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कालेजों से परीक्षा केंद्र के लिए मांगे विकल्प
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 08 Feb 2015 11:00 PM IST
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने सत्र 2014-15 की मुख्य परीक्षा के लिए निजी कालेजों से परीक्षा के लिए तीन विकल्प मांगा है।
कालेजों द्वारा दिए गए विकल्प को प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हीं केंद्रों में किसी एक को एलाट किया जाएगा। सभी निजी कालेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
जो कालेज परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे उनके छात्र नजदीक के ही किसी केंद्र पर परीक्षा देंगे। ऐसे में कालेजों को अपने नजदीक के तीन परीक्षा केंद्रों का नाम देना होगा।
विश्वविद्यालय की परीक्षाएं दस मार्च से प्रस्तावित हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार करने और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। पिछले वर्ष के दागी इस बार परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे।
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विश्वविद्यालय से चार जनपदों जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ और इलाहाबाद के करीब 475 महाविद्यालय संबद्ध हैं। इन कालेजों में स्नातक और परास्नातक के करीब 4.70 लाख छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
वित्तपोषित कालेजों की संख्या कम होने के कारण विश्वविद्यालय एडेड कालेजों के साथ वित्तविहीन महाविद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र बनाता है। जिन कालेजों की छवि अच्छी है उन्हें ही परीक्षा केंद्र बनाया जाता है।
दागी कालेजों का परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाता है। विश्वविद्यालय की प्राथमिकता होती है कि परीक्षा केंद्र ऐसी जगह बनाया जाए जहां छात्र आसानी से पहुंच सकें। साथ ही उस कालेज की छवि भी ठीक-ठाक हो। मुख्य परीक्षाएं दस मार्च से शुरू हो रही हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन निजी कालेजों को लेटर जारी कर उनसे परीक्षा केंद्र के लिए तीन विकल्प मांगा है। तीन विकल्प में से जिस महाविद्यालय की छवि अच्छी होगी उसे ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।
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कालेजों द्वारा दिए गए विकल्प को प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हीं केंद्रों में किसी एक को एलाट किया जाएगा। सभी निजी कालेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
जो कालेज परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे उनके छात्र नजदीक के ही किसी केंद्र पर परीक्षा देंगे। ऐसे में कालेजों को अपने नजदीक के तीन परीक्षा केंद्रों का नाम देना होगा।
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विश्वविद्यालय की परीक्षाएं दस मार्च से प्रस्तावित हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार करने और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। पिछले वर्ष के दागी इस बार परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे।
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विश्वविद्यालय से चार जनपदों जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ और इलाहाबाद के करीब 475 महाविद्यालय संबद्ध हैं। इन कालेजों में स्नातक और परास्नातक के करीब 4.70 लाख छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
वित्तपोषित कालेजों की संख्या कम होने के कारण विश्वविद्यालय एडेड कालेजों के साथ वित्तविहीन महाविद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र बनाता है। जिन कालेजों की छवि अच्छी है उन्हें ही परीक्षा केंद्र बनाया जाता है।
दागी कालेजों का परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाता है। विश्वविद्यालय की प्राथमिकता होती है कि परीक्षा केंद्र ऐसी जगह बनाया जाए जहां छात्र आसानी से पहुंच सकें। साथ ही उस कालेज की छवि भी ठीक-ठाक हो। मुख्य परीक्षाएं दस मार्च से शुरू हो रही हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन निजी कालेजों को लेटर जारी कर उनसे परीक्षा केंद्र के लिए तीन विकल्प मांगा है। तीन विकल्प में से जिस महाविद्यालय की छवि अच्छी होगी उसे ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।