करंजाकला। सिद्धीकपुर का निर्माणाधीन उमानाथ सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य बंद हो गया, जिसमें श्रमिकों का करोड़ों रुपए की प्राथमिक भुगतान नहीं की गई। उधर शासन की आरे से स्वीकृति 80 करोड़ रूपये का बजट भी जिम्मेदारों की लापरवाही से अधर में लटक गया है। सिद्धिकपुर का उमानाथ सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही बंद हो गया, जिससे एडमिन भवन, ऑडिटोरियम, टीचिंग रूम, एकेडमिक, प्लेग्राउंड, गेस्ट हाउस, जूनियर सीनियर रेजिडेंस बॉयज एंड गर्ल्स हॉस्टल समेत 32 भवन आधे अधूरे बने पड़े हैं। श्रमिकों ने करोड़ों रुपए प्राश्रमिक बकाया होने के चलते काम का बहिष्कार कर दिया है। श्रमिक भुगतान के लिए निर्माण एजेंसी के अफसरों पर चक्कर लगा रहे हैं और ठेकेदार कंक्रीट के बकाए के भुगतान के लिए निर्माण एजेंसी के जिम्मेदारों से नोकझोंक भी किया । विगत महीने शासन ने मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए 80 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत की थी, लेकिन कालेज निर्माण एजेंसी का कहना है कि यह बजट अभी तक प्राप्त नहीं हो सका है,जिसके चलते श्रमिकों व ठेकेदारों का भुगतान करोड़ों रुपए लटका हुआ है। निर्माण कार्य बन्द होने से भवन अधर में लटक गया है। बता दें कि चुनावी आचार संहिता लगते ही पूरी तरह से काम बन्द हो गया। निर्माण इकाई राजकीय निर्माण निगम ने टेन्डर टोकन पर टाटा निर्माण एजेंसी को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी थी ,लेकिन टाटा निर्माण एजेंसी को भुगतान नहीं मिला ।जिसके चलते वह भी श्रमिकों के भुगतान में हाथ खड़े कर दिए। जिसके कारण श्रमिकों के खाने के लाले पड़ गए ।उधर निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप होने से ठेकेदारो ने आक्रोश जताते हुए धरने की चेतावनी दी। आरके सिंह, एई, राजकीय निर्माण निगम ने बताया कि बजट नहीं मिलने के चलते निर्माणाधीन मेडिकल कालेज का निर्माण कार्य बंद हुआ है। शासन ने 80 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था, लेकिन प्रधानाचार्य की लापरवाही से वह अभी तक नहीं मिल पाया है। बजट नहीं मिलने से टाटा निर्माण एजेंसी ने श्रमिकों का भुगतान नहीं किया है, जिसके चलते समस्या खड़ी हो गई।