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कोरोना लगा रहा रोडवेज को रोजाना छह लाख की चपत
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जौनपुर। कोरोना संक्रमण का असर रोडवेज पर भी पड़ा है। रोज उसको छह लाख रुपये का घाटा हो रहा है। कारण कोरोना संक्रमण से काफी कम यात्री आ रहे हैं, जिससे प्रतिदिन महज 15 से 20 बसों का संचालन हो पा रहा है।
जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। आए दिन काफी संख्या में नए केस मिल रहे हैं। इसका असर रोडवेज की आय पर भी पड़ रहा है। जौनपुर रोडवेज डिपो से 85 बसों का संचालन होता है। इसमें 15 बसें निदेशालय में सरेंडर हैं। वर्तमान समय में रोडवेज डिपो में कुल 70 बसें उपलब्ध हैं। इनका संचालन लखनऊ, प्रयागराज, सुल्तानपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, वाराणसी के लिए होता है। इन बसों से प्रतिदिन करीब 14 से 15 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। जिससे रोज साढ़े आठ लाख से लेकर नौ लाख रुपये तक रोडवेज को इनकम हो जाती थी, लेकिन इस समय कोरोना के कारण यात्रियों का आवागमन काफी कम हो गया है। जिससे रोडवेज से रोज 15 से 20 बसों का ही संचालन ही विभिन्न स्थानों के लिए हो पा रहा है। जिससे रोज मात्र ढाई से तीन लाख रुपये आय हो रही है। ऐसे में प्रतिदिन छह लाख रुपये का घाटा हो रहा है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज विजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना के कारण यात्री काफी कम आ रहे हैं। जिससे प्रतिदिन मात्र 15 से 20 बसों का ही संचालन हो रहा है। इस दौरान मात्र ढाई से तीन लाख रुपये ही आय हो पा रही है। इसके पहले डिपो को प्रतिदिन साढ़े आठ से नौ लाख रुपये की आय होती थी। रोजाना करीब छह लाख रुपये का घाटा रोडवेज डिपो को हो रहा है।
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एक साल से 15 बसें हैं निदेशालय में सरेंडर
जौनपुर। कोरोना के कारण एक ओर जहां रोडवेज को घाटा हो रहा है, वहीं अभी भी 15 बसें निदेशालय में एक साल से सरेंडर है। जो अभी तक रोडवेज डिपो में नहीं आ पाई हैं। ये सभी बसें पिछले साल कोरोना के पहले चरण के दौरान निदेशालय में सरेंडर की गई थीं।
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जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। आए दिन काफी संख्या में नए केस मिल रहे हैं। इसका असर रोडवेज की आय पर भी पड़ रहा है। जौनपुर रोडवेज डिपो से 85 बसों का संचालन होता है। इसमें 15 बसें निदेशालय में सरेंडर हैं। वर्तमान समय में रोडवेज डिपो में कुल 70 बसें उपलब्ध हैं। इनका संचालन लखनऊ, प्रयागराज, सुल्तानपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, वाराणसी के लिए होता है। इन बसों से प्रतिदिन करीब 14 से 15 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। जिससे रोज साढ़े आठ लाख से लेकर नौ लाख रुपये तक रोडवेज को इनकम हो जाती थी, लेकिन इस समय कोरोना के कारण यात्रियों का आवागमन काफी कम हो गया है। जिससे रोडवेज से रोज 15 से 20 बसों का ही संचालन ही विभिन्न स्थानों के लिए हो पा रहा है। जिससे रोज मात्र ढाई से तीन लाख रुपये आय हो रही है। ऐसे में प्रतिदिन छह लाख रुपये का घाटा हो रहा है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज विजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना के कारण यात्री काफी कम आ रहे हैं। जिससे प्रतिदिन मात्र 15 से 20 बसों का ही संचालन हो रहा है। इस दौरान मात्र ढाई से तीन लाख रुपये ही आय हो पा रही है। इसके पहले डिपो को प्रतिदिन साढ़े आठ से नौ लाख रुपये की आय होती थी। रोजाना करीब छह लाख रुपये का घाटा रोडवेज डिपो को हो रहा है।
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एक साल से 15 बसें हैं निदेशालय में सरेंडर
जौनपुर। कोरोना के कारण एक ओर जहां रोडवेज को घाटा हो रहा है, वहीं अभी भी 15 बसें निदेशालय में एक साल से सरेंडर है। जो अभी तक रोडवेज डिपो में नहीं आ पाई हैं। ये सभी बसें पिछले साल कोरोना के पहले चरण के दौरान निदेशालय में सरेंडर की गई थीं।
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