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गाय काटने वालों पर हो सख्ती
जौनपुर ब्यूराे
Updated Mon, 21 Dec 2015 12:52 AM IST
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रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित धर्मसभा एवं संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश की साध्वी सरस्वती ने कहा कि हर व्यक्ति को गो सेवा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सख्ती होगी तभी गो हत्या और तस्करी
रुकेगी । उन्होंने कहा कि गाय जब तक दूध देती है तब तक हम रखते हैं और जब बुड्ढी हो जाती है तो हम उसे चंद रुपयों की लालच में कसाइयों के हाथ बेच देते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। हर व्यक्ति को गाय की रक्षा करनी चाहिए।
किसी वर्ग विशेष का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि चार पीढ़ी पीछे जाकर देखें तो वे भी हिंदू ही थे। लव जेहाद को उन्होंने हिंदुओं की संख्या कम करने की साजिश बताते हुए कहा कि रक्षा बंधन पर भाई अपनी बहनों को कुछ दें या न दें
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लेकिन आत्मरक्षा हेतु उन्हें एक तलवार जरूर दें। धनतेरस पर सोना चांदी के बजाए हथियार खरीदें जिससे देश के आतंकवादियों के विरुद्ध काम आए। इस हथियार से आपस में न लड़ें बल्कि आतंकवाद और आत्मरक्षा हेतु उसका
इस्तेमाल करें। हैदराबाद के एक सांसद को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें राम कृष्ण की धरती पर आकर देखना चाहिए लोग उन्हें जमीन दिखा देंगे। सम्मेलन में लोगों की भारी भीड़ देख कर गदगद साध्वी सरस्वती ने लोगों का हाथ उठवाकर
राम मंदिर बनवाने का संकल्प दोहरवाया। कार्यक्रम में महंत आदित्यनाथ के न आने की चर्चा करते हुए कहा कि मै उनका संदेश लेकर आई हूं। इसके पूर्व गो माता व रानी लक्ष्मी बाई के चित्र पर माल्यार्पण कर सम्मेलन की शुरूआत की।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि कश्मीर हमारे ऋषि मुनियों का प्रदेश रहा है। उस पर पाकिस्तान की कुदृष्टि है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि अबकी जंग छिड़ी तो कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा। उसका नामोनिशान मिट जाएगा। समारोह की
अध्यक्षता राजवीर सिंह ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में दुर्वासा महामंडलेश्वर मौनी बाबा रामलाल दास मौजूद थे। संचालन सर्वेश चंद्र शास्त्री ने किया। इस मौके पर गोपी जी महाराज, भोला सिंह, राधेमोहन अग्रवाल, अखिलेश जायसवाल,
शिवकुमार अग्रहरि, रामजी चौरसिया, भुवनेश्वर , श्रीश अग्रहरि, हिमांशु यादव, श्रीश मोदनवाल, सुशील सेठ, अजेंद्र अग्रहरि, वीरेंद्र जायसवाल, विक्कीस, रामअवतार अग्रहरि, पप्पू पंडित, प्रभाकर मिश्र, ओम प्रकाश जायसवाल, अनिल मोदनवाल, शीतल, प्रदीप, मंटू चौरसिया मौजूद थे।
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रुकेगी । उन्होंने कहा कि गाय जब तक दूध देती है तब तक हम रखते हैं और जब बुड्ढी हो जाती है तो हम उसे चंद रुपयों की लालच में कसाइयों के हाथ बेच देते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। हर व्यक्ति को गाय की रक्षा करनी चाहिए।
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किसी वर्ग विशेष का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि चार पीढ़ी पीछे जाकर देखें तो वे भी हिंदू ही थे। लव जेहाद को उन्होंने हिंदुओं की संख्या कम करने की साजिश बताते हुए कहा कि रक्षा बंधन पर भाई अपनी बहनों को कुछ दें या न दें
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लेकिन आत्मरक्षा हेतु उन्हें एक तलवार जरूर दें। धनतेरस पर सोना चांदी के बजाए हथियार खरीदें जिससे देश के आतंकवादियों के विरुद्ध काम आए। इस हथियार से आपस में न लड़ें बल्कि आतंकवाद और आत्मरक्षा हेतु उसका
इस्तेमाल करें। हैदराबाद के एक सांसद को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें राम कृष्ण की धरती पर आकर देखना चाहिए लोग उन्हें जमीन दिखा देंगे। सम्मेलन में लोगों की भारी भीड़ देख कर गदगद साध्वी सरस्वती ने लोगों का हाथ उठवाकर
राम मंदिर बनवाने का संकल्प दोहरवाया। कार्यक्रम में महंत आदित्यनाथ के न आने की चर्चा करते हुए कहा कि मै उनका संदेश लेकर आई हूं। इसके पूर्व गो माता व रानी लक्ष्मी बाई के चित्र पर माल्यार्पण कर सम्मेलन की शुरूआत की।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि कश्मीर हमारे ऋषि मुनियों का प्रदेश रहा है। उस पर पाकिस्तान की कुदृष्टि है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि अबकी जंग छिड़ी तो कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा। उसका नामोनिशान मिट जाएगा। समारोह की
अध्यक्षता राजवीर सिंह ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में दुर्वासा महामंडलेश्वर मौनी बाबा रामलाल दास मौजूद थे। संचालन सर्वेश चंद्र शास्त्री ने किया। इस मौके पर गोपी जी महाराज, भोला सिंह, राधेमोहन अग्रवाल, अखिलेश जायसवाल,
शिवकुमार अग्रहरि, रामजी चौरसिया, भुवनेश्वर , श्रीश अग्रहरि, हिमांशु यादव, श्रीश मोदनवाल, सुशील सेठ, अजेंद्र अग्रहरि, वीरेंद्र जायसवाल, विक्कीस, रामअवतार अग्रहरि, पप्पू पंडित, प्रभाकर मिश्र, ओम प्रकाश जायसवाल, अनिल मोदनवाल, शीतल, प्रदीप, मंटू चौरसिया मौजूद थे।