर सत्यापन कराया गया। फैक्ट्री में उत्पादन होता मिलने पर गोदाम एवं उत्पादन इकाई सील कर दी गई। इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी होगी।
विज्ञापन
झूला वनस्पति का नमूना जांच में फेल होने के बाद केंद्रीय लाइसेंस प्राधिकारी नई दिल्ली ने जेवीएल फैक्ट्री नाऊपुर का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश शासन हेमंत कुमार ने अभिहित अधिकारी जेपी मौर्य को निर्देश दिया था कि वह कंपनी का उत्पादन बंद कराना सुनिश्चित करें, लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा था।
विज्ञापन
रिटायर्ड फौजी एवं आरटीआई कार्यकर्ता इंद्रसेन सिंह, रामनरेश मौर्य, अनिल गांगुली आदि ने फैक्ट्री की अनियमितताओं की शिकायत की थी। जांच में शिकायत सही मिलने के बाद केंद्रीय लाइसेंस प्राधिकारी बीएस आचार्य ने तीन अक्तूबर को उत्पादन बंद करने का आदेश जारी कर दिया। बावजूद इसके उत्पादन नहीं रुका।
विज्ञापन
इसकी शिकायत डीएम से की गई। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने खाद्य सुरक्षा विभाग अभिहित अधिकारी की क्लास लगाई। उनके निर्देश पर गुरुवार को एसडीएम मछलीशहर सत्येंद्र कुमार और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट आरके पांडेय, केराकत के नायब तहसीलदार रामनयन सिंह, इंस्पेक्टर एनपी सिंह के नेतृत्व में टीम बनाकर मौके पर भेजा।
अधिकारियों ने जांच पड़ताल के बाद फैक्ट्री की उत्पादन इकाई को सील कर दिया। 20 ट्रकों पर लदा माल रखवाकर गोदाम और गेट दो को भी सील कर दिया। इस संबंध में डीएम भानु चंद्र गोस्वमी ने बताया कि लाइसेंस निलंबित होने के बाद भी उत्पादन किया जा रहा था। इसकी शिकायतें मिलने पर अभिहित अधिकारी के साथ टीम भेजकर सत्यापन कराया गया। फैक्ट्री में उत्पादन होता मिलने पर गोदाम एवं उत्पादन इकाई सील कर दी गई। इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी होगी।